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Bilaspur News: मांडवा सड़क बंद करने के विरोध में उतरे ग्रामीण, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

Thu, 16 Jul 2026 11:34 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 16 Jul 2026 11:34 PM IST
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Villagers protest against the closure of the Mandwa road; submit a memorandum to the SDM.
मांडवा सड़क बंद होने पर एसडीएम को ज्ञापन देने पहुंचे ग्रामीण। स्रोत: जागरूक पाठक
सड़क बंद होने से विद्यार्थियों, किसानों और मरीजों को हो रही परेशानी, ग्रामीणों ने मांगा स्थायी समाधान
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सड़क के 9 अगस्त तक बंद रहने से बढ़ीं मुश्किलें

संवाद न्यूज एजेंसी
गेहड़वीं (बिलासपुर)। झंडूता-भडोलीकलां-मांडवा सड़क मार्ग को भूस्खलन और पहाड़ी से पत्थर गिरने के खतरे के चलते 9 अगस्त तक बंद करने के प्रशासनिक फैसले के विरोध में वीरवार को क्षेत्र के ग्रामीणों ने विरोध जताया। बलघाड सहित आसपास के गांवों के सैकड़ों ग्रामीण एसडीएम झंडूता अर्शिया शर्मा के कार्यालय पहुंचे और सड़क बंद करने के निर्णय पर पुनर्विचार की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का कहना है कि सुरक्षा के लिहाज से सड़क बंद करने का फैसला लिया गया है, लेकिन इससे विद्यार्थियों, किसानों, कर्मचारियों, व्यापारियों और मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि सड़क को पूरी तरह बंद करने के बजाय पहाड़ी पर लटके खतरनाक पत्थरों को हटाकर मार्ग को सुरक्षित बनाया जाए, ताकि लोगों की आवाजाही प्रभावित न हो। प्रशासन ने झंडूता-भडोलीकलां-मांडवा मार्ग से गुजरने वाले वाहनों के लिए भडोलीकलां-भल्लू-बलघाड-मलारी और कलोल-जेजवीं की ओर से आने वाले वाहनों के लिए झंडूता-नंदनगरांव वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किया है। ग्रामीणों का कहना है कि वैकल्पिक रास्ता लंबा होने के कारण लोगों को अतिरिक्त समय और ईंधन खर्च करना पड़ रहा है। ग्रामीण बृज लाल ने कहा कि मांडवा सड़क कोटधार क्षेत्र को झंडूता से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है, जिससे प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आवाजाही करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले भी बरसात के दौरान खतरा रहता था, लेकिन सड़क को पूरी तरह बंद करने के बजाय कर्मचारियों की तैनाती कर लोगों को सुरक्षित निकाला जाता था। वर्तमान में लोग मजबूरी में बंद मार्ग को पैदल पार कर रहे हैं, जिससे हादसे का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीण कृष्ण दत्त शर्मा ने बताया कि पुल के पास रहने वाले कई परिवारों की कृषि भूमि सड़क के दूसरी ओर है। मार्ग बंद होने से किसानों को खेतों तक पहुंचने में परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि विभाग से पहले भी रेलिंग मजबूत करने और ढीले पत्थरों को हटाने की मांग की गई थी, लेकिन इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए। जगदीश चंद शर्मा ने कहा कि सड़क को दोनों तरफ से इस तरह बंद किया गया है कि पैदल आवाजाही भी मुश्किल हो गई है। उन्होंने प्रशासन से लोगों की सुरक्षा के साथ उनकी सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्थायी समाधान निकालने की मांग की। वहीं, एसडीएम झंडूता अर्शिया शर्मा ने कहा कि लोगों की सुरक्षा को देखते हुए मांडवा सड़क बंद की गई है। उन्होंने बताया कि बरसात के दौरान इस स्थान पर लगातार भूस्खलन का खतरा बना रहता है और पहाड़ी पर बड़े-बड़े पत्थर लटके हुए हैं। प्रशासन किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहता। उन्होंने कहा कि आपात स्थिति में सुरक्षित तरीके से सीमित आवागमन की व्यवस्था करने का प्रयास किया जाएगा।
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