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Bilaspur News: सरकारी तंत्र की लापरवाही की भेंट चढ़ रही नवनिर्मित मल्टी स्टोरी पार्किंग

Fri, 26 Dec 2025 11:05 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Fri, 26 Dec 2025 11:05 PM IST
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The newly constructed multi-story parking is falling prey to the negligence of the government machinery.
आठ माह पहले लोकार्पित की गई घुमारवीं की पार्किंग। संवाद
घुमारवीं में आठ माह पहले कैबिनेट मंत्री ने किया था लोकार्पण
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पार्किंग समस्या और ट्रैफिक जाम से लोगों को मिलनी थी राहत

संजीव शामा
घुमारवीं(बिलासपुर)। घुमारवीं में एसडीएम कार्यालय के समीप नवनिर्मित मल्टी स्टोरी पार्किंग भवन जनता के टैक्स के पैसों के दुरुपयोग और सरकारी तंत्र की लापरवाही का बड़ा उदाहरण बनता जा रहा है। करीब आठ महीने पहले तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने दो करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस पार्किंग का बड़े उत्साह के साथ उद्घाटन किया था। उस समय दावा किया गया था कि इससे शहर की पार्किंग समस्या और ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी, लेकिन हकीकत इसके बिल्कुल उलट है।
आठ महीने बीत जाने के बावजूद पार्किंग आज भी आम जनता के लिए नहीं खोली जा सकी है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या उद्घाटन केवल राजनीतिक प्रचार और फोटो सेशन तक ही सीमित था। यदि पार्किंग को शुरू ही नहीं करना था, तो उदघाटन ही क्यों कराया गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि करोड़ों रुपये से बनी यह पार्किंग अब नगर परिषद और सफाई ठेकेदार की मिलीभगत का अड्डा बन गई है। पार्किंग भवन में सफाई ठेकेदार के अधीन काम करने वाले प्रवासी मजदूरों को ठहराया गया है और परिसर को कूड़े की डंपिंग साइट की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि यह सब जानबूझकर किया जा रहा है ताकि पार्किंग संचालन से जुड़ी अनियमितताओं पर पर्दा डाला जा सके। पूरे मामले में भ्रष्टाचार की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। अब तर्क दिया जा रहा है कि सीर खड्ड पुल से मेला ग्राउंड होते हुए पार्किंग तक जाने वाली सड़क का निर्माण कार्य 31 मार्च तक पूरा किया जाएगा, उसके बाद ही पार्किंग शुरू होगी। सवाल यह है कि जब सड़क ही तैयार नहीं थी, तो फिर पार्किंग का उद्घाटन क्यों किया गया। क्या जनता को गुमराह करना अब सामान्य प्रक्रिया बन चुकी है।
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नगर परिषद का कहना है कि सर्दियों के कारण प्रवासी मजदूरों को पार्किंग से हटाया नहीं जा सकता और लोगों से अपील की जा रही है कि उन्हें रहने के लिए जगह उपलब्ध करवाई जाए। यह बयान अपने आप में नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। क्या करोड़ों की सार्वजनिक संपत्ति को अस्थायी मजदूर आवास में बदल देना ही समाधान है। गौरतलब है कि करीब दो वर्ष पूर्व तैयार किया गया एक पार्किंग प्लान राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अतिक्रमण हटाओ अभियान की भेंट चढ़ गया था। इसके बाद से घुमारवीं की पार्किंग व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। आज स्थिति यह है कि लोगों के पास वाहन खड़े करने के लिए एक भी सुरक्षित और स्थायी स्थान उपलब्ध नहीं है। इस मुद्दे को लेकर स्थानीय जनता में भारी रोष है। लोगों की मांग है कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, नगर परिषद और ठेकेदार की भूमिका को सार्वजनिक किया जाए, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और करोड़ों की लागत से बनी पार्किंग को तुरंत जनता के लिए खोला जाए। अन्यथा यह परियोजना घुमारवीं में सरकारी उदासीनता का स्थायी स्मारक बनकर रह जाएगी। संवाद
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कोट
इस मामले पर तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि पार्किंग भवन तक पहुंचने वाली सड़क निर्माण में समस्या आ रही थी। पिछली सरकार के कार्यकाल में सड़क का काम शुरू तो हुआ था, लेकिन इसके लिए कोई बजट प्रावधान नहीं किया गया था। अब बजट उपलब्ध करवा दिया गया है और 31 मार्च तक सड़क निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद पार्किंग सुविधा भी शुरू कर दी जाएगी।
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