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Bilaspur News: प्रशिक्षुओं ने प्रदेश में आपदा प्रबंधन पर प्रस्तुत किए विचार
Mon, 13 Oct 2025 10:50 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Mon, 13 Oct 2025 10:50 PM IST
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डाइट जुखाला में आयोजित आपदा प्रबंधन जागरूकता कार्यक्रम में मौजूद प्रशिक्षु। संवाद
डाइट जुखाला में हुआ जागरूकता कार्यक्रम
मॉक ड्रिल के माध्यम से प्रशिक्षुओं को किया जागरूक
संवाद न्यूज एजेंसी
जुखाला (बिलासपुर)। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) जुखाला में सोमवार को अंतरराष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस के उपलक्ष्य पर जागरूकता कार्यक्रम हुआ, जिसमें मॉक ड्रिल और विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से प्रशिक्षुओं को आपदा प्रबंधन के बारे में जागरूक किया।
उप प्रधानाचार्य संजय शामा की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में आपदा से जुड़े अनुभवों, उपायों व सुरक्षा रणनीतियों पर विचार साझा किए। आपदा प्रबंधन समन्वयक राकेश ठाकुर ने बताया कि मॉक ड्रिल के माध्यम से प्रशिक्षुओं को जानकारी दी गई। सभागार कक्ष में हिमाचल में भूस्खलन और बाढ़ के जोखिम को कम करने में समुदाय की भूमिका, आपदा प्रतिरोधी हिमाचल का निर्माण हमारी जिम्मेदारी, हमारा भविष्य एवं पहाड़ी क्षेत्रों में आपदा प्रतिक्रिया को मजबूत करना विषय पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रशिक्षणार्थियों ने हिमाचल प्रदेश के परिप्रेक्ष्य में आपदाओं के प्रति लोगों को सजग करने के लिए नए विचार प्रस्तुत किए गए। द्वितीय वर्ष की छात्रा रजनीश ने आपदाओं से बचाव पर अपने विचार प्रस्तुत किए, प्रथम वर्ष की इंदू ठाकुर और रितु शर्मा ने जलवायु परिवर्तन के कारण होने वाली घटनाओं से आपदा की स्थिति होने पर विचार रखे। इस अवसर पर आयुष और विनय ठाकुर ने भी आपदाओं के प्रति सजग रहने का आह्वान किया। राकेश ठाकुर ने आपदा जोखिम न्यूनीकरण के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने प्रतिभागियों को बताया कि किस प्रकार पूर्व तैयारी, सतर्कता और सामुदायिक सहभागिता आपदा के प्रभावों को कम कर सकती है। कुलदीप धीमान ने प्राथमिक चिकित्सा की स्थिति में सीपीआर देने का सभी प्रशिक्षणार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। इस मौके पर डाइट प्रबंधन कमेटी के अध्यक्ष गोपाल शर्मा सहित 80 प्रशिक्षु मौजूद रहे।
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मॉक ड्रिल के माध्यम से प्रशिक्षुओं को किया जागरूक
संवाद न्यूज एजेंसी
जुखाला (बिलासपुर)। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) जुखाला में सोमवार को अंतरराष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस के उपलक्ष्य पर जागरूकता कार्यक्रम हुआ, जिसमें मॉक ड्रिल और विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से प्रशिक्षुओं को आपदा प्रबंधन के बारे में जागरूक किया।
उप प्रधानाचार्य संजय शामा की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में आपदा से जुड़े अनुभवों, उपायों व सुरक्षा रणनीतियों पर विचार साझा किए। आपदा प्रबंधन समन्वयक राकेश ठाकुर ने बताया कि मॉक ड्रिल के माध्यम से प्रशिक्षुओं को जानकारी दी गई। सभागार कक्ष में हिमाचल में भूस्खलन और बाढ़ के जोखिम को कम करने में समुदाय की भूमिका, आपदा प्रतिरोधी हिमाचल का निर्माण हमारी जिम्मेदारी, हमारा भविष्य एवं पहाड़ी क्षेत्रों में आपदा प्रतिक्रिया को मजबूत करना विषय पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रशिक्षणार्थियों ने हिमाचल प्रदेश के परिप्रेक्ष्य में आपदाओं के प्रति लोगों को सजग करने के लिए नए विचार प्रस्तुत किए गए। द्वितीय वर्ष की छात्रा रजनीश ने आपदाओं से बचाव पर अपने विचार प्रस्तुत किए, प्रथम वर्ष की इंदू ठाकुर और रितु शर्मा ने जलवायु परिवर्तन के कारण होने वाली घटनाओं से आपदा की स्थिति होने पर विचार रखे। इस अवसर पर आयुष और विनय ठाकुर ने भी आपदाओं के प्रति सजग रहने का आह्वान किया। राकेश ठाकुर ने आपदा जोखिम न्यूनीकरण के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने प्रतिभागियों को बताया कि किस प्रकार पूर्व तैयारी, सतर्कता और सामुदायिक सहभागिता आपदा के प्रभावों को कम कर सकती है। कुलदीप धीमान ने प्राथमिक चिकित्सा की स्थिति में सीपीआर देने का सभी प्रशिक्षणार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। इस मौके पर डाइट प्रबंधन कमेटी के अध्यक्ष गोपाल शर्मा सहित 80 प्रशिक्षु मौजूद रहे।
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