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Bilaspur News: फोरलेन की जद में आए पीपल-बरगद के पेड़ों को मिली नई जिंदगी
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प्रत्यारोपण के दो माह बाद पेड़ों पर फूटी नई कोंपलें
इंपेक्ट
गोपाल शर्मा
जुखाला (बिलासपुर)। शिमला-मटौर फोरलेन के नौणी-भराड़ी घाट पैकेज के अंतर्गत ब्रह्मपुखर में फोरलेन निर्माण की जद में आए पीपल और बरगद के पेड़ों को अब नई जिंदगी मिल गई है। प्रत्यारोपण के करीब दो महीने बाद जब्बल में वैज्ञानिक तरीके से लगाए गए इन पेड़ों में नई कोंपलें फूट आई हैं।
इससे पहले इस पैकेज के अंतर्गत आने वाले विनायक घाट के पीपल-बरगद और ब्रह्मपुखर के एक पेड़ को बचाया नहीं जा सका था, लेकिन ब्रह्मपुखर स्थित एक विशाल व अत्यंत पुराना पेड़ सुरक्षित निकाल लिया गया था। बाकी पेड़ों को भी उखाड़ कर जब्बल में प्रत्यारोपित किया गया था। अब ये सभी पेड़ यहां पर अच्छे से बढ़ने लगे हैं। लोगों की धार्मिक आस्था और पर्यावरण संरक्षण के मद्देनजर अखबार ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद प्रशासन ने भी संवेदनशीलता दिखाते हुए तुरंत कार्रवाई की। एसडीएम सदर डॉ. राजदीप सिंह ने पेड़ों को बचाने में विशेष रुचि लेते हुए वन विभाग को उनकी देखभाल के स्पष्ट निर्देश दिए थे। पर्यावरण प्रेमियों ने पेड़ों के सफल प्रत्यारोपण पर एसडीएम सदर डॉ. राजदीप सिंह के प्रयासों की सराहना की है। वन विभाग को अब इन पेड़ों की निरंतर देखभाल का जिम्मा सौंपा गया है। रेंज ऑफिसर सदर नरेंद्र सिंह ने बताया कि पीपल और बरगद के पेड़ यहां अच्छी तरह लग गए हैं। अब इन पेड़ों के पास सीमेंट के थड़े भी बनाए जाएंगे, ताकि लोग इनकी शीतल छाया में बैठकर विश्राम कर सकें।
एसडीएम सदर डॉ. राजदीप सिंह ने कहा कि स्थानीय लोगों की आस्था और पर्यावरण दोनों का सम्मान करते हुए पेड़ों का संरक्षण किया गया है और भविष्य में भी इनकी देखभाल सुनिश्चित की जाएगी। संवाद
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गोपाल शर्मा
जुखाला (बिलासपुर)। शिमला-मटौर फोरलेन के नौणी-भराड़ी घाट पैकेज के अंतर्गत ब्रह्मपुखर में फोरलेन निर्माण की जद में आए पीपल और बरगद के पेड़ों को अब नई जिंदगी मिल गई है। प्रत्यारोपण के करीब दो महीने बाद जब्बल में वैज्ञानिक तरीके से लगाए गए इन पेड़ों में नई कोंपलें फूट आई हैं।
इससे पहले इस पैकेज के अंतर्गत आने वाले विनायक घाट के पीपल-बरगद और ब्रह्मपुखर के एक पेड़ को बचाया नहीं जा सका था, लेकिन ब्रह्मपुखर स्थित एक विशाल व अत्यंत पुराना पेड़ सुरक्षित निकाल लिया गया था। बाकी पेड़ों को भी उखाड़ कर जब्बल में प्रत्यारोपित किया गया था। अब ये सभी पेड़ यहां पर अच्छे से बढ़ने लगे हैं। लोगों की धार्मिक आस्था और पर्यावरण संरक्षण के मद्देनजर अखबार ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद प्रशासन ने भी संवेदनशीलता दिखाते हुए तुरंत कार्रवाई की। एसडीएम सदर डॉ. राजदीप सिंह ने पेड़ों को बचाने में विशेष रुचि लेते हुए वन विभाग को उनकी देखभाल के स्पष्ट निर्देश दिए थे। पर्यावरण प्रेमियों ने पेड़ों के सफल प्रत्यारोपण पर एसडीएम सदर डॉ. राजदीप सिंह के प्रयासों की सराहना की है। वन विभाग को अब इन पेड़ों की निरंतर देखभाल का जिम्मा सौंपा गया है। रेंज ऑफिसर सदर नरेंद्र सिंह ने बताया कि पीपल और बरगद के पेड़ यहां अच्छी तरह लग गए हैं। अब इन पेड़ों के पास सीमेंट के थड़े भी बनाए जाएंगे, ताकि लोग इनकी शीतल छाया में बैठकर विश्राम कर सकें।
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एसडीएम सदर डॉ. राजदीप सिंह ने कहा कि स्थानीय लोगों की आस्था और पर्यावरण दोनों का सम्मान करते हुए पेड़ों का संरक्षण किया गया है और भविष्य में भी इनकी देखभाल सुनिश्चित की जाएगी। संवाद
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