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Bilaspur News: रात को आए मरीज को बेड से उठाया, जबरन घर भेजा
Thu, 19 Mar 2026 11:07 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Thu, 19 Mar 2026 11:07 PM IST
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मरीज ने खंड चिकित्सा अधिकारी को दी शिकायत
घुमारवीं अस्पताल की घटना, एक कर्मचारी पर आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। सिविल अस्पताल घुमारवीं में बुधवार देर रात एक मरीज को उपचार के दौरान बेड से उठाकर जबरन घर भेजे जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने इसे अमानवीय व्यवहार करार देते हुए अस्पताल प्रबंधन के समक्ष लिखित शिकायत दर्ज करवाई है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।
शिकायत के अनुसार बुधवार देर रात मरीज को अचानक तेज पेट दर्द हुआ, जिसके बाद उसने एंबुलेंस सेवा को फोन किया। एंबुलेंस उसे उसके घर से लेकर करीब रात 12 बजे सिविल अस्पताल घुमारवीं पहुंची। अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक ने मरीज की जांच की और आवश्यक उपचार देते हुए इंजेक्शन लिखे, जिन्हें नर्सिंग स्टाफ की ओर से लगाया गया। मरीज के अनुसार चिकित्सक ने उसे कुछ समय अस्पताल में ही रुकने की सलाह दी। मरीज का कहना है कि करीब एक घंटे तक दर्द में कोई खास राहत नहीं मिली, जिसके बाद चिकित्सक ने उसे दो और इंजेक्शन दिए। इसके बाद वह दर्द से कराहते हुए अस्पताल के बेड पर लेटा हुआ था। इसी दौरान अस्पताल का एक कर्मचारी वहां पहुंचा और उससे तुरंत बेड खाली करने को कहा।
मरीज ने बताया कि उसने कर्मचारी को अपनी स्थिति से अवगत करवाते हुए बताया कि उसका दर्द अभी भी जारी है और वह अन्य बीमारियों, विशेषकर सर्वाइकल समस्या, से भी ग्रसित है, जिससे उठने-बैठने में दिक्कत हो रही है। उसने आग्रह किया कि थोड़ी राहत मिलते ही वह स्वयं घर चला जाएगा। आरोप है कि इसके बावजूद कर्मचारी ने मरीज की हालत को नजरअंदाज करते हुए उसे बेड पर लेटे रहने की अनुमति नहीं दी और जबरन उठाकर अस्पताल से बाहर जाने को कहा। मरीज के अनुसार, उस समय उसके पास घर जाने के लिए कोई साधन भी उपलब्ध नहीं था, बावजूद इसके उसे रुकने नहीं दिया गया।
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शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित कर्मचारी ने स्वयं एक वाहन बुलवाया। कर्मचारी ने मरीज से ढाई सौ रुपये लेकर वाहन चालक को दिए और उसे घर छोड़ने के निर्देश दिए। मरीज का कहना है कि वह मजबूरी में घर गया, लेकिन वहां पहुंचने के बाद भी वह पेट दर्द से परेशान रहा। पीड़ित ने पूरे घटनाक्रम को अमानवीय व्यवहार बताते हुए खंड चिकित्सा अधिकारी के समक्ष लिखित शिकायत दी है और संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी अन्य मरीज के साथ ऐसा न हो।
कोट
इस संबंध में लिखित शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की जांच की जाएगी और यदि कोई कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मरीजों के साथ इस प्रकार का व्यवहार किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा।
डॉ. अनुपम शर्मा, खंड चिकित्सा अधिकारी, घुमारवीं
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घुमारवीं अस्पताल की घटना, एक कर्मचारी पर आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। सिविल अस्पताल घुमारवीं में बुधवार देर रात एक मरीज को उपचार के दौरान बेड से उठाकर जबरन घर भेजे जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने इसे अमानवीय व्यवहार करार देते हुए अस्पताल प्रबंधन के समक्ष लिखित शिकायत दर्ज करवाई है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।
शिकायत के अनुसार बुधवार देर रात मरीज को अचानक तेज पेट दर्द हुआ, जिसके बाद उसने एंबुलेंस सेवा को फोन किया। एंबुलेंस उसे उसके घर से लेकर करीब रात 12 बजे सिविल अस्पताल घुमारवीं पहुंची। अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक ने मरीज की जांच की और आवश्यक उपचार देते हुए इंजेक्शन लिखे, जिन्हें नर्सिंग स्टाफ की ओर से लगाया गया। मरीज के अनुसार चिकित्सक ने उसे कुछ समय अस्पताल में ही रुकने की सलाह दी। मरीज का कहना है कि करीब एक घंटे तक दर्द में कोई खास राहत नहीं मिली, जिसके बाद चिकित्सक ने उसे दो और इंजेक्शन दिए। इसके बाद वह दर्द से कराहते हुए अस्पताल के बेड पर लेटा हुआ था। इसी दौरान अस्पताल का एक कर्मचारी वहां पहुंचा और उससे तुरंत बेड खाली करने को कहा।
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मरीज ने बताया कि उसने कर्मचारी को अपनी स्थिति से अवगत करवाते हुए बताया कि उसका दर्द अभी भी जारी है और वह अन्य बीमारियों, विशेषकर सर्वाइकल समस्या, से भी ग्रसित है, जिससे उठने-बैठने में दिक्कत हो रही है। उसने आग्रह किया कि थोड़ी राहत मिलते ही वह स्वयं घर चला जाएगा। आरोप है कि इसके बावजूद कर्मचारी ने मरीज की हालत को नजरअंदाज करते हुए उसे बेड पर लेटे रहने की अनुमति नहीं दी और जबरन उठाकर अस्पताल से बाहर जाने को कहा। मरीज के अनुसार, उस समय उसके पास घर जाने के लिए कोई साधन भी उपलब्ध नहीं था, बावजूद इसके उसे रुकने नहीं दिया गया।
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शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित कर्मचारी ने स्वयं एक वाहन बुलवाया। कर्मचारी ने मरीज से ढाई सौ रुपये लेकर वाहन चालक को दिए और उसे घर छोड़ने के निर्देश दिए। मरीज का कहना है कि वह मजबूरी में घर गया, लेकिन वहां पहुंचने के बाद भी वह पेट दर्द से परेशान रहा। पीड़ित ने पूरे घटनाक्रम को अमानवीय व्यवहार बताते हुए खंड चिकित्सा अधिकारी के समक्ष लिखित शिकायत दी है और संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी अन्य मरीज के साथ ऐसा न हो।
कोट
इस संबंध में लिखित शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की जांच की जाएगी और यदि कोई कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मरीजों के साथ इस प्रकार का व्यवहार किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा।
डॉ. अनुपम शर्मा, खंड चिकित्सा अधिकारी, घुमारवीं