{"_id":"6ac4e5afde1f2da65b09954e","slug":"do-not-panic-during-a-disaster-provide-help-with-presence-of-mind-rakesh-kumar-bilaspur-news-c-92-1-ssml1001-169308-2026-10-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"आपदा में घबराएं नहीं, सूझबूझ से करें मदद : राकेश कुमार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आपदा में घबराएं नहीं, सूझबूझ से करें मदद : राकेश कुमार
विज्ञापन
स्वयंसेवियों को भूकंप, भूस्खलन, अग्निकांड से बचाव के उपाय बताए
सीपीआर का कराया व्यावहारिक अभ्यास
संवाद न्यूज एजेंसी
जुखाला (बिलासपुर)। रानीकोटला स्कूल में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) शिविर के पांचवें दिन स्वयंसेवियों को आपदा प्रबंधन और प्राथमिक जीवन रक्षक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में कार्यरत जिला आपदा प्रबंधन समन्वयक राकेश कुमार ने स्वयंसेवियों को आपदा के दौरान शुरुआती कुछ मिनटों के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में घबराने के बजाय सूझबूझ से स्थिति का आकलन कर सुरक्षित तरीके से मदद करना जरूरी है।
उपप्रधानाचार्य एवं एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. लक्ष्मीकांत शर्मा ने राकेश कुमार का स्वागत किया। प्रशिक्षण के दौरान राकेश कुमार ने आपदा से पहले की तैयारियों की जानकारी देते हुए कहा कि जागरूकता, सही जानकारी और पूर्व तैयारी से आपदा के प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
उन्होंने भूकंप, भूस्खलन और आगजनी जैसी आपदाओं के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि आपदा की स्थिति में सबसे पहले अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। प्रशिक्षण के दौरान स्वयंसेवियों को सीपीआर यानी कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन की बुनियादी जानकारी दी गई। राकेश कुमार ने बेहोशी की स्थिति में प्राथमिक जीवन रक्षक सहायता देने की प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रदर्शन किया। कार्यक्रम अधिकारी डॉ. लक्ष्मीकांत शर्मा ने राकेश कुमार का आभार जताया।
विज्ञापन
विज्ञापन
सीपीआर का कराया व्यावहारिक अभ्यास
संवाद न्यूज एजेंसी
जुखाला (बिलासपुर)। रानीकोटला स्कूल में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) शिविर के पांचवें दिन स्वयंसेवियों को आपदा प्रबंधन और प्राथमिक जीवन रक्षक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में कार्यरत जिला आपदा प्रबंधन समन्वयक राकेश कुमार ने स्वयंसेवियों को आपदा के दौरान शुरुआती कुछ मिनटों के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में घबराने के बजाय सूझबूझ से स्थिति का आकलन कर सुरक्षित तरीके से मदद करना जरूरी है।
उपप्रधानाचार्य एवं एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. लक्ष्मीकांत शर्मा ने राकेश कुमार का स्वागत किया। प्रशिक्षण के दौरान राकेश कुमार ने आपदा से पहले की तैयारियों की जानकारी देते हुए कहा कि जागरूकता, सही जानकारी और पूर्व तैयारी से आपदा के प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
विज्ञापन
उन्होंने भूकंप, भूस्खलन और आगजनी जैसी आपदाओं के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि आपदा की स्थिति में सबसे पहले अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। प्रशिक्षण के दौरान स्वयंसेवियों को सीपीआर यानी कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन की बुनियादी जानकारी दी गई। राकेश कुमार ने बेहोशी की स्थिति में प्राथमिक जीवन रक्षक सहायता देने की प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रदर्शन किया। कार्यक्रम अधिकारी डॉ. लक्ष्मीकांत शर्मा ने राकेश कुमार का आभार जताया।
विज्ञापन