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Bilaspur News: जहां डाल डाल पर सोने की चिड़िया करती है बसेरा... गाने पर झूमे बच्चे
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-अनुशासन बच्चों में शिष्टाचार और उनके व्यक्तित्व को निखारने में करता है मदद : सुरेश
-शिवा स्कूल घुमारवीं में मनाया दूसरा वार्षिक समारोह
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। शिवा इंटरनेशनल स्कूल घुमारवीं में दूसरा वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह रविवार को मनाया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने पहाड़ी नाटी, योग, समूह नृत्य, भंगड़ा, महाभारत और अन्य कार्यक्रम प्रस्तुत किए। समारोह में मेधावियों को सम्मानित किया गया।
समारोह में विद्यार्थियों ने स्वागत गीत, सरस्वती वंदना, स्कूल गीत, एलुमनी एंड अकादमिक अचीवमेंट, जहां डाल डाल पर सोने की चिड़िया करती है बसेरा, गंगा एक्ट, धरती सुनहरी अंबर नीला, देश निराला, राम चंद्र कह गए सिया से और अन्य गीतों पर नृत्य किया। समारोह में कक्षा दसवीं के चार, कक्षा बारहवीं के विभिन्न संकाय के विद्यार्थियों और सैनिक स्कूल के लिए चयनित विद्यार्थियों को शिवा एजुकेशन सोसाइटी द्वारा सम्मानित किया गया। साथ ही बाल विज्ञान सम्मेलन में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया। समारोह में हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला से सेवानिवृत्त अध्यक्ष सुरेश सोनी ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। प्रधानाचार्य डॉ. शिल्पा गोयल ने स्कूल की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि स्कूल में भारतीय भाषा उत्सव प्रोग्राम के तहत बच्चों को अन्य राज्यों की भाषा, संस्कृति से अवगत कराया जा रहा है। मुख्य अतिथि ने कहा कि बच्चे हमारे देश का भविष्य हैं। उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देकर हर क्षेत्र में आने वाली कठिनाइयों से निपटने के लिए तैयार किया जा सकता है। ताकि वह देश के विकास में अपना अमूल्य योगदान दे सकें। उन्होंने कहा कि अनुशासन न सिर्फ बच्चों को शिष्टाचार सिखाता है, बल्कि उनके व्यक्तित्व को भी निखारने में मदद करता है। उन्होंने कहा कि गुरु को हमारे समाज की महत्वपूर्ण संस्था माना जाता है। वह बच्चों को ज्ञान और संस्कार देते हैं। गुरु अपने शिष्यों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। गुरु के दिए संस्कार शिष्य को आगे बढ़ने में मददगार साबित होते हैं। शिवा समिति के प्रबंधक निदेशक इं. पुरुषोतम शर्मा ने कहा कि परिजनों के विश्वास से ही संस्थान आगे बढ़ रहा है। उन्होंने सभी को समारोह के सफल आयोजन पर बधाई दी। इस अवसर पर विशिष्ठ अतिथि के रूप में एसडीएम गगरेट शशिपाल शर्मा, डीएसपी सरकाघाट संजीव गौतम, डीएवी स्कूल बरमाणा के प्रधानाचार्य सुनील गांगटा, शिव शक्ति कान्वेंट स्कूल कसारू की प्रधानाचार्य निर्मला देवी, चेतना संस्था के कार्यकारी निर्देशक विनोद कुमार और अन्य मौजूद रहे।
इन विद्यार्थियों को किया सम्मानित
नव्या, अनिरुद्ध शर्मा, अश्लेषा, अनन्या, पीयूष, यशस्वी, मंदिशा, आराध्य, कृष, अक्षिता, शान्वी, कृतिका, अथर्व, शिवांकर, सृष्टि, अर्णव, क्रियांश, पार्थ, राघव, वाटिका, अर्तिका, रेनीष, अनवी, मानवी, अदिती, अक्षिता, स्वस्तिक, तेजस्वी, दिव्यांश, काव्या, मयंक, नाविका, प्रणव, आयुषी, भुवनेश, दिव्यांशी, महक, मर्यादा, सूर्यांश, योजित, सृष्टि, युवान, शगुन, शौर्य, सुहानी, आदित्या, आर्यन, अक्षित, अनु, आद्य, अहाना, अमोलिकए, अंशिका, मन्नन, अर्णव, आरुष, गरिमा, मान्या, परीक्षित, रणविजय, देवांशी, इवा, सूजन, एंजेल, आयुष, प्रांजल, ऋषिका, अक्षरा, मनीष, पारुल, काव्यांश, लेखा, पर्निका, शंभवी, गरगी, राहत, श्रीतिज, अजय, लोविष, शिव, गौरव, रोहिणी, सुहानी, सोनल, अनीश, धैर्य, कामना, पुनर्नवा, तन्वी, अभिमन्यु, आदित्य, अक्षित, कनिका, पृथिका, स्वाति, इश्मिता, नेहा, वेदांश, दीक्षा, अभय, कृषिता, ओसीन, भावना, काजल, प्रियांशी, अर्पिता, खुशी, अभिषेक, अखिल, अमित, अर्जुन, दक्ष, दृशान्त, प्रणव, रेहान, श्याम, शुभकरण, विशाल, रिषव, अमरजीत, अनीशा, उज्ज्वल, मृदुल, निखिल, सार्थक, चेतन्य, परीक्षित, बेमेल, मृदुल, कशिश, शिवम, अंश, कार्तिक, दिव्यम, अपूर्व, संचित, विभा, हर्षित, प्रांशुल, प्रदुमन, कृषिव, अभिजीत, दिव्यम, गौरी, गरिमा, सुजल, श्रयसी, सुहानी, आराध्य, हर्षिता, सोहम, भावना, नव्या, मंदिशा, हनीश, सुमेध, अरात्रिका ठाकुर को सम्मानित किया गया।
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-शिवा स्कूल घुमारवीं में मनाया दूसरा वार्षिक समारोह
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। शिवा इंटरनेशनल स्कूल घुमारवीं में दूसरा वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह रविवार को मनाया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने पहाड़ी नाटी, योग, समूह नृत्य, भंगड़ा, महाभारत और अन्य कार्यक्रम प्रस्तुत किए। समारोह में मेधावियों को सम्मानित किया गया।
समारोह में विद्यार्थियों ने स्वागत गीत, सरस्वती वंदना, स्कूल गीत, एलुमनी एंड अकादमिक अचीवमेंट, जहां डाल डाल पर सोने की चिड़िया करती है बसेरा, गंगा एक्ट, धरती सुनहरी अंबर नीला, देश निराला, राम चंद्र कह गए सिया से और अन्य गीतों पर नृत्य किया। समारोह में कक्षा दसवीं के चार, कक्षा बारहवीं के विभिन्न संकाय के विद्यार्थियों और सैनिक स्कूल के लिए चयनित विद्यार्थियों को शिवा एजुकेशन सोसाइटी द्वारा सम्मानित किया गया। साथ ही बाल विज्ञान सम्मेलन में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया। समारोह में हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला से सेवानिवृत्त अध्यक्ष सुरेश सोनी ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। प्रधानाचार्य डॉ. शिल्पा गोयल ने स्कूल की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि स्कूल में भारतीय भाषा उत्सव प्रोग्राम के तहत बच्चों को अन्य राज्यों की भाषा, संस्कृति से अवगत कराया जा रहा है। मुख्य अतिथि ने कहा कि बच्चे हमारे देश का भविष्य हैं। उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देकर हर क्षेत्र में आने वाली कठिनाइयों से निपटने के लिए तैयार किया जा सकता है। ताकि वह देश के विकास में अपना अमूल्य योगदान दे सकें। उन्होंने कहा कि अनुशासन न सिर्फ बच्चों को शिष्टाचार सिखाता है, बल्कि उनके व्यक्तित्व को भी निखारने में मदद करता है। उन्होंने कहा कि गुरु को हमारे समाज की महत्वपूर्ण संस्था माना जाता है। वह बच्चों को ज्ञान और संस्कार देते हैं। गुरु अपने शिष्यों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। गुरु के दिए संस्कार शिष्य को आगे बढ़ने में मददगार साबित होते हैं। शिवा समिति के प्रबंधक निदेशक इं. पुरुषोतम शर्मा ने कहा कि परिजनों के विश्वास से ही संस्थान आगे बढ़ रहा है। उन्होंने सभी को समारोह के सफल आयोजन पर बधाई दी। इस अवसर पर विशिष्ठ अतिथि के रूप में एसडीएम गगरेट शशिपाल शर्मा, डीएसपी सरकाघाट संजीव गौतम, डीएवी स्कूल बरमाणा के प्रधानाचार्य सुनील गांगटा, शिव शक्ति कान्वेंट स्कूल कसारू की प्रधानाचार्य निर्मला देवी, चेतना संस्था के कार्यकारी निर्देशक विनोद कुमार और अन्य मौजूद रहे।
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इन विद्यार्थियों को किया सम्मानित
नव्या, अनिरुद्ध शर्मा, अश्लेषा, अनन्या, पीयूष, यशस्वी, मंदिशा, आराध्य, कृष, अक्षिता, शान्वी, कृतिका, अथर्व, शिवांकर, सृष्टि, अर्णव, क्रियांश, पार्थ, राघव, वाटिका, अर्तिका, रेनीष, अनवी, मानवी, अदिती, अक्षिता, स्वस्तिक, तेजस्वी, दिव्यांश, काव्या, मयंक, नाविका, प्रणव, आयुषी, भुवनेश, दिव्यांशी, महक, मर्यादा, सूर्यांश, योजित, सृष्टि, युवान, शगुन, शौर्य, सुहानी, आदित्या, आर्यन, अक्षित, अनु, आद्य, अहाना, अमोलिकए, अंशिका, मन्नन, अर्णव, आरुष, गरिमा, मान्या, परीक्षित, रणविजय, देवांशी, इवा, सूजन, एंजेल, आयुष, प्रांजल, ऋषिका, अक्षरा, मनीष, पारुल, काव्यांश, लेखा, पर्निका, शंभवी, गरगी, राहत, श्रीतिज, अजय, लोविष, शिव, गौरव, रोहिणी, सुहानी, सोनल, अनीश, धैर्य, कामना, पुनर्नवा, तन्वी, अभिमन्यु, आदित्य, अक्षित, कनिका, पृथिका, स्वाति, इश्मिता, नेहा, वेदांश, दीक्षा, अभय, कृषिता, ओसीन, भावना, काजल, प्रियांशी, अर्पिता, खुशी, अभिषेक, अखिल, अमित, अर्जुन, दक्ष, दृशान्त, प्रणव, रेहान, श्याम, शुभकरण, विशाल, रिषव, अमरजीत, अनीशा, उज्ज्वल, मृदुल, निखिल, सार्थक, चेतन्य, परीक्षित, बेमेल, मृदुल, कशिश, शिवम, अंश, कार्तिक, दिव्यम, अपूर्व, संचित, विभा, हर्षित, प्रांशुल, प्रदुमन, कृषिव, अभिजीत, दिव्यम, गौरी, गरिमा, सुजल, श्रयसी, सुहानी, आराध्य, हर्षिता, सोहम, भावना, नव्या, मंदिशा, हनीश, सुमेध, अरात्रिका ठाकुर को सम्मानित किया गया।
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