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लॉकडाउन में जेबीटी दंपती ने फुलगोभी की फसल से कमाए लाखों रुपये
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घुमारवीं में जेबीटी दंपती के खेतों में उगी फूलगोभी की फसल।
- फोटो : BILASPUR
घुमारवीं (बिलासपुर)। घुमारवीं उपमंडल के साथ लगती ग्राम पंचायत लुहारवीं के गांव लुहारवीं में एक जेबीटी दंपती ने लॉकडाउन में फुलगोभी की फसल से लाखों रुपये कमाए हैं। दंपती सरकारी स्कूल में जेबीटी के पद पर तैनात है। कोरोना काल में जब संपूर्ण लॉकडाऊन लगा हुआ था तो इन्होंने लगभग तीन बीघा जमीन पर 12 हजार से ज्यादा फुलगोभी के पौधे लगाकर बहुत अच्छी किस्म की फसल तैयार की।
नरेंद्र सिंह और रीता देवी ने बताया कि फसल बहुत अच्छी हुई और अस्सी क्विंटल फुलगोभी लगभग एक लाख रुपये की बेची। कहा कि नौकरी से पहले नकदी फसलों की बिजाई उनके पिता करते थे। समय का अभाव होने के कारण पहले ज्यादा पौधे नहीं लगाते थे। लॉकडाउन होने के कारण सोचा कि घर पर बेकार बैठने से बेहतर है कि सब्जी उगाएं। इन्होंने बाजार से फुलगोभी के बीज लाकर पनीरी तैयार की और खेतों में लगा दी। पैदावार अच्छी हुई। खेतों में अभी भी फुलगोभी की फसल तैयार हो रही है।
दंपती ने कहा कि युवा पीढ़ी अगर सही ढंग से और मन लगाकर खेतों में काम करे तो नकदी फसलों से उनको फायदा होगा। कहा कि कंपनियों में 8 से दस हजार रुपये प्रति माह के वेतन पर काम करने की बजाए युवा खेतीबाड़ी की तरफ हाथ बढ़ाएं।
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नरेंद्र सिंह और रीता देवी ने बताया कि फसल बहुत अच्छी हुई और अस्सी क्विंटल फुलगोभी लगभग एक लाख रुपये की बेची। कहा कि नौकरी से पहले नकदी फसलों की बिजाई उनके पिता करते थे। समय का अभाव होने के कारण पहले ज्यादा पौधे नहीं लगाते थे। लॉकडाउन होने के कारण सोचा कि घर पर बेकार बैठने से बेहतर है कि सब्जी उगाएं। इन्होंने बाजार से फुलगोभी के बीज लाकर पनीरी तैयार की और खेतों में लगा दी। पैदावार अच्छी हुई। खेतों में अभी भी फुलगोभी की फसल तैयार हो रही है।
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दंपती ने कहा कि युवा पीढ़ी अगर सही ढंग से और मन लगाकर खेतों में काम करे तो नकदी फसलों से उनको फायदा होगा। कहा कि कंपनियों में 8 से दस हजार रुपये प्रति माह के वेतन पर काम करने की बजाए युवा खेतीबाड़ी की तरफ हाथ बढ़ाएं।
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