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चिकित्सक की सलाह के बिना किसी भी दवाई का उपयोग हानिकारक
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जबली जेल में जेल आयोतिज जागरुकता शिविर के दौरान बैठे कैदी।संवाद
- फोटो : BILASPUR
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बिलासपुर। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग बिलासपुर के सूचना, शिक्षा एवं संप्रेषण ब्यूरो की ओर से स्वास्थ्य विभाग बिलासपुर के सौजन्य से जबली जेल में अंतरराष्ट्रीय दवा दुरुपयोग एवं मादक द्रव्यों की अवैध तस्करी निषेध दिवस मनाया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जेल अधीक्षक भूपेंद्र ने की।
उन्होंने कहा कि आज युवा बुरी संगत में और दबाव में आकर शान, अनुभव और प्रयोग की चाहत से या असफलता से बचने के लिए खुद को निकम्मा अथवा किसी भी काम के योग्य न समझने पर या किसी अन्य कारणों से तंबाकू, शराब, भांग, कोकीन और अफीम आदि लेना शुरू कर देते हैं। आरंभ में मानसिक आनंद, अनुभव या झूठे सहारे के रूप में इसे शुरू कर देते हैं बाद में शारीरिक निर्भरता वश छोड़ नहीं पाते और नशे के आदी हो जाते हैं। कहा कि स्वास्थ्य संगठन की ओर से इस वर्ष का थीम शेयर फैक्टर एंड ऑन ड्रग्स सेव लाइफ है। उन्होंने जेल में बंद कैदियों को बताया कि अपनी मर्जी से दवाई का सेवन कभी न करें। मर्जी की दवाई खाना शरीर के लिए अत्यंत हानिकारक है।
स्वास्थ्य शिक्षक ने कहा कि किसी को भी दवा के प्रयोग से पहले डॉक्टरी सलाह लेना आवश्यक है। क्योंकि इसके दुष्प्रभाव का पता डॉक्टर को भलीभांति होता है। दवाओं की अवैध बिक्री और तस्करी पर रोक लगाना समाज और बुद्धिजीवी लोगों का कर्तव्य बनता है। इस कार्यक्रम में लगभग 200 व्यक्तियों ने भाग लिया और उन्हें जलपान की व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग की तरफ करवाई गई।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता जेल अधीक्षक भूपेंद्र ने की।
उन्होंने कहा कि आज युवा बुरी संगत में और दबाव में आकर शान, अनुभव और प्रयोग की चाहत से या असफलता से बचने के लिए खुद को निकम्मा अथवा किसी भी काम के योग्य न समझने पर या किसी अन्य कारणों से तंबाकू, शराब, भांग, कोकीन और अफीम आदि लेना शुरू कर देते हैं। आरंभ में मानसिक आनंद, अनुभव या झूठे सहारे के रूप में इसे शुरू कर देते हैं बाद में शारीरिक निर्भरता वश छोड़ नहीं पाते और नशे के आदी हो जाते हैं। कहा कि स्वास्थ्य संगठन की ओर से इस वर्ष का थीम शेयर फैक्टर एंड ऑन ड्रग्स सेव लाइफ है। उन्होंने जेल में बंद कैदियों को बताया कि अपनी मर्जी से दवाई का सेवन कभी न करें। मर्जी की दवाई खाना शरीर के लिए अत्यंत हानिकारक है।
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स्वास्थ्य शिक्षक ने कहा कि किसी को भी दवा के प्रयोग से पहले डॉक्टरी सलाह लेना आवश्यक है। क्योंकि इसके दुष्प्रभाव का पता डॉक्टर को भलीभांति होता है। दवाओं की अवैध बिक्री और तस्करी पर रोक लगाना समाज और बुद्धिजीवी लोगों का कर्तव्य बनता है। इस कार्यक्रम में लगभग 200 व्यक्तियों ने भाग लिया और उन्हें जलपान की व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग की तरफ करवाई गई।
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