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Bilaspur News: एसी भारद्वाज, दीक्षा के नाम रही मेले की दूसरी सांस्कृतिक संध्या
Sun, 10 May 2026 11:49 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Sun, 10 May 2026 11:49 PM IST
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पंचायत मोरसिंघी में आयोजित तीन दिवसीय नलवाड़ मेले की दूसरी सांस्कृतिक संध्या में एसी भारद्धाज क
नलवाड़ मेले में लोक कलाकारों के गीतों पर देर रात तक झूमते रहे दर्शक
कबड्डी और रस्साकसी प्रतियोगिताओं ने भी बांधा समां
संवाद न्यूज एजेंसी
भगेड़ (बिलासपुर)। ग्राम पंचायत मोरसिंघी में आयोजित तीन दिवसीय नलवाड़ मेले की दूसरी सांस्कृतिक संध्या में शनिवार रात रंगारंग प्रस्तुतियों और लोक संस्कृति की मनमोहक झलकियों के बीच हुई। मेले में स्थानीय लोगों के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों से भी भारी संख्या में लोग पहुंचे। देर रात तक चले कार्यक्रम में पूरा पंडाल दर्शकों से खचाखच भरा रहा और कलाकारों की प्रस्तुतियों पर लोगों ने जमकर नृत्य किया।
कार्यक्रम में मुख्यातिथि के रूप में सेवानिवृत्त प्रिंसिपल यशवंत जस्टा ने शिरकत की। मेला समिति के प्रधान केआर रत्न और समिति सदस्यों ने उन्हें हिमाचली टोपी व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। मुख्यातिथि ने मेले के सफल आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन प्रदेश की लोक संस्कृति और पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाते हैं। सांस्कृतिक संध्या का आगाज लोक गायक सुरेश शर्मा ने भक्ति एवं लोकगीतों से किया। उन्होंने मेरा शम्भू पधारो और आने से उसके आए बहार जैसे गीत प्रस्तुत कर माहौल को संगीतमय बना दिया। दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका उत्साहवर्धन किया। इसके बाद स्टार नाइट कलाकार दीक्षा भारद्वाज ने मंच संभाला और पहाड़ी एंव लोकगीतों की शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने पाणी दा कडोलू माटी दा मटोलू, खाणा-पीणा नंद लेणी ओ गमरिए, बोतल रह गई ठेके और माहीं वे मोहब्बता जैसे गीतों पर युवाओं और महिलाओं को खूब झुमाया। उनकी प्रस्तुति के दौरान पूरा पंडाल तालियों और हूटिंग से गूंज उठा।
वहीं हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध स्टार नाइट कलाकार एसी भारद्वाज ने अपने दमदार अंदाज से समां बांध दिया। उन्होंने तेरा मेरा प्यार अड़िए, एक बार जवानी आए फिर ना आए, “खाइके पान रस वाला, डब्बा टिन दा बनना और दिल ले गई कुड़ी गुजरात की जैसे लोकप्रिय गीत प्रस्तुत किए। उनके गीतों पर युवा देर रात तक थिरकते रहे और पूरे मेले में उत्साह का माहौल बना रहा। मेले के दूसरे दिन खेल प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। कबड्डी प्रतियोगिता में विभिन्न क्षेत्रों की आठ टीमों ने भाग लिया। महिला वर्ग के फाइनल मुकाबले में बोहत कशोल और कुठेड़ा की टीमों के बीच रोमांचक मुकाबला हुआ, जिसमें बोहत कशोल विजेता रही अंडर-14 पुरुष वर्ग में मोरसिंघी ‘बी’ और मोरसिंघी ‘ए’ के बीच खेले गए मुकाबले में मोरसिंघी बी’ टीम ने जीत दर्ज की। पुरुष वर्ग के फाइनल मुकाबले में कृष्णा अकादमी भगेड़ और खेलो इंडिया बिलासपुर की टीमों के बीच जोरदार टक्कर देखने को मिली। दोनों टीमों ने शानदार खेल का प्रदर्शन किया, लेकिन अंत में कृष्णा अकादमी भगेड़ विजेता बनी। मुख्य अतिथि और मेला समिति के सदस्यों ने विजेता एवं उपविजेता टीमों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इसके अलावा पुरुष वर्ग की रस्सा कस्सी प्रतियोगिता भी मेले का मुख्य आकर्षण रही। युवाओं ने बढ़-चढ़कर इसमें भाग लिया और दर्शकों ने प्रतियोगिता का भरपूर आनंद उठाया।
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कबड्डी और रस्साकसी प्रतियोगिताओं ने भी बांधा समां
संवाद न्यूज एजेंसी
भगेड़ (बिलासपुर)। ग्राम पंचायत मोरसिंघी में आयोजित तीन दिवसीय नलवाड़ मेले की दूसरी सांस्कृतिक संध्या में शनिवार रात रंगारंग प्रस्तुतियों और लोक संस्कृति की मनमोहक झलकियों के बीच हुई। मेले में स्थानीय लोगों के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों से भी भारी संख्या में लोग पहुंचे। देर रात तक चले कार्यक्रम में पूरा पंडाल दर्शकों से खचाखच भरा रहा और कलाकारों की प्रस्तुतियों पर लोगों ने जमकर नृत्य किया।
कार्यक्रम में मुख्यातिथि के रूप में सेवानिवृत्त प्रिंसिपल यशवंत जस्टा ने शिरकत की। मेला समिति के प्रधान केआर रत्न और समिति सदस्यों ने उन्हें हिमाचली टोपी व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। मुख्यातिथि ने मेले के सफल आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन प्रदेश की लोक संस्कृति और पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाते हैं। सांस्कृतिक संध्या का आगाज लोक गायक सुरेश शर्मा ने भक्ति एवं लोकगीतों से किया। उन्होंने मेरा शम्भू पधारो और आने से उसके आए बहार जैसे गीत प्रस्तुत कर माहौल को संगीतमय बना दिया। दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका उत्साहवर्धन किया। इसके बाद स्टार नाइट कलाकार दीक्षा भारद्वाज ने मंच संभाला और पहाड़ी एंव लोकगीतों की शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने पाणी दा कडोलू माटी दा मटोलू, खाणा-पीणा नंद लेणी ओ गमरिए, बोतल रह गई ठेके और माहीं वे मोहब्बता जैसे गीतों पर युवाओं और महिलाओं को खूब झुमाया। उनकी प्रस्तुति के दौरान पूरा पंडाल तालियों और हूटिंग से गूंज उठा।
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वहीं हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध स्टार नाइट कलाकार एसी भारद्वाज ने अपने दमदार अंदाज से समां बांध दिया। उन्होंने तेरा मेरा प्यार अड़िए, एक बार जवानी आए फिर ना आए, “खाइके पान रस वाला, डब्बा टिन दा बनना और दिल ले गई कुड़ी गुजरात की जैसे लोकप्रिय गीत प्रस्तुत किए। उनके गीतों पर युवा देर रात तक थिरकते रहे और पूरे मेले में उत्साह का माहौल बना रहा। मेले के दूसरे दिन खेल प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। कबड्डी प्रतियोगिता में विभिन्न क्षेत्रों की आठ टीमों ने भाग लिया। महिला वर्ग के फाइनल मुकाबले में बोहत कशोल और कुठेड़ा की टीमों के बीच रोमांचक मुकाबला हुआ, जिसमें बोहत कशोल विजेता रही अंडर-14 पुरुष वर्ग में मोरसिंघी ‘बी’ और मोरसिंघी ‘ए’ के बीच खेले गए मुकाबले में मोरसिंघी बी’ टीम ने जीत दर्ज की। पुरुष वर्ग के फाइनल मुकाबले में कृष्णा अकादमी भगेड़ और खेलो इंडिया बिलासपुर की टीमों के बीच जोरदार टक्कर देखने को मिली। दोनों टीमों ने शानदार खेल का प्रदर्शन किया, लेकिन अंत में कृष्णा अकादमी भगेड़ विजेता बनी। मुख्य अतिथि और मेला समिति के सदस्यों ने विजेता एवं उपविजेता टीमों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इसके अलावा पुरुष वर्ग की रस्सा कस्सी प्रतियोगिता भी मेले का मुख्य आकर्षण रही। युवाओं ने बढ़-चढ़कर इसमें भाग लिया और दर्शकों ने प्रतियोगिता का भरपूर आनंद उठाया।
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