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Bilaspur News: एकमात्र एमडी के तबादले से क्षेत्रीय अस्पताल में बढ़ेगी मरीजों की परेशानी
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रोजाना 120 से अधिक मरीजों की ओपीडी; वरिष्ठ नागरिक सभा ने सरकार से तबादला रोकने की मांग की
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के बीच एकमात्र एमडी चिकित्सक डॉ. नरेश चौहान के तबादले से मरीजों और तीमारदारों की चिंता बढ़ गई है। पदोन्नति के बाद डॉ. नरेश चौहान को मेडिकल कॉलेज नाहन में ज्वाइन करने के निर्देश मिले हैं। उनके नाहन जाने के बाद क्षेत्रीय अस्पताल में एमडी की विशेषज्ञ सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है। डॉ. चौहान के पास रोजाना 120 से अधिक मरीजों की ओपीडी रहती है।
डॉ. नरेश चौहान लंबे समय से क्षेत्रीय अस्पताल में मरीजों को विशेषज्ञ सेवाएं दे रहे हैं। उनके पास बड़ी संख्या में बुजुर्ग मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में उनके तबादले के बाद इन मरीजों को अधिक परेशानी उठानी पड़ सकती है।
वरिष्ठ नागरिक सभा बिलासपुर ने सरकार से डॉ. नरेश चौहान का तबादला तत्काल रोकने की मांग की है। सभा के महासचिव मस्तराम वर्मा ने कहा कि डॉ. चौहान दिन-रात मरीजों की सेवा कर रहे हैं। अस्पताल में मरीजों की भारी भीड़ के बावजूद वह ड्यूटी समय के बाद भी मरीजों को देखते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल से जनहित में तबादला निरस्त करने का आग्रह किया।
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सभा के प्रेस सचिव सुशील पुंडीर ने कहा कि अस्पताल में एकमात्र एमडी चिकित्सक का तबादला मरीजों की परेशानी बढ़ाने वाला है। उन्होंने सरकार से डॉ. चौहान को नाहन भेजने के बजाय बिलासपुर में ही विशेषज्ञ सेवाएं जारी रखने की मांग की।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि डॉ. नरेश चौहान नाहन चले जाते हैं और उनके स्थान पर कोई अन्य एमडी तैनात नहीं किया जाता है, तो मरीजों को विशेषज्ञ उपचार के लिए एम्स बिलासपुर का रुख करना पड़ सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों पर इससे अतिरिक्त समय और खर्च का बोझ पड़ेगा। लोगों ने सरकार से तबादला रोकने के साथ अस्पताल में खाली पड़े एमडी के पदों को जल्द भरने की मांग की है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के बीच एकमात्र एमडी चिकित्सक डॉ. नरेश चौहान के तबादले से मरीजों और तीमारदारों की चिंता बढ़ गई है। पदोन्नति के बाद डॉ. नरेश चौहान को मेडिकल कॉलेज नाहन में ज्वाइन करने के निर्देश मिले हैं। उनके नाहन जाने के बाद क्षेत्रीय अस्पताल में एमडी की विशेषज्ञ सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है। डॉ. चौहान के पास रोजाना 120 से अधिक मरीजों की ओपीडी रहती है।
डॉ. नरेश चौहान लंबे समय से क्षेत्रीय अस्पताल में मरीजों को विशेषज्ञ सेवाएं दे रहे हैं। उनके पास बड़ी संख्या में बुजुर्ग मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में उनके तबादले के बाद इन मरीजों को अधिक परेशानी उठानी पड़ सकती है।
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वरिष्ठ नागरिक सभा बिलासपुर ने सरकार से डॉ. नरेश चौहान का तबादला तत्काल रोकने की मांग की है। सभा के महासचिव मस्तराम वर्मा ने कहा कि डॉ. चौहान दिन-रात मरीजों की सेवा कर रहे हैं। अस्पताल में मरीजों की भारी भीड़ के बावजूद वह ड्यूटी समय के बाद भी मरीजों को देखते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल से जनहित में तबादला निरस्त करने का आग्रह किया।
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सभा के प्रेस सचिव सुशील पुंडीर ने कहा कि अस्पताल में एकमात्र एमडी चिकित्सक का तबादला मरीजों की परेशानी बढ़ाने वाला है। उन्होंने सरकार से डॉ. चौहान को नाहन भेजने के बजाय बिलासपुर में ही विशेषज्ञ सेवाएं जारी रखने की मांग की।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि डॉ. नरेश चौहान नाहन चले जाते हैं और उनके स्थान पर कोई अन्य एमडी तैनात नहीं किया जाता है, तो मरीजों को विशेषज्ञ उपचार के लिए एम्स बिलासपुर का रुख करना पड़ सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों पर इससे अतिरिक्त समय और खर्च का बोझ पड़ेगा। लोगों ने सरकार से तबादला रोकने के साथ अस्पताल में खाली पड़े एमडी के पदों को जल्द भरने की मांग की है।