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Bilaspur News: चिट्टा मुक्त हिमाचल बनाने को युवाओं ने लिया संकल्प
Mon, 18 May 2026 11:22 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Mon, 18 May 2026 11:22 PM IST
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घुमारवीं में आयोजित आयोजित युवा संवाद में मौजूद बच्चे व संस्था के सदस्य। स्रोत: संस्था
घुमारवीं में युवा संवाद कार्यक्रम, काउंसलिंग अभियान चलाने पर जोर
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। संस्कार संस्था की ओर चलाए जा रहे घुमारवीं अगेंस्ट चिट्टा अभियान के तहत आयोजित युवा संवाद, चर्चा एवं संकल्प परिचर्चा में युवाओं और छात्रों ने चिट्ठा मुक्त हिमाचल बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में युवाओं ने नशे के बढ़ते प्रभाव, इसके कारणों और समाधान पर खुलकर चर्चा की और इस अभियान को घर-घर तक पहुंचाने का निर्णय लिया।
परिचर्चा के दौरान चिट्टा के शारीरिक और मानसिक दुष्प्रभावों पर विस्तार से चर्चा हुई। युवाओं ने कहा कि नशे की आसान उपलब्धता सबसे बड़ा खतरा बन चुकी है और इसे रोकने के लिए सरकार को सख्त कदम उठाने होंगे। छात्रों ने यह भी कहा कि आज बच्चों में डर और अनुशासन की कमी समाज के लिए चिंता का विषय बनती जा रही है। संस्था के संस्थापक महेंद्र धर्माणी ने कहा कि संस्था ने पिछले माह सोशल मीडिया प्रतियोगिता के माध्यम से युवाओं और महिलाओं को इस अभियान से जोड़ने की शुरुआत की थी। अब इसे आगे बढ़ाते हुए गांव स्तर पर छोटी-छोटी बैठकें और संगोष्ठियां आयोजित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि युवाओं के सुझावों के अनुसार अभिभावकों और बच्चों की अलग-अलग काउंसलिंग भी जरूरी है, जिसके लिए संस्था विशेष कार्यक्रम आयोजित करेगी। युवाओं ने सुझाव दिया कि जो लोग नशे की गिरफ्त से बाहर निकल चुके हैं, उन्हें भी इस अभियान से जोड़कर समाज के सामने सकारात्मक उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया जाना चाहिए। कार्यक्रम में भावना गौतम, सरनया, साधना गौतम, अंकिता धीमान, पूजा, शिवानी, अनु, हर्षिता, अचिंत्या, अद्वितीय, पल्लवी रातवान और दीक्षा सहित कई युवाओं ने भाग लिया। इस अवसर पर संस्था के महासचिव डॉ. तिलक राज, केएस वर्मा, ओम दत्त, डॉ. पुष्प राज, कार्यक्रम संयोजक शिवम धर्माणी, मदन कांत और रितेश भी मौजूद रहे।
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घुमारवीं (बिलासपुर)। संस्कार संस्था की ओर चलाए जा रहे घुमारवीं अगेंस्ट चिट्टा अभियान के तहत आयोजित युवा संवाद, चर्चा एवं संकल्प परिचर्चा में युवाओं और छात्रों ने चिट्ठा मुक्त हिमाचल बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में युवाओं ने नशे के बढ़ते प्रभाव, इसके कारणों और समाधान पर खुलकर चर्चा की और इस अभियान को घर-घर तक पहुंचाने का निर्णय लिया।
परिचर्चा के दौरान चिट्टा के शारीरिक और मानसिक दुष्प्रभावों पर विस्तार से चर्चा हुई। युवाओं ने कहा कि नशे की आसान उपलब्धता सबसे बड़ा खतरा बन चुकी है और इसे रोकने के लिए सरकार को सख्त कदम उठाने होंगे। छात्रों ने यह भी कहा कि आज बच्चों में डर और अनुशासन की कमी समाज के लिए चिंता का विषय बनती जा रही है। संस्था के संस्थापक महेंद्र धर्माणी ने कहा कि संस्था ने पिछले माह सोशल मीडिया प्रतियोगिता के माध्यम से युवाओं और महिलाओं को इस अभियान से जोड़ने की शुरुआत की थी। अब इसे आगे बढ़ाते हुए गांव स्तर पर छोटी-छोटी बैठकें और संगोष्ठियां आयोजित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि युवाओं के सुझावों के अनुसार अभिभावकों और बच्चों की अलग-अलग काउंसलिंग भी जरूरी है, जिसके लिए संस्था विशेष कार्यक्रम आयोजित करेगी। युवाओं ने सुझाव दिया कि जो लोग नशे की गिरफ्त से बाहर निकल चुके हैं, उन्हें भी इस अभियान से जोड़कर समाज के सामने सकारात्मक उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया जाना चाहिए। कार्यक्रम में भावना गौतम, सरनया, साधना गौतम, अंकिता धीमान, पूजा, शिवानी, अनु, हर्षिता, अचिंत्या, अद्वितीय, पल्लवी रातवान और दीक्षा सहित कई युवाओं ने भाग लिया। इस अवसर पर संस्था के महासचिव डॉ. तिलक राज, केएस वर्मा, ओम दत्त, डॉ. पुष्प राज, कार्यक्रम संयोजक शिवम धर्माणी, मदन कांत और रितेश भी मौजूद रहे।
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