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Bilaspur News: बरसात में बढ़ा सर्पदंश का खतरा, समय पर इलाज ही बचा सकता है जान

Sun, 05 Jul 2026 12:53 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 05 Jul 2026 12:53 AM IST
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The risk of snakebite increases during the rainy season; only timely treatment can save livesThe risk of snakebite increases during the rainy season; only timely treatment can save lives..
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की
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सांप काटने पर झाड़-फूंक से बचें, तुरंत पहुंचें अस्पताल
काटे गए स्थान को कसकर न बांधें, मरीज को शांत रखकर जल्द अस्पताल पहुंचाएं

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। मानसून की शुरुआत के साथ जिले में सर्पदंश की घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। इसे देखते हुए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण बिलासपुर ने लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। प्राधिकरण ने कहा है कि बारिश के मौसम में सांप और अन्य विषैले जीव-जंतु अपने बिलों में पानी भर जाने के कारण सुरक्षित स्थानों की तलाश में बाहर निकल आते हैं। ऐसे में खेतों, बगीचों, झाड़ियों, गोशालाओं और रिहायशी क्षेत्रों में इनके दिखने की संभावना काफी बढ़ जाती है। इसलिए लोगों को इस मौसम में अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
बरसात के दिनों में ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ शहरी इलाकों में भी सर्पदंश के मामले सामने आते हैं। ऐसे में यदि किसी व्यक्ति को सांप काट ले तो घबराने की बजाय तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेना सबसे जरूरी है। समय पर अस्पताल पहुंचने और एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन उपलब्ध होने से अधिकांश मरीजों का सफल उपचार संभव है। उपचार में देरी मरीज की जान के लिए खतरा बन सकती है। लोगों को चेताया है कि सांप काटने के बाद झाड़-फूंक, टोना-टोटका या घरेलू उपचार के चक्कर में बिल्कुल न पड़ें। इस तरह के उपाय न केवल समय बर्बाद करते हैं बल्कि मरीज की स्थिति को और गंभीर बना सकते हैं। प्राथमिक उपचार के बाद मरीज को बिना देरी किए नजदीकी सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाना चाहिए। स्पष्ट किया है कि कई लोग सर्पदंश के बाद प्रभावित अंग को रस्सी या कपड़े से बहुत कसकर बांध देते हैं, जिससे रक्त संचार प्रभावित हो सकता है और नुकसान बढ़ सकता है। यदि आवश्यक हो तो केवल हल्का बंधन करें और मरीज को अधिक चलने-फिरने न दें। उसे शांत अवस्था में रखते हुए जल्द से जल्द अस्पताल ले जाएं। जिले के लोगों से अपील की है कि बरसात के मौसम में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। थोड़ी-सी सावधानी और समय पर उपचार से सर्पदंश जैसी घटनाओं में होने वाली जनहानि को रोका जा सकता है। साथ ही लोगों से यह संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का भी आग्रह किया गया है, ताकि बरसात के दौरान सभी सुरक्षित रह सकें।
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ये सावधानियां बरतें लोग
प्राधिकरण ने बरसात के मौसम में कुछ आवश्यक सावधानियां अपनाने की सलाह भी दी है। खेतों, जंगलों, झाड़ियों और गीले स्थानों पर काम करते समय हमेशा मजबूत जूते पहनें। रात के समय बाहर निकलते हुए टॉर्च का प्रयोग करें। घास, लकड़ियों के ढेर या झाड़ियों में बिना देखे हाथ-पैर न डालें। घर और उसके आसपास साफ-सफाई बनाए रखें तथा कबाड़, पत्थरों और झाड़ियों को हटाएं, ताकि सांपों को छिपने की जगह न मिले। यदि कहीं सांप दिखाई दे तो उसे मारने या पकड़ने का प्रयास न करें। ऐसा करना खतरनाक हो सकता है। इसकी सूचना वन विभाग या संबंधित रेस्क्यू टीम को दें, ताकि सुरक्षित तरीके से सांप को वहां से हटाया जा सके।
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