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Bilaspur News: प्रधानाचार्यों के रिक्त पद रिक्त होने से शिक्षक परेशान
Fri, 12 Sep 2025 05:18 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Fri, 12 Sep 2025 05:18 PM IST
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स्कूल प्रवक्ता संघ ने पदोन्नति से पद भरने की उठाई मांग
बोले, प्रदेश में 950 प्रधानाचार्य के पद रिक्त
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ की राज्य कार्यकारिणी की वर्चुअल बैठक राज्य प्रधान अजय नेगी की अध्यक्षता मेंहुई। बैठक में प्रधानाचार्यों के रिक्त चल रहे पदों के बारे में विस्तार से चर्चा हुई।
राज्य उपाध्यक्ष राकेश भारद्वाज ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश भर में करीब 950 प्रधानाचार्यों के पद रिक्त हैं, जिसके चलते स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। संघ ने स्कूल प्राध्यापकों को 26 वर्ष तक पदोन्नति का लाभ नहीं मिलने पर चिंता जताई। उन्होंने बताया कि प्रदेश के विभिन्न स्कूलों में 1999 से पढ़ा रहे प्राध्यापक आज तक वित्त व पदोन्नति लाभ से वंचित हैं। यदि इन करीब 400 प्रवक्ताओं को एकमुश्त पदोन्नत कर दिया जाए तो स्कूलों में प्रशासनिक कार्यों में सुधार के अलावा पठन पाठन प्रक्रिया भी सुचारु होगी। उन्होंने कहा कि औचक निरीक्षण पर गई विभागीय टीमों को हेल्प बुक्स और रेफरेंस बुक्स में अंतर समझने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि रेफरेंस बुक के माध्यम बच्चों का सही मार्गदर्शन और विषय से संबंधित विस्तृत जानकारी आसानी से दी जा सकती है, जो भविष्य में उनके लिए अत्यंत लाभकारी होती है। बैठक में संघ के राज्य सलाहकार तिलक धर्माणी, राज्य सदस्य प्रीतम राज संख्यान, शांति स्वरूप, नरेश कश्यप, सुनील कुमार, प्रवीण कुमार, संदीप शर्मा, राजीव शर्मा, राजीव शांडिल सहित अन्य सदस्यों ने भाग लिया।
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बोले, प्रदेश में 950 प्रधानाचार्य के पद रिक्त
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ की राज्य कार्यकारिणी की वर्चुअल बैठक राज्य प्रधान अजय नेगी की अध्यक्षता मेंहुई। बैठक में प्रधानाचार्यों के रिक्त चल रहे पदों के बारे में विस्तार से चर्चा हुई।
राज्य उपाध्यक्ष राकेश भारद्वाज ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश भर में करीब 950 प्रधानाचार्यों के पद रिक्त हैं, जिसके चलते स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। संघ ने स्कूल प्राध्यापकों को 26 वर्ष तक पदोन्नति का लाभ नहीं मिलने पर चिंता जताई। उन्होंने बताया कि प्रदेश के विभिन्न स्कूलों में 1999 से पढ़ा रहे प्राध्यापक आज तक वित्त व पदोन्नति लाभ से वंचित हैं। यदि इन करीब 400 प्रवक्ताओं को एकमुश्त पदोन्नत कर दिया जाए तो स्कूलों में प्रशासनिक कार्यों में सुधार के अलावा पठन पाठन प्रक्रिया भी सुचारु होगी। उन्होंने कहा कि औचक निरीक्षण पर गई विभागीय टीमों को हेल्प बुक्स और रेफरेंस बुक्स में अंतर समझने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि रेफरेंस बुक के माध्यम बच्चों का सही मार्गदर्शन और विषय से संबंधित विस्तृत जानकारी आसानी से दी जा सकती है, जो भविष्य में उनके लिए अत्यंत लाभकारी होती है। बैठक में संघ के राज्य सलाहकार तिलक धर्माणी, राज्य सदस्य प्रीतम राज संख्यान, शांति स्वरूप, नरेश कश्यप, सुनील कुमार, प्रवीण कुमार, संदीप शर्मा, राजीव शर्मा, राजीव शांडिल सहित अन्य सदस्यों ने भाग लिया।
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