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Bilaspur News: प्रदेश सरकार ने पंजाब को जारी किए 22 लाख रुपये
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92 लाख का भुगतान नहीं होने पर पंजाब सरकार ने चंगर उठाऊ सिंचाई योजना का पानी बंद करने की दी थी चेतावनी
- जल शक्ति विभाग ने फिलहाल एक साल का मानदेय किया जारी, बाकी 70 लाख रुपये के भुगतान की प्रक्रिया जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
श्री नयनादेवी जी(बिलासपुर)। उपमंडल श्री नयनादेवी की चंगर उठाऊ सिंचाई योजना को बंद होने से बचाने के लिए हिमाचल सरकार ने पंजाब सरकार को 22 लाख रुपये जारी कर दिए हैं। पंजाब सरकार ने 92 लाख रुपये का भुगतान नहीं होने पर इस सिंचाई योजना के लिए 30 सितंबर से पानी बंद करने की चेतावनी दी थी। फिलहाल जल शक्ति विभाग बिलासपुर ने एक साल का मानदेय जारी किया है, जबकि बाकी 70 लाख रुपये का भुगतान की प्रक्रिया जारी है।
हिमाचल सरकार ने इस योजना में कार्यरत पंजाब सरकार के चार कर्मचारियों का मानदेय मार्च 2020 के बाद जारी नहीं किया है, जो कुल 92.13 लाख रुपये बन चुका है। इस पर पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड ने इस योजना को बंद करने की चेतावनी दे दी थी। अब आंशिक मानदेय जारी होने के बाद पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड ने पानी बंद करने की घोषणा को टाल दिया है। बता दें कि साल 1999 में श्री नयनादेवी के चंगर क्षेत्र के लोगों के लिए पंजाब की एसवाईएल कनाल से 25 क्यूसेक पानी देने का पंजाब सरकार के साथ प्रदेश सरकार का समझौता हुआ था। समझौते में यह शर्त भी रखी गई कि नहर से उठाए जाने वाले पानी की मात्रा पर नजर बनाए रखने के लिए और इस परियोजना के संचालन के लिए चार कर्मचारी पंजाब सरकार के भी नियुक्त रहेंगे। उन कर्मचारियों का मानदेय भी हिमाचल सरकार करेगी, लेकिन मार्च 2020 के बाद से हिमाचल सरकार ने इन कर्मचारियों को मानदेय जारी नहीं किया था। यदि यह सिंचाई योजना बंद हो जाती तो उपमंडल श्री नयनादेवी की 9 पंचायतों की 2350 हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई प्रभावित होती। साथ ही शक्तिपीठ श्री नयनादेवी में भी पेयजल संकट पैदा हो जाता।
कोट
जल शक्ति विभाग बिलासपुर के अधिशासी अभियंता सतीश शर्मा ने बताया कि पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड को 22 लाख रुपये जारी कर दिए हैं। बाकी राशि के भुगतान के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र भेजा गया है। इसकी भी प्रक्रिया भी जारी है।
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- जल शक्ति विभाग ने फिलहाल एक साल का मानदेय किया जारी, बाकी 70 लाख रुपये के भुगतान की प्रक्रिया जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
श्री नयनादेवी जी(बिलासपुर)। उपमंडल श्री नयनादेवी की चंगर उठाऊ सिंचाई योजना को बंद होने से बचाने के लिए हिमाचल सरकार ने पंजाब सरकार को 22 लाख रुपये जारी कर दिए हैं। पंजाब सरकार ने 92 लाख रुपये का भुगतान नहीं होने पर इस सिंचाई योजना के लिए 30 सितंबर से पानी बंद करने की चेतावनी दी थी। फिलहाल जल शक्ति विभाग बिलासपुर ने एक साल का मानदेय जारी किया है, जबकि बाकी 70 लाख रुपये का भुगतान की प्रक्रिया जारी है।
हिमाचल सरकार ने इस योजना में कार्यरत पंजाब सरकार के चार कर्मचारियों का मानदेय मार्च 2020 के बाद जारी नहीं किया है, जो कुल 92.13 लाख रुपये बन चुका है। इस पर पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड ने इस योजना को बंद करने की चेतावनी दे दी थी। अब आंशिक मानदेय जारी होने के बाद पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड ने पानी बंद करने की घोषणा को टाल दिया है। बता दें कि साल 1999 में श्री नयनादेवी के चंगर क्षेत्र के लोगों के लिए पंजाब की एसवाईएल कनाल से 25 क्यूसेक पानी देने का पंजाब सरकार के साथ प्रदेश सरकार का समझौता हुआ था। समझौते में यह शर्त भी रखी गई कि नहर से उठाए जाने वाले पानी की मात्रा पर नजर बनाए रखने के लिए और इस परियोजना के संचालन के लिए चार कर्मचारी पंजाब सरकार के भी नियुक्त रहेंगे। उन कर्मचारियों का मानदेय भी हिमाचल सरकार करेगी, लेकिन मार्च 2020 के बाद से हिमाचल सरकार ने इन कर्मचारियों को मानदेय जारी नहीं किया था। यदि यह सिंचाई योजना बंद हो जाती तो उपमंडल श्री नयनादेवी की 9 पंचायतों की 2350 हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई प्रभावित होती। साथ ही शक्तिपीठ श्री नयनादेवी में भी पेयजल संकट पैदा हो जाता।
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कोट
जल शक्ति विभाग बिलासपुर के अधिशासी अभियंता सतीश शर्मा ने बताया कि पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड को 22 लाख रुपये जारी कर दिए हैं। बाकी राशि के भुगतान के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र भेजा गया है। इसकी भी प्रक्रिया भी जारी है।
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