{"_id":"935d80a586019feb82365975b7a8d0ef","slug":"student-hindi-news-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"झंडे में कौन-कौन रंग, नहीं जानते बच्चे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
झंडे में कौन-कौन रंग, नहीं जानते बच्चे
ब्यूरो/ अमर उजाला, बिलासपुर
Updated Fri, 04 Dec 2015 10:48 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
बिलासपुर। झंडा ऊंचा रहे हमारा, विजय विश्व तिरंगा प्यारा...। राष्ट्रीय ध्वज के रंगों के नाम पहली से आठवीं कक्षा के अधिकांश छात्र नहीं जानते। बेसिक नॉलेज की ये चीजें क्या शिक्षक बच्चों को नहीं पढ़ा रहे।
उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा बिलासपुर पीसी वर्मा के औचक निरीक्षण के दौरान हुए इस खुलासे के बाद कई स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता पर प्रश्न खड़े हुए हैं। उपनिदेशक ने पहली से लेकर तीन दिसंबर तक प्रारंभिक शिक्षा खंड स्वारघाट के तहत आने वाले 29 विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान 30 प्रतिशत स्कूल विभिन्न व्यवस्थाओं में फिसड्डी पाए गए।
निरीक्षण के दौरान राजकीय प्राथमिक पाठशाला टोबा तथा डडोह सहित अन्य 15 स्कूलों में 40 फीसदी व्यवस्था सुचारू मिली, जबकि राजकीय प्राथमिक पाठशाला काला जोहड़, श्री नयना देवी जी में 30 फीसदी व्यवस्था फिसड्डी पाई गई। कुछ स्कूलों में पांचवीं तथा आठवीं के छात्र तिरंगे झंडे के रंगों का नाम नहीं बता सके, जबकि इसके विपरीत एक सुदूर क्षेत्र के स्कूल की दूसरी कक्षा की छात्रा ने 22 का पहाड़ा तथा तिरंगे झंडे के रंगों को भावार्थ सहित वर्णन करके आश्चर्यचकित किया।
विज्ञापन
पीसी वर्मा ने कहा कि औचक निरीक्षण के दौरान इन तथ्यों से यह साबित हुआ कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों में भी अतुलनीय योग्यताएं छिपी हैं, जिन्हें अध्यापकों के उचित मार्गदर्शन तथा कुशल नेतृत्व द्वारा बाहर निकालकर उचित दिशा में अग्रसर किया जा सकता है। उपनिदेशक पीसी वर्मा ने खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी, खंड के सभी विद्यालयों के मुखियों को स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए प्रयास करने के निर्देश दिए हैं। औचक निरीक्षण के दौरान श्रीराम शर्मा, केएल ठाकुर तथा रामपाल सहित अन्य मौजूद रहे।
उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा बिलासपुर पीसी वर्मा के औचक निरीक्षण के दौरान हुए इस खुलासे के बाद कई स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता पर प्रश्न खड़े हुए हैं। उपनिदेशक ने पहली से लेकर तीन दिसंबर तक प्रारंभिक शिक्षा खंड स्वारघाट के तहत आने वाले 29 विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान 30 प्रतिशत स्कूल विभिन्न व्यवस्थाओं में फिसड्डी पाए गए।
विज्ञापन
निरीक्षण के दौरान राजकीय प्राथमिक पाठशाला टोबा तथा डडोह सहित अन्य 15 स्कूलों में 40 फीसदी व्यवस्था सुचारू मिली, जबकि राजकीय प्राथमिक पाठशाला काला जोहड़, श्री नयना देवी जी में 30 फीसदी व्यवस्था फिसड्डी पाई गई। कुछ स्कूलों में पांचवीं तथा आठवीं के छात्र तिरंगे झंडे के रंगों का नाम नहीं बता सके, जबकि इसके विपरीत एक सुदूर क्षेत्र के स्कूल की दूसरी कक्षा की छात्रा ने 22 का पहाड़ा तथा तिरंगे झंडे के रंगों को भावार्थ सहित वर्णन करके आश्चर्यचकित किया।
विज्ञापन
पीसी वर्मा ने कहा कि औचक निरीक्षण के दौरान इन तथ्यों से यह साबित हुआ कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों में भी अतुलनीय योग्यताएं छिपी हैं, जिन्हें अध्यापकों के उचित मार्गदर्शन तथा कुशल नेतृत्व द्वारा बाहर निकालकर उचित दिशा में अग्रसर किया जा सकता है। उपनिदेशक पीसी वर्मा ने खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी, खंड के सभी विद्यालयों के मुखियों को स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए प्रयास करने के निर्देश दिए हैं। औचक निरीक्षण के दौरान श्रीराम शर्मा, केएल ठाकुर तथा रामपाल सहित अन्य मौजूद रहे।