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Bilaspur News: रेल लाइन का निर्माण कर कंपनी ने दो वर्ष से मलबा उठाया न भरा जुर्माना
Fri, 18 Jul 2025 11:44 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Fri, 18 Jul 2025 11:44 PM IST
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साप्ताहिक प्लान की खबर
लंबे समय से मामला लंबित होने से गोबिंद सागर झील को हो रहा नुकसान
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड 2023 से भेज रहा है कंपनी को नोटिस
अवैध डंपिंग करने पर लगाया गया था 85.87 लाख रुपये जुर्माना
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। भानुपल्ली-बैरी रेल लाइन पर टनलों का निर्माण कर रही एक कंपनी ने दो साल बाद भी न तो अवैध रूप से डंप किया मलबा उठाया है, न ही लाखों रुपये का जुर्माना (पर्यावरणीय मुआवजा) भरा है। कंपनी की लापरवाही और लंबे समय से लंबित पड़े मामले के कारण नुकसान गोबिंद सागर झील को हो रहा है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड 2023 से दिलीप बिल्डकॉन कंपनी पर कार्रवाई कर रही है। कंपनी को तब से लेकर आज कई नोटिस जारी हो चुके हैं, लेकिन मामला अभी तक कानूनी पेंच में फंसा हुआ है। जानकारी के अनुसार प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड बिलासपुर के क्षेत्रीय अधिकारी ने साल 2023 में एक रिपोर्ट तैयार की थी। रिपोर्ट के अनुसार रेल लाइन की टनल नंबर -14, 15 और 16 के लिए बनाए गए अप्रोच मार्गों के साथ गोबिंद सागर झील में अवैज्ञानिक रूप से भारी मात्रा में मलबा डाला गया है। मलबे को झील में गिरने से बचाने के लिए कोई सुरक्षा उपाय भी नहीं किए गए हैं। इससे झील के पानी की गुणवत्ता खराब होने की संभावना है। क्षेत्रीय अधिकारी ने कंपनी को वर्ष 2023 में कंपनी को मलबा की डंपिंग को रोकने और सुरक्षा उपाय प्रदान करने के लिए तीन बार नोटिस जारी किए, लेकिन कंपनी की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। कंपनी पर 29.25 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया, लेकिन कंपनी ने जुर्माना नहीं भरा। अवैध डंपिंग भी नहीं रोकी गई। इसके बाद क्षेत्रीय अधिकारी ने जल अधिनियम और वायु अधिनियम के तहत राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को फिर से कार्रवाई करने सिफारिश की। कंपनी पर 56,62,500 रुपये का और जुर्माना लगाया गया। इस तरह से कंपनी पर 1 जुलाई 2023 से लेकर 30 जनवरी 2024 तक अवैध डंपिंग करने के लिए कुल 85,87,500 रुपये का जुर्माना लगाया गया।
राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 12 जून 2024 को कंपनी को फिर से नोटिस जारी किया। कंपनी की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई। 27 जून 2024 को नोटिस जारी कर कंपनी साइट की विद्युत आपूर्ति काट दी गई। इसके बाद कंपनी ने 20 जुलाई 2024 को 29.50 लाख रुपये का जुर्माना भरा और बाकी जुर्माना भरने और मलबे को हटाने का वादा किया। जुर्माना भरने के बाद विद्युत आपूर्ति बहाल हुई। प्रदूषण बोर्ड ने 12 मार्च 2025 को फिर से नोटिस जारी कर बाकी बचे जुर्माने को जमा कराने का अंतिम अवसर दिया था। हालांकि उसके बाद भी न तो मलबा हटाने पर कोई कार्रवाई हुई है और न ही कंपनी ने जुर्माना भरा है।
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कोट
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड बिलासपुर के क्षेत्रीय अधिकारी पवन शर्मा ने बताया कि मामला अभी उच्च अधिकारियों के पास है। उच्च अधिकारियों के निर्देश पर आगामी कार्रवाई की जाएगी। मामला उच्च न्यायालय में भी विचाराधीन है।
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लंबे समय से मामला लंबित होने से गोबिंद सागर झील को हो रहा नुकसान
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड 2023 से भेज रहा है कंपनी को नोटिस
अवैध डंपिंग करने पर लगाया गया था 85.87 लाख रुपये जुर्माना
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। भानुपल्ली-बैरी रेल लाइन पर टनलों का निर्माण कर रही एक कंपनी ने दो साल बाद भी न तो अवैध रूप से डंप किया मलबा उठाया है, न ही लाखों रुपये का जुर्माना (पर्यावरणीय मुआवजा) भरा है। कंपनी की लापरवाही और लंबे समय से लंबित पड़े मामले के कारण नुकसान गोबिंद सागर झील को हो रहा है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड 2023 से दिलीप बिल्डकॉन कंपनी पर कार्रवाई कर रही है। कंपनी को तब से लेकर आज कई नोटिस जारी हो चुके हैं, लेकिन मामला अभी तक कानूनी पेंच में फंसा हुआ है। जानकारी के अनुसार प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड बिलासपुर के क्षेत्रीय अधिकारी ने साल 2023 में एक रिपोर्ट तैयार की थी। रिपोर्ट के अनुसार रेल लाइन की टनल नंबर -14, 15 और 16 के लिए बनाए गए अप्रोच मार्गों के साथ गोबिंद सागर झील में अवैज्ञानिक रूप से भारी मात्रा में मलबा डाला गया है। मलबे को झील में गिरने से बचाने के लिए कोई सुरक्षा उपाय भी नहीं किए गए हैं। इससे झील के पानी की गुणवत्ता खराब होने की संभावना है। क्षेत्रीय अधिकारी ने कंपनी को वर्ष 2023 में कंपनी को मलबा की डंपिंग को रोकने और सुरक्षा उपाय प्रदान करने के लिए तीन बार नोटिस जारी किए, लेकिन कंपनी की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। कंपनी पर 29.25 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया, लेकिन कंपनी ने जुर्माना नहीं भरा। अवैध डंपिंग भी नहीं रोकी गई। इसके बाद क्षेत्रीय अधिकारी ने जल अधिनियम और वायु अधिनियम के तहत राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को फिर से कार्रवाई करने सिफारिश की। कंपनी पर 56,62,500 रुपये का और जुर्माना लगाया गया। इस तरह से कंपनी पर 1 जुलाई 2023 से लेकर 30 जनवरी 2024 तक अवैध डंपिंग करने के लिए कुल 85,87,500 रुपये का जुर्माना लगाया गया।
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राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 12 जून 2024 को कंपनी को फिर से नोटिस जारी किया। कंपनी की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई। 27 जून 2024 को नोटिस जारी कर कंपनी साइट की विद्युत आपूर्ति काट दी गई। इसके बाद कंपनी ने 20 जुलाई 2024 को 29.50 लाख रुपये का जुर्माना भरा और बाकी जुर्माना भरने और मलबे को हटाने का वादा किया। जुर्माना भरने के बाद विद्युत आपूर्ति बहाल हुई। प्रदूषण बोर्ड ने 12 मार्च 2025 को फिर से नोटिस जारी कर बाकी बचे जुर्माने को जमा कराने का अंतिम अवसर दिया था। हालांकि उसके बाद भी न तो मलबा हटाने पर कोई कार्रवाई हुई है और न ही कंपनी ने जुर्माना भरा है।
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कोट
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड बिलासपुर के क्षेत्रीय अधिकारी पवन शर्मा ने बताया कि मामला अभी उच्च अधिकारियों के पास है। उच्च अधिकारियों के निर्देश पर आगामी कार्रवाई की जाएगी। मामला उच्च न्यायालय में भी विचाराधीन है।