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Bilaspur News: पूर्व प्रधान ने नई कार्यकारिणी को बताया अवैध, ट्रांसपोर्टरों के हितों से खिलवाड़
Sun, 07 Jun 2026 10:45 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Sun, 07 Jun 2026 10:45 PM IST
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बीडीटीएस में बढ़े विवाद के बीच पूर्व प्रधान ने प्रशासनिक हस्तक्षेप की उठाई मांग
कहा, किराया बढ़ोतरी का मुद्दा आते ही कुछ लोग प्रक्रिया में डालते हैं बाधा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। बिलासपुर जिला ट्रक ऑपरेटर परिवहन सहकारी सभा लिमिटेड (बीडीटीएस) में चल रहा अंदरूनी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार को बिलासपुर सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता में विपक्ष के नेता एवं पूर्व प्रधान नीलम चंदेल ने वर्तमान कार्यकारिणी पर गंभीर आरोप लगाते हुए उसके गठन को अवैध बताया। उन्होंने कहा कि नई कार्यकारिणी के गठन की प्रक्रिया नियमों के अनुरूप नहीं हुई है और इससे ट्रक ऑपरेटरों के हित प्रभावित हो रहे हैं।
नीलम चंदेल ने कहा कि ट्रांसपोर्ट सेक्टर में हर पांच वर्ष बाद बढ़ते परिचालन खर्चों को देखते हुए किराया वृद्धि (हाइक) तय की जाती है। ट्रकों के पुर्जों, लुब्रिकेंट, बीमा, पासिंग और डीजल की बढ़ती कीमतों को आधार बनाकर निर्धारित प्रक्रिया के तहत हाइक पर चर्चा होती है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में कई दौर की बैठकें हो चुकी थीं और कंपनी के साथ सहमति भी बन गई थी, केवल अंतिम एग्रीमेंट होना बाकी था। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी किराया बढ़ोतरी का मुद्दा सामने आता है, कुछ लोग जानबूझकर विरोध कर प्रक्रिया में बाधा डालते हैं, जिससे ट्रक ऑपरेटरों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने इसे एक सुनियोजित साजिश बताया।
पूर्व प्रधान ने वर्तमान प्रधान और उनकी कार्यकारिणी की ओर से लगाए गए आरोपों को भी निराधार करार दिया। उन्होंने कहा कि उन पर करीब 14 लाख रुपये हाईकोर्ट के वकीलों को भुगतान करने और सभा को कमजोर करने के जो आरोप लगाए गए हैं, वे तथ्यहीन हैं। उन्होंने कहा कि आरोप लगाने वाले कई लोग पहले उनकी कार्यकारिणी का हिस्सा रहे हैं और बाद में दबाव की राजनीति करने लगे। मांगें पूरी नहीं होने पर अविश्वास प्रस्ताव लाया गया। नीलम चंदेल ने अपने कार्यकाल की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि बरमाणा से कीरतपुर के बीच करीब 11 किलोमीटर हिल प्लेन कार्य पूरा करवाया गया। राष्ट्रीय राजमार्ग बंद रहने के दौरान ट्रांसपोर्टरों को 15 दिनों के लिए 31.44 लाख रुपये की राहत दिलाई गई। इसके अलावा लंबित 3.97 प्रतिशत हाइक लागू करवाई गई और 1.47 प्रतिशत वार्षिक हाइक भी तय करवाई गई।
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उन्होंने दावा किया कि पिछले 15 महीनों के दौरान कोई बगार नहीं की गई, जबकि इससे पहले बगार के नाम पर कई अनियमितताएं होती रही हैं। पूर्व प्रधान ने कहा कि वर्तमान हालात में बीडीटीएस के सुचारू संचालन और ट्रांसपोर्टरों के हितों की रक्षा के लिए प्रशासन को हस्तक्षेप करना चाहिए, ताकि संस्था में व्याप्त विवाद का स्थायी समाधान निकाला जा सके। इस मौके पर बीडीटीएस के पूर्व अध्यक्ष एवं प्रधान लेखराम वर्मा, सुरेश चौधरी, राम कुमार, बालक राम कपिल, रतन लाल, राजेश कुमार, विकास भार्गव और सुभाष कपलस सहित अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।
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कहा, किराया बढ़ोतरी का मुद्दा आते ही कुछ लोग प्रक्रिया में डालते हैं बाधा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। बिलासपुर जिला ट्रक ऑपरेटर परिवहन सहकारी सभा लिमिटेड (बीडीटीएस) में चल रहा अंदरूनी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार को बिलासपुर सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता में विपक्ष के नेता एवं पूर्व प्रधान नीलम चंदेल ने वर्तमान कार्यकारिणी पर गंभीर आरोप लगाते हुए उसके गठन को अवैध बताया। उन्होंने कहा कि नई कार्यकारिणी के गठन की प्रक्रिया नियमों के अनुरूप नहीं हुई है और इससे ट्रक ऑपरेटरों के हित प्रभावित हो रहे हैं।
नीलम चंदेल ने कहा कि ट्रांसपोर्ट सेक्टर में हर पांच वर्ष बाद बढ़ते परिचालन खर्चों को देखते हुए किराया वृद्धि (हाइक) तय की जाती है। ट्रकों के पुर्जों, लुब्रिकेंट, बीमा, पासिंग और डीजल की बढ़ती कीमतों को आधार बनाकर निर्धारित प्रक्रिया के तहत हाइक पर चर्चा होती है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में कई दौर की बैठकें हो चुकी थीं और कंपनी के साथ सहमति भी बन गई थी, केवल अंतिम एग्रीमेंट होना बाकी था। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी किराया बढ़ोतरी का मुद्दा सामने आता है, कुछ लोग जानबूझकर विरोध कर प्रक्रिया में बाधा डालते हैं, जिससे ट्रक ऑपरेटरों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने इसे एक सुनियोजित साजिश बताया।
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पूर्व प्रधान ने वर्तमान प्रधान और उनकी कार्यकारिणी की ओर से लगाए गए आरोपों को भी निराधार करार दिया। उन्होंने कहा कि उन पर करीब 14 लाख रुपये हाईकोर्ट के वकीलों को भुगतान करने और सभा को कमजोर करने के जो आरोप लगाए गए हैं, वे तथ्यहीन हैं। उन्होंने कहा कि आरोप लगाने वाले कई लोग पहले उनकी कार्यकारिणी का हिस्सा रहे हैं और बाद में दबाव की राजनीति करने लगे। मांगें पूरी नहीं होने पर अविश्वास प्रस्ताव लाया गया। नीलम चंदेल ने अपने कार्यकाल की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि बरमाणा से कीरतपुर के बीच करीब 11 किलोमीटर हिल प्लेन कार्य पूरा करवाया गया। राष्ट्रीय राजमार्ग बंद रहने के दौरान ट्रांसपोर्टरों को 15 दिनों के लिए 31.44 लाख रुपये की राहत दिलाई गई। इसके अलावा लंबित 3.97 प्रतिशत हाइक लागू करवाई गई और 1.47 प्रतिशत वार्षिक हाइक भी तय करवाई गई।
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उन्होंने दावा किया कि पिछले 15 महीनों के दौरान कोई बगार नहीं की गई, जबकि इससे पहले बगार के नाम पर कई अनियमितताएं होती रही हैं। पूर्व प्रधान ने कहा कि वर्तमान हालात में बीडीटीएस के सुचारू संचालन और ट्रांसपोर्टरों के हितों की रक्षा के लिए प्रशासन को हस्तक्षेप करना चाहिए, ताकि संस्था में व्याप्त विवाद का स्थायी समाधान निकाला जा सके। इस मौके पर बीडीटीएस के पूर्व अध्यक्ष एवं प्रधान लेखराम वर्मा, सुरेश चौधरी, राम कुमार, बालक राम कपिल, रतन लाल, राजेश कुमार, विकास भार्गव और सुभाष कपलस सहित अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।