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आंबेडकर के विचार आज भी प्रासंगिक, भाजपा ने दिया उचित सम्मान : कटवाल
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झंडूता में आयोजित डॉ आंबेडकर जयंती में मौजूद विधायक व अन्य लोग। स्रोत: भाजपा
झंडूता भाजपा कार्यालय में आंबेडकर जयंती पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम
सामाजिक न्याय, समानता और संविधान के मूल्यों को अपनाने का किया आह्वान
संवाद न्यूज एजेंसी
गेहड़वीं (बिलासपुर)। झंडूता के विधायक जीतराम कटवाल ने कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर केवल भारतीय संविधान के जनक ही नहीं थे, बल्कि सामाजिक न्याय के प्रखर प्रहरी और आधुनिक भारत के महान शिल्पकार भी थे। उन्होंने देश को एक ऐसी दिशा दी, जिससे समानता और न्याय आधारित समाज की नींव मजबूत हुई।
मंगलवार को आंबेडकर जयंती के अवसर पर भाजपा के झंडूता कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बाबा साहेब को श्रद्धासुमन अर्पित करने के बाद कटवाल ने कहा कि शिक्षा को उन्होंने सामाजिक परिवर्तन का सबसे बड़ा माध्यम माना। उनके अनुसार शिक्षा ही वह हथियार है, जिससे असमानता की खाई को भरा जा सकता है। कहा कि आंबेडकर ने अपना पूरा जीवन जाति आधारित भेदभाव के खिलाफ लड़ते हुए वंचित, शोषित और पिछड़े वर्गों को उनका अधिकार दिलाने में समर्पित कर दिया। उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने उस समय थे। कहा कि आंबेडकर ने देश को यह सिखाया कि राष्ट्र की असली ताकत उसकी सेना या संपत्ति नहीं, बल्कि उसके नागरिकों को मिलने वाला न्याय, समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व है। यही लोकतंत्र के चार मजबूत स्तंभ हैं। कहा कि कांग्रेस ने आंबेडकर को उचित सम्मान नहीं दिया और उनके विचारों की अनदेखी की गई। हिंदू कोड बिल को पारित न होने देने के कारण उन्हें मंत्रिमंडल से इस्तीफा तक देना पड़ा था। विधायक ने कहा कि भाजपा ने बाबा साहेब के सम्मान में कोई कमी नहीं रखी। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के प्रस्ताव पर उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने उनकी विरासत को सहेजने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं।
उन्होंने बताया कि आंबेडकर से जुड़े पांच स्थानों को पंचतीर्थ के रूप में विकसित किया गया है और दिल्ली में डॉ. आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र की स्थापना की गई है। इसके अलावा डिजिटल सशक्तीकरण के लिए भीम एप भी शुरू किया गया है। कटवाल ने कहा कि अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण कानून में संशोधन, एससी-एसटी आरक्षण को आगे बढ़ाना, ओबीसी आयोग को सांविधानिक दर्जा देना, ईडब्ल्यूएस आरक्षण और महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण जैसे कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। आह्वान किया कि सभी लोग आंबेडकर के सामाजिक समरसता, समानता और संविधान के मूल्यों को अपने जीवन में अपनाएं, यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस मौके पर झंडूता भाजपा मंडल अध्यक्ष रसम सिंह चंदेल समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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सामाजिक न्याय, समानता और संविधान के मूल्यों को अपनाने का किया आह्वान
संवाद न्यूज एजेंसी
गेहड़वीं (बिलासपुर)। झंडूता के विधायक जीतराम कटवाल ने कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर केवल भारतीय संविधान के जनक ही नहीं थे, बल्कि सामाजिक न्याय के प्रखर प्रहरी और आधुनिक भारत के महान शिल्पकार भी थे। उन्होंने देश को एक ऐसी दिशा दी, जिससे समानता और न्याय आधारित समाज की नींव मजबूत हुई।
मंगलवार को आंबेडकर जयंती के अवसर पर भाजपा के झंडूता कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बाबा साहेब को श्रद्धासुमन अर्पित करने के बाद कटवाल ने कहा कि शिक्षा को उन्होंने सामाजिक परिवर्तन का सबसे बड़ा माध्यम माना। उनके अनुसार शिक्षा ही वह हथियार है, जिससे असमानता की खाई को भरा जा सकता है। कहा कि आंबेडकर ने अपना पूरा जीवन जाति आधारित भेदभाव के खिलाफ लड़ते हुए वंचित, शोषित और पिछड़े वर्गों को उनका अधिकार दिलाने में समर्पित कर दिया। उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने उस समय थे। कहा कि आंबेडकर ने देश को यह सिखाया कि राष्ट्र की असली ताकत उसकी सेना या संपत्ति नहीं, बल्कि उसके नागरिकों को मिलने वाला न्याय, समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व है। यही लोकतंत्र के चार मजबूत स्तंभ हैं। कहा कि कांग्रेस ने आंबेडकर को उचित सम्मान नहीं दिया और उनके विचारों की अनदेखी की गई। हिंदू कोड बिल को पारित न होने देने के कारण उन्हें मंत्रिमंडल से इस्तीफा तक देना पड़ा था। विधायक ने कहा कि भाजपा ने बाबा साहेब के सम्मान में कोई कमी नहीं रखी। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के प्रस्ताव पर उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने उनकी विरासत को सहेजने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं।
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उन्होंने बताया कि आंबेडकर से जुड़े पांच स्थानों को पंचतीर्थ के रूप में विकसित किया गया है और दिल्ली में डॉ. आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र की स्थापना की गई है। इसके अलावा डिजिटल सशक्तीकरण के लिए भीम एप भी शुरू किया गया है। कटवाल ने कहा कि अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण कानून में संशोधन, एससी-एसटी आरक्षण को आगे बढ़ाना, ओबीसी आयोग को सांविधानिक दर्जा देना, ईडब्ल्यूएस आरक्षण और महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण जैसे कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। आह्वान किया कि सभी लोग आंबेडकर के सामाजिक समरसता, समानता और संविधान के मूल्यों को अपने जीवन में अपनाएं, यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस मौके पर झंडूता भाजपा मंडल अध्यक्ष रसम सिंह चंदेल समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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