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Bilaspur News: तू ही बता भगवन गरीबी क्यूं तड़पाती है...

Mon, 08 Apr 2024 11:57 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 08 Apr 2024 11:57 PM IST
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You tell me God why poverty hurts...
-कला गोष्ठी में साहित्यकारों ने बांधा समा
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। कल्याण कला मंच बिलासपुर की कला कलम गोष्ठी का आयोजन दनोह में किया गया। इस गोष्ठी में मंच के कलाकारों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कर समा बांधा। गोष्ठी की अध्यक्षता सुशील पुंडीर, डॉ. हेमा ठाकुर और जीत राम सुमन ने की।

गोष्ठी का शुभारंभ कविता सिसोदिया ने अपनी कविता होते हैं नन्हे मुन्ने बालक फूलों से भी प्यारे से किया। इसके बाद कुमारी पूजा ने गीत डुगी डुगी नदियां, बडी तेज धारां हो पत्तने देआ तारुआ, कुमारी आशा ने तू ही बता भगवन गरीबी क्यूं तड़पाती है, वयोवृद्ध चिंतक राम पाल डोगरा ने मैं साहित्यकार नहीं, लोक गायक लस्करी राम ने भला ओ बाबा कालेआ तेरी कुटिया हनुमान टीले, सीता जसवाल ने आते हैं जब त्योहार खुशी की लहर छा जाती है, वयोवृद्ध गायिका चिंता देवी भारद्वाज ने गीत सो जा सो जा कृष्ण कन्हैया तेरा पालणा झुलावे जसोधा, हास्य कवियत्रि बीना वर्धन ने कद्दू खाणा ना घिया खाणा ना खाणा जमिकंद कियां औणी जियुणे री नंद कविता प्रस्तुत की। रविंद्र कुमार शर्मा ने सुबह शाम करें सूर्य नमस्कार, वाइस ऑफ माउंटेन रविंद्र कमल चंदेल ने गीत यही मैं गाता हूं गीत यही मैं गाता रहूंगा, कर्मवीर कंडेरा ने आपके आने से महफिल में बहार आ गई, अमरनाथ धीमान ने सोहणी सनक्खी ये बंदले री धार, कवयित्री मोनिका ने पल भर बई लेना बई लेना ओ जिंदे, नन्ही कौशिकी ने कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती, राहियां की भजन गायिका जमना देवी ने हरि दिया सरना च आई जा ओ बंदेआ एहडा ठिकाणा नहीं ओ मिलणा, कल्लर की तृप्ता कौर मुसाफिर ने बाल कविता चुन्नू मुन्नू प्यारा प्यारा उठ जा मेरा राज दुलारा, बामटा के सुरेंद्र मिन्हास ने अम्मा मेरा बड़ा ख्याल रखदी सुत्तुरे जो बी पले पले ढक्कदी कविता प्रस्तुत की। जीत राम सुमन ने किताबें करती हैं बातें बीते पलों की, डॉ. हेमा देवी ठाकुर ने बहुत सुंदर मंच है प्यारा सा गुलदस्ता है हर फूल न्यारा सा और अंत में सुशील पुंडीर ने कार्यक्रम के सभी प्रतिभागियों की रचनाओं की समीक्षा की और अपनी हास्य रचना यूं कही ओ मुइये फु लमू मत बण तू एड्डी जुलमू सुना कर सबको खूब हंसाया। इस मौके पर तृप्ता कौर अमरनाथ धीमान मौजूद रहे।
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