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आईटीआई में उद्योगों की जरूरत के हिसाब से बदलेगा प्रशिक्षण : धर्माणी
Thu, 24 Sep 2026 12:49 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Thu, 24 Sep 2026 12:49 AM IST
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पीएम सेतु योजना के पांच संस्थानों की पांच साल की कार्ययोजना बनेगी
नई वर्दी से पेशेवर पहचान, अपैरल ट्रेड की छात्राएं तैयार करेंगी प्रशिक्षणार्थियों की ड्रेस
सोलन में पहले चरण में बनेगी वर्दी निर्माण की कार्यशाला, स्किल अकादमी में मिलेगा आधुनिक प्रशिक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में अब प्रशिक्षण व्यवस्था को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप तैयार किया जाएगा। पीएम सेतु योजना के तहत चयनित प्रदेश के पांच संस्थानों में अगले पांच वर्षों के प्रशिक्षण, रोजगार और संस्थागत विकास का खाका तैयार होगा। इन संस्थानों में किन व्यवसायों की मांग अधिक है, उसी के अनुरूप प्रशिक्षण सुविधाओं और पाठ्यक्रमों को विकसित करने पर जोर रहेगा। तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने खंड विकास अधिकारी कार्यालय घुमारवीं में विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को इसके निर्देश दिए।
मंत्री ने कहा कि पीएम सेतु योजना के तहत चयनित संस्थानों की स्ट्रेटेजिक निवेश प्लान निर्धारित समय में तैयार की जाए। कार्ययोजना में संस्थानों के अगले पांच साल के विकास, उद्योगों की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण और प्रशिक्षणार्थियों को रोजगार से जोड़ने की संभावनाओं को शामिल किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी औपचारिकताएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए, ताकि केंद्र और प्रदेश सरकार से मिलने वाली धनराशि का प्रभावी उपयोग किया जा सके। बैठक में प्रदेश के सभी राजकीय आईटीआई के प्रशिक्षणार्थियों के लिए नई वर्दी लागू करने पर भी चर्चा हुई। विभागीय समिति ने अलग-अलग इंजीनियरिंग और गैर-अभियांत्रिकी व्यवसायों के प्रशिक्षणार्थियों के लिए अलग वर्दी निर्धारित करने का सुझाव दिया। इसमें प्रदेश के मौसम और संबंधित व्यवसायों की कार्यशालाओं में काम करने की परिस्थितियों को भी ध्यान में रखने की बात कही गई। मंत्री ने समिति के सुझावों को स्वीकृति देते हुए अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए। नई व्यवस्था में वर्दी तैयार करने का काम भी आईटीआई के प्रशिक्षण से जोड़ा जाएगा। अपैरल सेक्टर से संबंधित व्यवसायों में प्रशिक्षण ले रहीं छात्राएं अनुदेशकों के मार्गदर्शन में इन वर्दियों को तैयार करेंगी। इससे उन्हें अपने पाठ्यक्रम के साथ वास्तविक वस्त्र निर्माण का व्यावहारिक अनुभव भी मिलेगा। पहले चरण में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान सोलन में वर्दी निर्माण के लिए कार्यशाला स्थापित की जाएगी। इसके बाद जरूरत के अनुसार अन्य आईटीआई में भी यह व्यवस्था शुरू की जाएगी। बैठक में तकनीकी शिक्षा विभाग के तहत स्थापित की जा रही स्किल अकादमी की प्रगति की भी समीक्षा हुई। अधिकारियों ने बताया कि अकादमी में उद्योगों की मांग के अनुरूप आधुनिक पाठ्यक्रम तैयार किए जाएंगे। युवाओं को सैद्धांतिक प्रशिक्षण के साथ संबंधित उद्योगों में उन्नत कौशल और व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। कृत्रिम वास्तविकता से संबंधित प्रशिक्षण भी इसमें शामिल किया जाएगा। कहा कि प्रदेश के तकनीकी शिक्षा संस्थानों में प्रशिक्षण का स्तर वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने के लिए विभाग को लगातार प्रयास करने होंगे। बैठक में निदेशक तकनीकी शिक्षा रोहित राठौर, उपनिदेशक प्रशिक्षण, निदेशालय तकनीकी शिक्षा के अन्य अधिकारी तथा पीएम सेतु योजना के तहत चयनित हब और स्पोक राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के प्रधानाचार्य मौजूद रहे।
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नई वर्दी से पेशेवर पहचान, अपैरल ट्रेड की छात्राएं तैयार करेंगी प्रशिक्षणार्थियों की ड्रेस
सोलन में पहले चरण में बनेगी वर्दी निर्माण की कार्यशाला, स्किल अकादमी में मिलेगा आधुनिक प्रशिक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में अब प्रशिक्षण व्यवस्था को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप तैयार किया जाएगा। पीएम सेतु योजना के तहत चयनित प्रदेश के पांच संस्थानों में अगले पांच वर्षों के प्रशिक्षण, रोजगार और संस्थागत विकास का खाका तैयार होगा। इन संस्थानों में किन व्यवसायों की मांग अधिक है, उसी के अनुरूप प्रशिक्षण सुविधाओं और पाठ्यक्रमों को विकसित करने पर जोर रहेगा। तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने खंड विकास अधिकारी कार्यालय घुमारवीं में विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को इसके निर्देश दिए।
मंत्री ने कहा कि पीएम सेतु योजना के तहत चयनित संस्थानों की स्ट्रेटेजिक निवेश प्लान निर्धारित समय में तैयार की जाए। कार्ययोजना में संस्थानों के अगले पांच साल के विकास, उद्योगों की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण और प्रशिक्षणार्थियों को रोजगार से जोड़ने की संभावनाओं को शामिल किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी औपचारिकताएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए, ताकि केंद्र और प्रदेश सरकार से मिलने वाली धनराशि का प्रभावी उपयोग किया जा सके। बैठक में प्रदेश के सभी राजकीय आईटीआई के प्रशिक्षणार्थियों के लिए नई वर्दी लागू करने पर भी चर्चा हुई। विभागीय समिति ने अलग-अलग इंजीनियरिंग और गैर-अभियांत्रिकी व्यवसायों के प्रशिक्षणार्थियों के लिए अलग वर्दी निर्धारित करने का सुझाव दिया। इसमें प्रदेश के मौसम और संबंधित व्यवसायों की कार्यशालाओं में काम करने की परिस्थितियों को भी ध्यान में रखने की बात कही गई। मंत्री ने समिति के सुझावों को स्वीकृति देते हुए अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए। नई व्यवस्था में वर्दी तैयार करने का काम भी आईटीआई के प्रशिक्षण से जोड़ा जाएगा। अपैरल सेक्टर से संबंधित व्यवसायों में प्रशिक्षण ले रहीं छात्राएं अनुदेशकों के मार्गदर्शन में इन वर्दियों को तैयार करेंगी। इससे उन्हें अपने पाठ्यक्रम के साथ वास्तविक वस्त्र निर्माण का व्यावहारिक अनुभव भी मिलेगा। पहले चरण में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान सोलन में वर्दी निर्माण के लिए कार्यशाला स्थापित की जाएगी। इसके बाद जरूरत के अनुसार अन्य आईटीआई में भी यह व्यवस्था शुरू की जाएगी। बैठक में तकनीकी शिक्षा विभाग के तहत स्थापित की जा रही स्किल अकादमी की प्रगति की भी समीक्षा हुई। अधिकारियों ने बताया कि अकादमी में उद्योगों की मांग के अनुरूप आधुनिक पाठ्यक्रम तैयार किए जाएंगे। युवाओं को सैद्धांतिक प्रशिक्षण के साथ संबंधित उद्योगों में उन्नत कौशल और व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। कृत्रिम वास्तविकता से संबंधित प्रशिक्षण भी इसमें शामिल किया जाएगा। कहा कि प्रदेश के तकनीकी शिक्षा संस्थानों में प्रशिक्षण का स्तर वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने के लिए विभाग को लगातार प्रयास करने होंगे। बैठक में निदेशक तकनीकी शिक्षा रोहित राठौर, उपनिदेशक प्रशिक्षण, निदेशालय तकनीकी शिक्षा के अन्य अधिकारी तथा पीएम सेतु योजना के तहत चयनित हब और स्पोक राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के प्रधानाचार्य मौजूद रहे।
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