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Bilaspur News: नगर परिषद घुमारवीं में आज तक नहीं बन पाया सामुदायिक भवन

Thu, 07 May 2026 11:35 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Thu, 07 May 2026 11:35 PM IST
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The community hall could not be constructed till date in the Nagar Parishad Ghumarwin
चुनावी मुद्दा
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मध्यम वर्गीय परिवारों को कार्यक्रमों में खर्च करने पड़ते लाखों रुपये
30 वर्षों के इतिहास में शहर अभी भी मूलभूत सुविधा से वंचित

संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। नगर परिषद घुमारवीं के चुनावी माहौल में इस बार एक ऐसा मुद्दा लोगों की जुबान पर है, जिसे वर्षों तक नजरअंदाज किया जाता रहा। शहर के लोग अब खुलकर सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर नगर परिषद के पिछले लगभग 30 वर्षों के इतिहास में आज तक शहर को एक सामुदायिक भवन जैसी मूलभूत सुविधा क्यों नहीं मिल पाई?
घुमारवीं शहर लगातार फैलने की बजाय सिकुड़ता जा रहा है। अधिकांश लोगों के पास सीमित जमीन है और छोटे मकानों में रहने वाले परिवारों के लिए शादी-विवाह, धार्मिक आयोजन, सामाजिक कार्यक्रम या अन्य निजी समारोह आयोजित करना बेहद मुश्किल हो चुका है। ऐसे में लोगों को मजबूरन महंगे होटलों और मैरिज पैलेस का रुख करना पड़ता है, जहां एक छोटे से कार्यक्रम पर भी लाखों रुपये खर्च हो जाते हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब छोटे-छोटे शहरों और कस्बों में भी सामुदायिक भवन जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं, तो घुमारवीं आज तक इससे क्यों वंचित है? नगर परिषद के कई अध्यक्ष आए और गए, चुनावों में बड़े-बड़े वादे भी हुए, लेकिन शहर के लोगों की यह मूलभूत मांग हमेशा फाइलों और भाषणों तक ही सीमित रही। अब जब नगर परिषद चुनाव सिर पर हैं तो लोगों ने इस मुद्दे को चुनावी हथियार बना लिया है।
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आज यही चर्चा है कि जो उम्मीदवार शहर को सामुदायिक भवन जैसी सुविधा देने की स्पष्ट योजना और गंभीर आश्वासन देगा, जनता उसी के साथ खड़ी होगी। लोगों का कहना है कि चुनाव केवल वादों का मंच नहीं होना चाहिए, बल्कि शहर की वास्तविक जरूरतों को पूरा करने का माध्यम बनना चाहिए। शहरवासियों का मानना है कि सामुदायिक भवन केवल एक इमारत नहीं, बल्कि आम लोगों को आर्थिक राहत देने वाली सुविधा है। मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों के लिए यह किसी राहत से कम नहीं होगा। यदि नगर परिषद करोड़ों रुपये अन्य योजनाओं पर खर्च कर सकती है, तो फिर वर्षों से लंबित इस मांग पर ध्यान क्यों नहीं दिया गया। लोग अब महंगे होटलों और मैरिज पैलेस की मजबूरी से छुटकारा चाहते हैं।
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शहर के लोगों की यह मांग बिल्कुल जायज है। वर्षों से लोग सामुदायिक भवन की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन हर बार इसे नजरअंदाज किया गया। मध्यम वर्गीय परिवार आज निजी कार्यक्रमों के लिए आर्थिक बोझ उठाने को मजबूर हैं। नगर परिषद को इस मूलभूत सुविधा को प्राथमिकता देनी चाहिए। -रूप लाल शर्मा, अध्यक्ष, वरिष्ठ नागरिक सभा घुमारवीं

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शहर में आज सबसे बड़ी जरूरतों में से एक सामुदायिक भवन है। छोटे मकानों में रहने वाले परिवारों के लिए कार्यक्रम आयोजित करना मुश्किल हो चुका है। नेताओं ने वर्षों तक वादे किए लेकिन धरातल पर कुछ नहीं हुआ। इस बार जनता जवाब चाहती है और सुविधा भी चाहती है। - अमरनाथ शर्मा, वरिष्ठ नागरिक

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जब दूसरे शहरों में यह सुविधा उपलब्ध है तो घुमारवीं के लोग इससे वंचित क्यों रहें? लोगों को हर छोटे-बड़े कार्यक्रम के लिए महंगे होटलों का सहारा लेना पड़ता है। नगर परिषद को अब राजनीति से ऊपर उठकर इस विषय पर गंभीरता से काम करना चाहिए। - प्रशांत वासुदेव


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सामुदायिक भवन केवल सुविधा नहीं बल्कि आम जनता की जरूरत है। गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए यह बहुत बड़ी राहत साबित होगा। चुनावों में यह मुद्दा इसलिए उठ रहा है क्योंकि लोगों की परेशानी वर्षों से अनसुनी की गई है। अब जनता समाधान चाहती है। -

सुरेश शर्मा
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