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Bilaspur News: कलश यात्रा के साथ श्रीमद्भागवत कथा शुरू

Fri, 12 Apr 2024 11:11 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 12 Apr 2024 11:11 PM IST
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Srimad Bhagwat Katha begins with Kalash Yatra
पवित्र जल स्त्रोत से जल भरकर कथा स्थल तक निकाली कलश यात्रा
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संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। विकासखंड झंडूता की ग्राम पंचायत बड़गांव के गटी गांव में शुक्रवार को बाबा बालकनाथ मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा का कलश यात्रा के साथ शुभारंभ हुआ। भागवत आचार्य शिव कुमार शास्त्री के नेतृत्व में पवित्र जल स्त्रोत से जल भरने के साथ शुरू हुई। कलश यात्रा बड़गांव बाजार से होती हुई कथा स्थल तक पहुंची। इसमें बड़ी संख्या में पुरुष व महिलाएं शामिल रहीं।

पवित्र जल स्त्रोत से कलश को भर कर लाने के बाद कथा आयोजन स्थल पर धार्मिक विधि एवं मंत्रोच्चारण के साथ स्थापित किया गया। आरती के साथ शुरू की गई श्रीमद्भागवत कथा में शास्त्री ने उपस्थित श्रद्धालुओं को सर्वप्रथम इसकी महिमा से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि विश्व में सभी कथाओं में श्रीमद्भागवत कथा श्रेष्ठ मानी गई है। जिस स्थान पर इस कथा का आयोजन होता है, वह तीर्थ स्थल कहलाता है। इसका सुनने एवं आयोजन कराने का सौभाग्य भी प्रभु प्रेमियों को ही मिलता है। ऐसे में अगर कोई दूसरा अन्य भी इसे गलती से भी श्रवण कर लेता है, तो भी वह कई पापों से मुक्ति पा लेता है। इसलिए सात दिन तक चलने वाली इस पवित्र कथा को श्रवण करके अपने जीवन को सुधारने का मौका हाथ से नहीं जाने देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति सात दिन तक किसी व्यस्तता के कारण इस कथा को नहीं सुन सकता है, तो वह दो तीन या चार दिन ही इसे सुनने के लिए अपना समय अवश्य निकालें। तब भी वह इसका फल प्राप्त करता है, क्योंकि ये कथा भगवान श्री कृष्ण के मुख की वाणी है। इसमें उनके अवतार से लेकर कंस वध का प्रसंग का उल्लेख होने के साथ-साथ व्यक्ति के जीवन में महत्ता के बारे में भी बताया गया है। इसके सुनने के प्रभाव से मनुष्य बुराई त्याग कर धर्म के रास्ते पर चलने के साथ-साथ मोक्ष को प्राप्त करता है। शास्त्री ने बताया कि इस कथा को सबसे पहले अभिमन्यु के बेटे राजा परीक्षित ने सुना था, जिसके प्रभाव से उसके अंदर तक्षक नामक नाग के काटने से होने वाली मृत्यु का भय दूर हुआ और उसने मोक्ष को प्राप्त किया था। इस मौके पर कमेटी के प्रधान मुकेश शर्मा, अभिषेक शर्मा, गोल्डी, आदर्श, कुलदीप सिंह, श्यामलाल, बाबूराम, नवीन कुमार, आर्यन, कार्तिक, पंकज कुमार, सीमा देवी, लता देवी, निशा देवी, कविता देवी, पूनम सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे।
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