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Bilaspur News: डिजिटल न चलाएं डॉक्यूमेंट रजिस्ट्रेशन सिस्टम की साइट अपडेट न होने से संकट
Wed, 08 Apr 2026 11:53 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Wed, 08 Apr 2026 11:53 PM IST
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बिलासपुर समेत प्रदेश भर में रजिस्ट्री ठप, वैल्यूएशन अटकने से लोग परेशान
तकनीकी पेंच, बिना वैल्यूएशन के नहीं कट रहे स्टाम्प
मार्च के अंतिम सप्ताह में पूरी करनी होती है ट्रायल रन और डेटा फीडिंग
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश में नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ ही संपत्ति की खरीद-फरोख्त करने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नेशनल जनरिक डॉक्यूमेंट रजिस्ट्रेशन सिस्टम (एनजीडीआरएस) के पोर्टल पर संपत्ति का नया वैल्यूएशन (औसत मूल्य) अपडेट न होने के कारण बिलासपुर समेत प्रदेश के अधिकांश जिलों में रजिस्ट्री का काम पूरी तरह ठप हो गया है।
अप्रैल माह के नौ दिन में एक भी नई डीड न बनने से सरकार को मिलने वाले राजस्व को भी बड़ा झटका लगा है। नियम के अनुसार, हर साल पहली अप्रैल को सर्किल रेट और संपत्ति के मूल्य में बदलाव होता है। इसी आधार पर स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस तय होती है। सॉफ्टवेयर में नया डेटा फीड न होने के कारण पोर्टल किसी भी डीड की वैल्यू कैलकुलेट नहीं कर पा रहा है। जब तक पोर्टल पर वैल्यूएशन शो नहीं होगी, तब तक न तो ऑनलाइन फीस जमा होगी और न ही रजिस्ट्री की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। अपडेट में देरी के कारण वित्त वर्ष 2026-27 के लिए नई दरें सिस्टम में अपलोड नहीं की गईं। गृह ऋण के लिए रजिस्ट्री अनिवार्य है, जो अभी रुकी हुई है। नौ दिन में प्रदेश भर में इसके कारण स्टाम्प ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क से मिलने वाला लाखों का राजस्व अटका है। किसी ने अगर जमीन गिफ्ट डीड करनी है, सेटलमेंट करनी है या बुजुर्ग जो अंतिम समय में है उसे अपनी विरासत आगे की पीढ़ी को देनी है इस तरह के सभी कार्य रुके हुए हैं। लोग दूर-दराज के गांवों से तहसील कार्यालय पहुंच रहे हैं, लेकिन खाली हाथ लौट रहे हैं। कानूनी जानकारों का कहना है कि ऐसी स्थिति पैदा होना प्रशासनिक सुस्ती को दर्शाता है। इसे डिजिटल इंडिया के दौर में मैनुअल देरी कहा जा सकता है। भविष्य में ऐसी स्थिति न आए, इसके लिए मार्च के अंतिम सप्ताह में ही ट्रायल रन और डेटा फीडिंग पूरी कर ली जानी चाहिए। फिलहाल, प्रदेश के हजारों नागरिक पटवारखानों और तहसीलों के चक्कर काट रहे हैं। अब देखना यह है कि आईटी विभाग और राजस्व विभाग इस तकनीकी खामी को कितनी जल्दी दूर कर पाता है। उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने कहा कि मामला ध्यान में है, इसके समाधान के लिए कार्य किया जा रहा है।
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तकनीकी पेंच, बिना वैल्यूएशन के नहीं कट रहे स्टाम्प
मार्च के अंतिम सप्ताह में पूरी करनी होती है ट्रायल रन और डेटा फीडिंग
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश में नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ ही संपत्ति की खरीद-फरोख्त करने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नेशनल जनरिक डॉक्यूमेंट रजिस्ट्रेशन सिस्टम (एनजीडीआरएस) के पोर्टल पर संपत्ति का नया वैल्यूएशन (औसत मूल्य) अपडेट न होने के कारण बिलासपुर समेत प्रदेश के अधिकांश जिलों में रजिस्ट्री का काम पूरी तरह ठप हो गया है।
अप्रैल माह के नौ दिन में एक भी नई डीड न बनने से सरकार को मिलने वाले राजस्व को भी बड़ा झटका लगा है। नियम के अनुसार, हर साल पहली अप्रैल को सर्किल रेट और संपत्ति के मूल्य में बदलाव होता है। इसी आधार पर स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस तय होती है। सॉफ्टवेयर में नया डेटा फीड न होने के कारण पोर्टल किसी भी डीड की वैल्यू कैलकुलेट नहीं कर पा रहा है। जब तक पोर्टल पर वैल्यूएशन शो नहीं होगी, तब तक न तो ऑनलाइन फीस जमा होगी और न ही रजिस्ट्री की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। अपडेट में देरी के कारण वित्त वर्ष 2026-27 के लिए नई दरें सिस्टम में अपलोड नहीं की गईं। गृह ऋण के लिए रजिस्ट्री अनिवार्य है, जो अभी रुकी हुई है। नौ दिन में प्रदेश भर में इसके कारण स्टाम्प ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क से मिलने वाला लाखों का राजस्व अटका है। किसी ने अगर जमीन गिफ्ट डीड करनी है, सेटलमेंट करनी है या बुजुर्ग जो अंतिम समय में है उसे अपनी विरासत आगे की पीढ़ी को देनी है इस तरह के सभी कार्य रुके हुए हैं। लोग दूर-दराज के गांवों से तहसील कार्यालय पहुंच रहे हैं, लेकिन खाली हाथ लौट रहे हैं। कानूनी जानकारों का कहना है कि ऐसी स्थिति पैदा होना प्रशासनिक सुस्ती को दर्शाता है। इसे डिजिटल इंडिया के दौर में मैनुअल देरी कहा जा सकता है। भविष्य में ऐसी स्थिति न आए, इसके लिए मार्च के अंतिम सप्ताह में ही ट्रायल रन और डेटा फीडिंग पूरी कर ली जानी चाहिए। फिलहाल, प्रदेश के हजारों नागरिक पटवारखानों और तहसीलों के चक्कर काट रहे हैं। अब देखना यह है कि आईटी विभाग और राजस्व विभाग इस तकनीकी खामी को कितनी जल्दी दूर कर पाता है। उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने कहा कि मामला ध्यान में है, इसके समाधान के लिए कार्य किया जा रहा है।
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