{"_id":"6508351ad536ad17700833f9","slug":"students-should-use-hindi-language-in-daily-routine-rajendra-bilaspur-news-c-92-1-bls1001-5785-2023-09-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिनचर्या में हिंदी भाषा का प्रयोग करें छात्र : राजेंद्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिनचर्या में हिंदी भाषा का प्रयोग करें छात्र : राजेंद्र
विज्ञापन
- घुमारवीं कॉलेज में हिंदी पखवाड़े का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। स्वामी विवेकानंद राजकीय महाविद्यालय घुमारवीं में हिंदी पखवाड़े का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य प्रो. रामकृष्ण ने की। इस अवसर पर वाद-विवाद, भाषण और कविता पाठ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
कविता पाठ प्रतियोगिता में वैष्णवी ने पहला, कनिका ने दूसरा और हिमांशु ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। इस अवसर पर प्रसिद्ध कहानीकार एवं लेखक राजेंद्र राजन ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उन्होंने छात्रों को हिंदी विषय में अवसर एवं चुनौतियां पर अपना वक्तव्य दिया। उन्होंने छात्रों को अपनी दिनचर्या में अंग्रेजी भाषा के शब्दों का प्रयोग न करते हुए हिंदी भाषा के प्रबल पठन और लेखन पर बल दिया। उन्होंने अपनी स्वयं रचित रचनाओं की प्रतिलिपि भी छात्रों को प्रदान की। प्राचार्य प्रो. रामकृष्ण ने छात्रों को हिंदी भाषा का अधिक प्रयोग करने और हिंदी भाषा को राजभाषा से राष्ट्रभाषा बनाने के लिए निरंतर प्रयत्न करते रहने का आग्रह किया। महाविद्यालय के विभिन्न समितियों के समन्वयक प्रो. सुरेश शर्मा ने मुख्य अतिथि का धन्यवाद किया। उन्होंने हिंदी को राष्ट्र की गौरवमयी भाषा बताया। इस अवसर पर डॉ. अंजना, डॉ. रिपिन, प्रो.चंचल, प्रो.राकेश, प्रो.कविता, प्रो.ज्योति बरवाल, प्रो.पूजा सहित अन्य प्राध्यापक वर्ग उपस्थित रहा।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। स्वामी विवेकानंद राजकीय महाविद्यालय घुमारवीं में हिंदी पखवाड़े का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य प्रो. रामकृष्ण ने की। इस अवसर पर वाद-विवाद, भाषण और कविता पाठ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
कविता पाठ प्रतियोगिता में वैष्णवी ने पहला, कनिका ने दूसरा और हिमांशु ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। इस अवसर पर प्रसिद्ध कहानीकार एवं लेखक राजेंद्र राजन ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उन्होंने छात्रों को हिंदी विषय में अवसर एवं चुनौतियां पर अपना वक्तव्य दिया। उन्होंने छात्रों को अपनी दिनचर्या में अंग्रेजी भाषा के शब्दों का प्रयोग न करते हुए हिंदी भाषा के प्रबल पठन और लेखन पर बल दिया। उन्होंने अपनी स्वयं रचित रचनाओं की प्रतिलिपि भी छात्रों को प्रदान की। प्राचार्य प्रो. रामकृष्ण ने छात्रों को हिंदी भाषा का अधिक प्रयोग करने और हिंदी भाषा को राजभाषा से राष्ट्रभाषा बनाने के लिए निरंतर प्रयत्न करते रहने का आग्रह किया। महाविद्यालय के विभिन्न समितियों के समन्वयक प्रो. सुरेश शर्मा ने मुख्य अतिथि का धन्यवाद किया। उन्होंने हिंदी को राष्ट्र की गौरवमयी भाषा बताया। इस अवसर पर डॉ. अंजना, डॉ. रिपिन, प्रो.चंचल, प्रो.राकेश, प्रो.कविता, प्रो.ज्योति बरवाल, प्रो.पूजा सहित अन्य प्राध्यापक वर्ग उपस्थित रहा।
विज्ञापन