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Bilaspur News: नशे की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य कर्मियों को दिया प्रशिक्षण
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ट्रॉमा सेंटर बिलासपुर में आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में मौजूद स्वास्थ्यकर्मी। स्रोत:
ट्रॉमा सेंटर में ड्रग डिमांड रिडक्शन पर कार्यशाला, जागरूकता और समय पर उपचार से जोड़ने पर जोर
संवाद न्यूज एजेंसी।
बिलासपुर। जिले में नशामुक्ति अभियान को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को ट्रॉमा सेंटर बिलासपुर में ड्रग डिमांड रिडक्शन विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य समुदाय स्तर पर नशे की रोकथाम, जन जागरूकता बढ़ाना तथा नशे से प्रभावित लोगों की समय पर पहचान कर उन्हें उचित परामर्श एवं उपचार से जोड़ना रहा। प्रशिक्षण का संचालन डॉ. दीपक गुरंग और स्वास्थ्य शिक्षक गोपाल कौशल ने किया। उन्होंने प्रतिभागियों को नशे के दुष्प्रभाव, इसकी रोकथाम के प्रभावी उपाय, समुदाय में जागरूकता फैलाने की रणनीतियों तथा संदिग्ध मामलों की पहचान कर उचित रेफरल प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में आशा कार्यकर्ताओं, आशा फैसिलिटेटरों, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों और एएनएम ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रशिक्षकों ने स्वास्थ्य कर्मियों से अपने-अपने कार्यक्षेत्र में लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने और नशा मुक्ति अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। साथ ही उन्हें समुदाय आधारित नशा रोकथाम गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई। अधिकारियों ने कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों की सक्रिय भागीदारी से जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को और मजबूती मिलेगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी।
बिलासपुर। जिले में नशामुक्ति अभियान को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को ट्रॉमा सेंटर बिलासपुर में ड्रग डिमांड रिडक्शन विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य समुदाय स्तर पर नशे की रोकथाम, जन जागरूकता बढ़ाना तथा नशे से प्रभावित लोगों की समय पर पहचान कर उन्हें उचित परामर्श एवं उपचार से जोड़ना रहा। प्रशिक्षण का संचालन डॉ. दीपक गुरंग और स्वास्थ्य शिक्षक गोपाल कौशल ने किया। उन्होंने प्रतिभागियों को नशे के दुष्प्रभाव, इसकी रोकथाम के प्रभावी उपाय, समुदाय में जागरूकता फैलाने की रणनीतियों तथा संदिग्ध मामलों की पहचान कर उचित रेफरल प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में आशा कार्यकर्ताओं, आशा फैसिलिटेटरों, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों और एएनएम ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रशिक्षकों ने स्वास्थ्य कर्मियों से अपने-अपने कार्यक्षेत्र में लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने और नशा मुक्ति अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। साथ ही उन्हें समुदाय आधारित नशा रोकथाम गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई। अधिकारियों ने कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों की सक्रिय भागीदारी से जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को और मजबूती मिलेगी।