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Bilaspur News: सीवरेज की गंदगी सीर खड्ड में मिलने से बढ़ा बीमारियों का खतरा
Sun, 22 Feb 2026 11:30 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Sun, 22 Feb 2026 11:30 PM IST
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घुमारवीं शहर से सटी दकड़ी पंचायत के गांव गल्याना में खुले में बह रहा सीवरेज का पानी। संवाद
गल्याना गांव में बदबू से लोगों का जीवन हुआ मुश्किल
दकड़ी पंचायत में खंडहर जैसी हालत में है लाखों का सीवरेज टैंक
सीवरेज टैंक में जमा होने के बजाय खुले में बह रहा गंदा पानी
संजीव शामा
घुमारवीं(बिलासपुर)। शहर की बदहाल सीवरेज व्यवस्था अब गांवों के लिए भी मुसीबत बनती जा रही है। घुमारवीं शहर से सटी दकड़ी पंचायत के गांव गल्याना में हालात दिन-प्रतिदिन गंभीर होते जा रहे हैं। यहां लाखों रुपये की लागत से बनाया गया सीवरेज टैंक खंडहर जैसी स्थिति में पहुंच चुका है और उसमें एकत्र होने के बजाय सीवरेज का गंदा पानी खुले में झरनों की तरह बह रहा है। यह मल-मूत्र युक्त पानी नालों के रास्ते आगे बढ़ते हुए सीर खड्ड में जा रहा है, जिससे जनस्वास्थ्य को लेकर बड़ा खतरा पैदा हो गया है।
सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि इसी सीर खड्ड से दर्जनों गांवों को पेयजल योजनाओं के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जाती है। ऐसे में सीवरेज का दूषित पानी जल स्रोत में मिलना हजारों लोगों की सेहत के साथ सीधा खिलवाड़ माना जा रहा है। गल्याना गांव के लोग जहां चारों ओर फैली गंदगी से परेशान हैं, वहीं असहनीय बदबू ने जीवन दूभर कर दिया है। लोगों के अनुसार स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि घरों के बाहर खड़ा होना भी मुश्किल हो गया है। लोगों में यह आशंका बढ़ती जा रही है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो संक्रामक बीमारियां फैल सकती हैं। बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य को लेकर ग्रामीण विशेष रूप से चिंतित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सीवरेज टैंक के आसपास और जिस खुले नाले में गंदा पानी बह रहा है, उसके साथ लगते खेतों में जाना भी अब दूभर हो गया है। बदबू इतनी तेज है कि किसानों के लिए खेती संबंधी कार्य करना कठिन हो गया है। इससे स्वास्थ्य के साथ आजीविका पर भी असर पड़ रहा है।
स्थिति और भी गंभीर इसलिए मानी जा रही है क्योंकि जिस नाले में सीवरेज की गंदगी बह रही है, उसी के बीचों-बीच पनौल और अमरपुर पंचायतों की पेयजल आपूर्ति के लिए 9 इंच और 3 इंच की पाइप लाइन बिछाई गई हैं। यदि इन पाइपों में कहीं भी रिसाव हुआ तो दूषित पानी सीधे लोगों के घरों तक पहुंच सकता है, जो किसी बड़ी जन स्वास्थ्य आपदा से कम नहीं होगा। संवाद
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इनसेट
विभागों पर अनदेखी के आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार संबंधित विभागों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल आश्वासन ही मिले। नगर परिषद और जल शक्ति विभाग की कथित उदासीनता से लोगों में रोष बढ़ता जा रहा है।
कोट
पूरे मामले की जांच की जाएगी। दकड़ी पंचायत में बना सीवरेज टैंक सीवरेज संयंत्र से जोड़ा गया है, फिर भी यदि कहीं अव्यवस्था पाई गई तो उसे तत्काल दुरुस्त करवाया जाएगा।
पवन कुमार, सहायक अभियंता, जल शक्ति विभाग, घुमारवीं
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दकड़ी पंचायत में खंडहर जैसी हालत में है लाखों का सीवरेज टैंक
सीवरेज टैंक में जमा होने के बजाय खुले में बह रहा गंदा पानी
संजीव शामा
घुमारवीं(बिलासपुर)। शहर की बदहाल सीवरेज व्यवस्था अब गांवों के लिए भी मुसीबत बनती जा रही है। घुमारवीं शहर से सटी दकड़ी पंचायत के गांव गल्याना में हालात दिन-प्रतिदिन गंभीर होते जा रहे हैं। यहां लाखों रुपये की लागत से बनाया गया सीवरेज टैंक खंडहर जैसी स्थिति में पहुंच चुका है और उसमें एकत्र होने के बजाय सीवरेज का गंदा पानी खुले में झरनों की तरह बह रहा है। यह मल-मूत्र युक्त पानी नालों के रास्ते आगे बढ़ते हुए सीर खड्ड में जा रहा है, जिससे जनस्वास्थ्य को लेकर बड़ा खतरा पैदा हो गया है।
सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि इसी सीर खड्ड से दर्जनों गांवों को पेयजल योजनाओं के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जाती है। ऐसे में सीवरेज का दूषित पानी जल स्रोत में मिलना हजारों लोगों की सेहत के साथ सीधा खिलवाड़ माना जा रहा है। गल्याना गांव के लोग जहां चारों ओर फैली गंदगी से परेशान हैं, वहीं असहनीय बदबू ने जीवन दूभर कर दिया है। लोगों के अनुसार स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि घरों के बाहर खड़ा होना भी मुश्किल हो गया है। लोगों में यह आशंका बढ़ती जा रही है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो संक्रामक बीमारियां फैल सकती हैं। बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य को लेकर ग्रामीण विशेष रूप से चिंतित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सीवरेज टैंक के आसपास और जिस खुले नाले में गंदा पानी बह रहा है, उसके साथ लगते खेतों में जाना भी अब दूभर हो गया है। बदबू इतनी तेज है कि किसानों के लिए खेती संबंधी कार्य करना कठिन हो गया है। इससे स्वास्थ्य के साथ आजीविका पर भी असर पड़ रहा है।
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स्थिति और भी गंभीर इसलिए मानी जा रही है क्योंकि जिस नाले में सीवरेज की गंदगी बह रही है, उसी के बीचों-बीच पनौल और अमरपुर पंचायतों की पेयजल आपूर्ति के लिए 9 इंच और 3 इंच की पाइप लाइन बिछाई गई हैं। यदि इन पाइपों में कहीं भी रिसाव हुआ तो दूषित पानी सीधे लोगों के घरों तक पहुंच सकता है, जो किसी बड़ी जन स्वास्थ्य आपदा से कम नहीं होगा। संवाद
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विभागों पर अनदेखी के आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार संबंधित विभागों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल आश्वासन ही मिले। नगर परिषद और जल शक्ति विभाग की कथित उदासीनता से लोगों में रोष बढ़ता जा रहा है।
कोट
पूरे मामले की जांच की जाएगी। दकड़ी पंचायत में बना सीवरेज टैंक सीवरेज संयंत्र से जोड़ा गया है, फिर भी यदि कहीं अव्यवस्था पाई गई तो उसे तत्काल दुरुस्त करवाया जाएगा।
पवन कुमार, सहायक अभियंता, जल शक्ति विभाग, घुमारवीं