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Bilaspur News: क्षेत्रीय अस्पताल में एक एमडी मेडिसिन के सहारे चल रहा काम

Thu, 08 Jan 2026 11:23 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Thu, 08 Jan 2026 11:23 PM IST
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Work is going on in the regional hospital with the help of an MD Medicine
क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर मेडिसिन ओपीडी के बाहर  खड़े विभिन्न क्षेत्रों से मरीज। संवाद
अवकाश, वीआईपी ड्यूटी के दिन मरीजों को होना पड़ता है परेशान
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मेडिसिन ओपीडी में 100 के करीब पहुंचते है मरीज

संवाद न्यूज एजेंसी

बिलासपुर। क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में मेडिसिन विभाग की स्थिति इन दिनों चिंताजनक बनी हुई है। जिला अस्पताल होने के बावजूद यहां मेडिसिन विभाग में केवल एक ही एमडी मेडिसिन चिकित्सक तैनात है, जबकि रोजाना ओपीडी में करीब 100 से अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। ऐसे में चिकित्सक के अवकाश या वीआईपी ड्यूटी पर चले जाने की स्थिति में मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।


दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीज घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी चिकित्सक नहीं मिल पाता है। कई बार मरीजों को बिना जांच के ही वापस लौटना पड़ता है, तो कई को मजबूरी में निजी अस्पतालों और क्लीनिकों में दिखाना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मेडिसिन विभाग जिला अस्पताल की रीढ़ है, क्योंकि सबसे अधिक मरीज इसी विभाग में आते हैं, लेकिन यहां स्टाफ की भारी कमी है। अस्पताल में कुल 24 चिकित्सक सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन मेडिसिन जैसे महत्वपूर्ण विभाग में एक ही विशेषज्ञ पर पूरा दारोमदार होना व्यवस्था की कमजोरी को उजागर करता है। मरीजों का कहना है कि यदि एक चिकित्सक किसी कारणवश अनुपस्थित रहता है, तो पूरा सिस्टम चरमरा जाता है। बुजुर्ग, गंभीर रोगी और आपात स्थिति वाले मरीजों को सबसे अधिक दिक्कत होती है। सिर्फ मेडिसिन ही नहीं, सर्जरी विभाग की हालत भी कुछ बेहतर नहीं है। यहां दो सर्जन के पद स्वीकृत हैं, लेकिन फिलहाल एक ही सर्जन कार्यरत है। इसका सीधा असर ऑपरेशन सेवाओं पर पड़ रहा है। कई मरीजों के ऑपरेशन टल जाते हैं, जिससे उनकी बीमारी और गंभीर हो जाती है। इसके अलावा अस्पताल में लंबे समय से रेडियोलॉजिस्ट का पद खाली पड़ा है। अल्ट्रासाउंड जैसी जरूरी जांच के लिए मरीजों को निजी क्लीनिकों में जाना पड़ रहा है, जहां उन्हें भारी-भरकम फीस चुकानी पड़ती है। आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए यह स्थिति और भी कष्टदायक है। इस संबंध में चिकित्सा अधीक्षक बिलासपुर डॉ. एके सिंह ने बताया कि खाली पदों को भरने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्राचार के माध्यम से समय-समय पर अवगत करवाया जा रहा है।
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