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Bilaspur News: बच्चों के लिए ही नहीं, वयस्कों और बुजुर्गों के लिए भी सुरक्षा चक्र है वैक्सीन
Thu, 23 Apr 2026 11:46 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Thu, 23 Apr 2026 11:46 PM IST
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एम्स बिलासपुर में वर्ल्ड इम्यूनाइजेशन वीक पर सीएमई का शुभारंभ करते कार्यकारी निदेशक। स्रोत: एम्
डिजिटल न चलाएं
विशेषज्ञों ने कहा : जीवनभर टीकाकरण की जरूरत पर दिया जोर
एम्स बिलासपुर में वर्ल्ड इम्यूनाइजेशन वीक पर सीएमई का आयोजन
पिछले 50 वर्ष में टीकाकरण ने दुनिया भर में बचाईं करोड़ों जिंदगियां
सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए किशोरियों के टीकाकरण को बताया जरूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान बिलासपुर के कम्युनिटी एंड फैमिली मेडिसिन विभाग की ओर से वर्ल्ड इम्यूनाइजेशन वीक 2026 के उपलक्ष्य में एक दिवसीय सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) कार्यक्रम हुआ। ए लाइफटाइम प्रोटेक्शन : वैक्सीनेशन अक्रॉस द लाइफ कोर्स विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में चिकित्सा विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि टीकाकरण केवल बचपन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जन्म से लेकर वृद्धावस्था तक सुरक्षा प्रदान करने वाला एक अनिवार्य कवच है।
कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए एम्स के कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) दलजीत सिंह ने कहा कि संस्थान का विजन टीकाकरण को हर उम्र के व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने बच्चों के साथ-साथ किशोरों, वयस्कों और बुजुर्गों के लिए भी टीकाकरण की महत्ता पर प्रकाश डाला। आईएपीएसएम हिमाचल प्रदेश चैप्टर के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) अशोक भारद्वाज ने बताया कि टीकाकरण सार्वजनिक स्वास्थ्य का सबसे सस्ता और प्रभावी साधन है। पिछले पांच दशकों में वैक्सीन की मदद से 150 मिलियन से अधिक लोगों की जान बचाई गई है। वहीं, विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) अनुपम पराशर ने कहा कि इस वर्ष की थीम हर पीढ़ी के लिए वैक्सीन प्रभावी है के अनुरूप ही इस संगोष्ठी का उद्देश्य सभी आयु वर्गों में जागरूकता फैलाना है।
पीजीआई चंडीगढ़ की विशेषज्ञ प्रो. मधु गुप्ता ने वयस्क टीकाकरण और समय पर बूस्टर डोज लेने की आवश्यकता समझाई। कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और विशेष रूप से क्रोनिक किडनी रोग व अंग प्रत्यारोपण कराने वाले मरीजों के लिए विशेष वैक्सीन प्रोटोकॉल पर चर्चा की गई। बिलासपुर के जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. दीपक गुरुंग ने सरकार द्वारा शामिल की गई नई वैक्सीन, विशेषकर सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी वैक्सीन के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में वैक्सीन हिचकिचाहट पर एक पैनल चर्चा आयोजित की गई। इसमें पीजीआई चंडीगढ़, एम्स बिलासपुर, और प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कॉलेज हमीरपुर, नेरचौक, सोलन के विशेषज्ञों ने समाज में फैली भ्रांतियों और मिथकों को दूर करने की रणनीतियों पर विचार साझा किए। कार्यक्रम में प्रो. संजय विक्रांत, प्रो. दिनेश वर्मा, प्रो. पी श्रीराम, प्रो. निधि पुरी, प्रो. प्रीति अग्रवाल, प्रो. अभिलाष सूद सहित डॉ. तरुण शर्मा, डॉ. नलिनी, डॉ. सुश्रुति, डॉ. नवप्रीत, डॉ. अनुपमा धीमान, डॉ. दुर्गेश और डॉ. अभिषेक पठानिया ने विभिन्न सत्रों में अपनी राय रखी। इस आयोजन में प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के 200 से अधिक फैकल्टी और रेजिडेंट्स ने भाग लिया।
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विशेषज्ञों ने कहा : जीवनभर टीकाकरण की जरूरत पर दिया जोर
एम्स बिलासपुर में वर्ल्ड इम्यूनाइजेशन वीक पर सीएमई का आयोजन
पिछले 50 वर्ष में टीकाकरण ने दुनिया भर में बचाईं करोड़ों जिंदगियां
सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए किशोरियों के टीकाकरण को बताया जरूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान बिलासपुर के कम्युनिटी एंड फैमिली मेडिसिन विभाग की ओर से वर्ल्ड इम्यूनाइजेशन वीक 2026 के उपलक्ष्य में एक दिवसीय सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) कार्यक्रम हुआ। ए लाइफटाइम प्रोटेक्शन : वैक्सीनेशन अक्रॉस द लाइफ कोर्स विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में चिकित्सा विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि टीकाकरण केवल बचपन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जन्म से लेकर वृद्धावस्था तक सुरक्षा प्रदान करने वाला एक अनिवार्य कवच है।
कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए एम्स के कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) दलजीत सिंह ने कहा कि संस्थान का विजन टीकाकरण को हर उम्र के व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने बच्चों के साथ-साथ किशोरों, वयस्कों और बुजुर्गों के लिए भी टीकाकरण की महत्ता पर प्रकाश डाला। आईएपीएसएम हिमाचल प्रदेश चैप्टर के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) अशोक भारद्वाज ने बताया कि टीकाकरण सार्वजनिक स्वास्थ्य का सबसे सस्ता और प्रभावी साधन है। पिछले पांच दशकों में वैक्सीन की मदद से 150 मिलियन से अधिक लोगों की जान बचाई गई है। वहीं, विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) अनुपम पराशर ने कहा कि इस वर्ष की थीम हर पीढ़ी के लिए वैक्सीन प्रभावी है के अनुरूप ही इस संगोष्ठी का उद्देश्य सभी आयु वर्गों में जागरूकता फैलाना है।
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पीजीआई चंडीगढ़ की विशेषज्ञ प्रो. मधु गुप्ता ने वयस्क टीकाकरण और समय पर बूस्टर डोज लेने की आवश्यकता समझाई। कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और विशेष रूप से क्रोनिक किडनी रोग व अंग प्रत्यारोपण कराने वाले मरीजों के लिए विशेष वैक्सीन प्रोटोकॉल पर चर्चा की गई। बिलासपुर के जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. दीपक गुरुंग ने सरकार द्वारा शामिल की गई नई वैक्सीन, विशेषकर सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी वैक्सीन के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में वैक्सीन हिचकिचाहट पर एक पैनल चर्चा आयोजित की गई। इसमें पीजीआई चंडीगढ़, एम्स बिलासपुर, और प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कॉलेज हमीरपुर, नेरचौक, सोलन के विशेषज्ञों ने समाज में फैली भ्रांतियों और मिथकों को दूर करने की रणनीतियों पर विचार साझा किए। कार्यक्रम में प्रो. संजय विक्रांत, प्रो. दिनेश वर्मा, प्रो. पी श्रीराम, प्रो. निधि पुरी, प्रो. प्रीति अग्रवाल, प्रो. अभिलाष सूद सहित डॉ. तरुण शर्मा, डॉ. नलिनी, डॉ. सुश्रुति, डॉ. नवप्रीत, डॉ. अनुपमा धीमान, डॉ. दुर्गेश और डॉ. अभिषेक पठानिया ने विभिन्न सत्रों में अपनी राय रखी। इस आयोजन में प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के 200 से अधिक फैकल्टी और रेजिडेंट्स ने भाग लिया।
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