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निजी बसों की मनमानी से बवखाल के लोग परेशान
ब्यूरो/ अमर उजाला, बिलासपुर।
Updated Thu, 16 Jun 2016 11:39 PM IST
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परिवहन समस्या को लेकर उपायुक्त को ज्ञापन सौंपते बबखाल पुल संघर्ष समिति कोटधार के पदाधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
बवखाल पुल संघर्ष समिति कोटधार का एक प्रतिनिधिमंडल वीरवार को एपीएमसी अध्यक्ष विवेक कुमार की अगुवाई में उपायुक्त बिलासपुर मानसी सहाय ठाकुर से मिला। इसमें उन्होंने इलाके में परिवहन समस्या को लेकर उपायुक्त को अवगत करवाया।
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एपीएमसी अध्यक्ष विवेक कुमार ने बताया कि प्रदेश परिवहन विभाग द्वारा निजी बसों का मरोतन से आगे बवखाल पुल तक रूट स्वीकृत है, लेकिन प्राईवेट बस संचालक अपनी गाड़ियों को मरोत्तन तक ही लाते हैं।
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इससे स्थानीय लोगों को आगे का करीब सात किलोमीटर का सफर निजी वाहनों के माध्यम से तय करना पड़ता है। इसके लिए निजी वाहन चालक मनमानी के दाम वसूलते हैं।
उक्त क्षेत्र आर्थिक रूप से काफी कमजोर है और करीब साठ प्रतिशत से ज्यादा परिवारों लोग कीरतपुर, चंडीगढ़, बद्दी और नालागढ़ में नौकरी करते हैं। उन्हें बवखाल तक जाकर बोट के माध्यम से सतलुज झील को पार करना पड़ता है, फिर बस के माध्यम से स्वारघाट पंजपीरी पहुंचते हैं।
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उन्होंने बताया कि यदि उक्त लोग वाया बिलासपुर अपने गंतव्य तक जाना चाहें, तो सफर करीब 110 किलोमीटर पड़ता है। इससे उन्हें धन और समय दोनों की बर्बादी होती है।
ऐसे में सबसे सरल और सुगम मार्ग बवखाल है। उन्होंने उपायुक्त बिलासपुर से मांग की है कि निजी बस चालकों को सख्त आदेश दिए जाएं कि वे निजी बसों को बवखाल तक लेकर जाएं, ताकि कोटधार की जनता को राहत मिल सके।
एपीएमसी अध्यक्ष विवेक कुमार ने बताया कि उपायुक्त बिलासपुर ने मांग पर तुरंत कार्रवाई करते हुए आरटीओ को एक सप्ताह में व्यवस्था को सुचारु कर कार्यवाही की रिपोर्ट उन्हें सौंपने के निर्देश दिए हैं।
रतिनिधिमंडल में बवखाल पुल संघर्ष समिति के प्रधान कुलदीप शर्मा, यश वर्धन शर्मा, श्रीराम, प्रताप सिंह, सत्या देवी, प्रकाशो देवी, कपिल गौतम, प्रदीप कुमार, लेखराज शर्मा, सुरेश कुमार, प्रेम सिंह, रामपाल शर्मा, शंकर दास शर्मा, जगदीश चंद, अमित चंदेल, राकेश और रोशन लाल आदि शामिल रहे।