{"_id":"6a4e569a6ad7fbc631024cce","slug":"water-crisis-again-in-sri-naina-devi-taps-dry-for-two-days-bilaspur-news-c-92-1-bls1001-163316-2026-07-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bilaspur News: श्री नयना देवी में फिर जल संकट, दो दिन से सूखे नल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bilaspur News: श्री नयना देवी में फिर जल संकट, दो दिन से सूखे नल
विज्ञापन
लोगों में बढ़ा आक्रोश, 13 अगस्त से शुरू होने हैं श्रावण अष्टमी मेले
पार्षदों व स्थानीय लोगों ने आंदोलन की दी चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
श्री नयना देवी जी (बिलासपुर)। शक्तिपीठ श्री नयना देवी में एक बार फिर पेयजल संकट गहरा गया है। पिछले दो दिनों से क्षेत्र के लोगों को एक बूंद भी पानी नहीं मिलने से स्थानीय निवासियों में भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि पिछले दो महीनों में करीब 25 दिनों तक पेयजल आपूर्ति प्रभावित रही है। कुछ दिन पहले ही दबट पेयजल योजना की पाइपलाइन की मरम्मत के चलते करीब पांच दिन तक जलापूर्ति बंद रही थी और अब फिर आपूर्ति ठप होने से लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं।
लोगों का आरोप है कि सोमवार को विभाग ने उपभोक्ताओं से पानी के बिल तो वसूले, लेकिन अगले ही दिन पेयजल आपूर्ति बंद हो गई। लोगों का कहना है कि हर तीसरे दिन पानी की समस्या खड़ी हो जाती है, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। बाजार क्षेत्र में 24 घंटे में केवल एक घंटे और मंदिर के आसपास 20 से 30 मिनट तक ही पानी की आपूर्ति की जा रही है, जो पर्याप्त नहीं है। वहीं दूसरी ओर पानी के बिलों में लगातार बढ़ोतरी की गई है, जिससे लोगों में रोष और बढ़ गया है।
पार्षद अल केंद्र भूषण, नीना शर्मा, दीक्षा शर्मा और आरती देवी सहित अमित शर्मा, भारत भूषण, गौरव शर्मा, प्रमिला शर्मा, विकास कुमार और कार्तिक शर्मा ने कहा कि यदि विभाग का यही रवैया रहा तो क्षेत्र के लोग आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। उनका कहना है कि पेयजल संकट अब आम समस्या बन चुका है और इसका स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है।
विज्ञापन
लोगों ने बताया कि श्री नयना देवी के लिए करीब 6.5 करोड़ रुपये की लागत से पेयजल योजना बनाई गई थी, जिसके तहत प्रतिदिन दो क्यूसेक पानी उपलब्ध कराने का दावा किया गया था। लोगों का सवाल है कि यदि प्रतिदिन इतनी मात्रा में पानी लिफ्ट किया जा रहा है तो आखिर पानी जा कहां रहा है। उन्होंने योजना की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच की मांग भी उठाई है।
13 अगस्त से शुरू होने वाले श्रावण अष्टमी मेले को लेकर भी लोगों की चिंता बढ़ गई है। मेले के दौरान लाखों श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं और करीब 85 सामाजिक संस्थाओं की ओर से लंगर लगाए जाते हैं। ऐसे में यदि समय रहते पेयजल व्यवस्था नहीं सुधरी तो मेले के दौरान स्थिति और गंभीर हो सकती है।
दबट योजना से दिन के समय सिंचाई के लिए पानी छोड़ा जा रहा है, जबकि रात के समय श्री नयना देवी के लिए पेयजल लिफ्ट किया जाता है। पिछली रात बिजली बाधित होने के कारण पानी कोट तक नहीं पहुंच सका, जहां से इसे नयना देवी के लिए लिफ्ट किया जाता है।
-चमन ठाकुर, सहायक अभियंता
बिजली कटौती के साथ-साथ पाइपलाइन फटने के कारण मरम्मत कार्य करना पड़ा, जिससे पेयजल आपूर्ति बाधित हुई। विभाग जल्द जलापूर्ति सामान्य कर देगा।
-राजेश ठाकुर, कनिष्ठ अभियंता
विज्ञापन
पार्षदों व स्थानीय लोगों ने आंदोलन की दी चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
श्री नयना देवी जी (बिलासपुर)। शक्तिपीठ श्री नयना देवी में एक बार फिर पेयजल संकट गहरा गया है। पिछले दो दिनों से क्षेत्र के लोगों को एक बूंद भी पानी नहीं मिलने से स्थानीय निवासियों में भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि पिछले दो महीनों में करीब 25 दिनों तक पेयजल आपूर्ति प्रभावित रही है। कुछ दिन पहले ही दबट पेयजल योजना की पाइपलाइन की मरम्मत के चलते करीब पांच दिन तक जलापूर्ति बंद रही थी और अब फिर आपूर्ति ठप होने से लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं।
लोगों का आरोप है कि सोमवार को विभाग ने उपभोक्ताओं से पानी के बिल तो वसूले, लेकिन अगले ही दिन पेयजल आपूर्ति बंद हो गई। लोगों का कहना है कि हर तीसरे दिन पानी की समस्या खड़ी हो जाती है, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। बाजार क्षेत्र में 24 घंटे में केवल एक घंटे और मंदिर के आसपास 20 से 30 मिनट तक ही पानी की आपूर्ति की जा रही है, जो पर्याप्त नहीं है। वहीं दूसरी ओर पानी के बिलों में लगातार बढ़ोतरी की गई है, जिससे लोगों में रोष और बढ़ गया है।
विज्ञापन
पार्षद अल केंद्र भूषण, नीना शर्मा, दीक्षा शर्मा और आरती देवी सहित अमित शर्मा, भारत भूषण, गौरव शर्मा, प्रमिला शर्मा, विकास कुमार और कार्तिक शर्मा ने कहा कि यदि विभाग का यही रवैया रहा तो क्षेत्र के लोग आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। उनका कहना है कि पेयजल संकट अब आम समस्या बन चुका है और इसका स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है।
विज्ञापन
लोगों ने बताया कि श्री नयना देवी के लिए करीब 6.5 करोड़ रुपये की लागत से पेयजल योजना बनाई गई थी, जिसके तहत प्रतिदिन दो क्यूसेक पानी उपलब्ध कराने का दावा किया गया था। लोगों का सवाल है कि यदि प्रतिदिन इतनी मात्रा में पानी लिफ्ट किया जा रहा है तो आखिर पानी जा कहां रहा है। उन्होंने योजना की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच की मांग भी उठाई है।
13 अगस्त से शुरू होने वाले श्रावण अष्टमी मेले को लेकर भी लोगों की चिंता बढ़ गई है। मेले के दौरान लाखों श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं और करीब 85 सामाजिक संस्थाओं की ओर से लंगर लगाए जाते हैं। ऐसे में यदि समय रहते पेयजल व्यवस्था नहीं सुधरी तो मेले के दौरान स्थिति और गंभीर हो सकती है।
दबट योजना से दिन के समय सिंचाई के लिए पानी छोड़ा जा रहा है, जबकि रात के समय श्री नयना देवी के लिए पेयजल लिफ्ट किया जाता है। पिछली रात बिजली बाधित होने के कारण पानी कोट तक नहीं पहुंच सका, जहां से इसे नयना देवी के लिए लिफ्ट किया जाता है।
-चमन ठाकुर, सहायक अभियंता
बिजली कटौती के साथ-साथ पाइपलाइन फटने के कारण मरम्मत कार्य करना पड़ा, जिससे पेयजल आपूर्ति बाधित हुई। विभाग जल्द जलापूर्ति सामान्य कर देगा।
-राजेश ठाकुर, कनिष्ठ अभियंता