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Bilaspur News: सीर उत्सव की स्मारिका के लिए साहित्यकार भेजें मौलिक रचनाएं
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जल के शाश्वत स्रोत एवं प्रकृति संरक्षण रखा विषय, 20 सितंबर तक भेज सकेंगे लेख और कविताएं
हिंदी या कहलूरी भाषा में भेज सकेंगे रचनाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। सीर उत्सव-2026 के अवसर पर प्रकाशित होने वाली स्मारिका के लिए जिला बिलासपुर के लेखकों, कवियों और साहित्यकारों से मौलिक रचनाएं आमंत्रित की गई हैं। दो और तीन अक्तूबर को घुमारवीं में होने वाले उत्सव की स्मारिका का मुख्य विषय जल के शाश्वत स्रोत एवं प्रकृति संरक्षण रखा गया है। इसके तहत साहित्यकार जल संरक्षण, प्राकृतिक जलस्रोतों और पर्यावरण से जुड़े विषयों पर अपने लेख और कविताएं भेज सकते हैं।
उपमंडलाधिकारी घुमारवीं अभिषेक बरवाल ने बताया कि सीर उत्सव क्षेत्र की लोक संस्कृति, परंपराओं, साहित्य और सामाजिक सरोकारों को मंच देने वाला आयोजन है। स्मारिका के माध्यम से स्थानीय लेखकों और साहित्यकारों को अपनी रचनात्मकता प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने जिले के साहित्यकारों से अधिक से अधिक संख्या में रचनाएं भेजने का आग्रह किया।
उन्होंने बताया कि इच्छुक साहित्यकार हिंदी अथवा कहलूरी भाषा में लिखित मौलिक रचनाएं 20 सितंबर तक भेज सकते हैं। प्राप्त रचनाओं का चयन गठित समिति करेगी। समिति द्वारा चयनित लेख और कविताओं को सीर उत्सव-2026 की स्मारिका में प्रकाशित किया जाएगा। एसडीएम ने कहा कि प्राकृतिक जल स्रोत जीवन-व्यवस्था का आधार होने के साथ हिमाचल की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान से भी जुड़े हैं। पर्यावरण में हो रहे बदलाव और जल स्रोतों पर बढ़ते दबाव के बीच इनके संरक्षण के लिए जागरूकता जरूरी है। साहित्य इस संदेश को लोगों तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन सकता है। उन्होंने साहित्यकारों से जल संरक्षण, प्राकृतिक और पारंपरिक जल स्रोतों के महत्व, पर्यावरण संरक्षण और भावी पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखने जैसे विषयों पर रचनाएं भेजने का आग्रह किया है। रचनाएं भेजने और अन्य जानकारी के लिए डॉ. राजेश कुमार से मोबाइल नंबर 94183-76502, कार्यालय उपमंडलाधिकारी (नागरिक), घुमारवीं के दूरभाष 01978-255227 या ई-मेल sdmghu-bil-hp@ nic.in पर संपर्क किया जा सकता है।
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हिंदी या कहलूरी भाषा में भेज सकेंगे रचनाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। सीर उत्सव-2026 के अवसर पर प्रकाशित होने वाली स्मारिका के लिए जिला बिलासपुर के लेखकों, कवियों और साहित्यकारों से मौलिक रचनाएं आमंत्रित की गई हैं। दो और तीन अक्तूबर को घुमारवीं में होने वाले उत्सव की स्मारिका का मुख्य विषय जल के शाश्वत स्रोत एवं प्रकृति संरक्षण रखा गया है। इसके तहत साहित्यकार जल संरक्षण, प्राकृतिक जलस्रोतों और पर्यावरण से जुड़े विषयों पर अपने लेख और कविताएं भेज सकते हैं।
उपमंडलाधिकारी घुमारवीं अभिषेक बरवाल ने बताया कि सीर उत्सव क्षेत्र की लोक संस्कृति, परंपराओं, साहित्य और सामाजिक सरोकारों को मंच देने वाला आयोजन है। स्मारिका के माध्यम से स्थानीय लेखकों और साहित्यकारों को अपनी रचनात्मकता प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने जिले के साहित्यकारों से अधिक से अधिक संख्या में रचनाएं भेजने का आग्रह किया।
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उन्होंने बताया कि इच्छुक साहित्यकार हिंदी अथवा कहलूरी भाषा में लिखित मौलिक रचनाएं 20 सितंबर तक भेज सकते हैं। प्राप्त रचनाओं का चयन गठित समिति करेगी। समिति द्वारा चयनित लेख और कविताओं को सीर उत्सव-2026 की स्मारिका में प्रकाशित किया जाएगा। एसडीएम ने कहा कि प्राकृतिक जल स्रोत जीवन-व्यवस्था का आधार होने के साथ हिमाचल की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान से भी जुड़े हैं। पर्यावरण में हो रहे बदलाव और जल स्रोतों पर बढ़ते दबाव के बीच इनके संरक्षण के लिए जागरूकता जरूरी है। साहित्य इस संदेश को लोगों तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन सकता है। उन्होंने साहित्यकारों से जल संरक्षण, प्राकृतिक और पारंपरिक जल स्रोतों के महत्व, पर्यावरण संरक्षण और भावी पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखने जैसे विषयों पर रचनाएं भेजने का आग्रह किया है। रचनाएं भेजने और अन्य जानकारी के लिए डॉ. राजेश कुमार से मोबाइल नंबर 94183-76502, कार्यालय उपमंडलाधिकारी (नागरिक), घुमारवीं के दूरभाष 01978-255227 या ई-मेल sdmghu-bil-hp
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