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Bilaspur News: कल्याण कला मंच की संगोष्ठी में समाजसेवी, लोकगायक को किया गया अलंकृत
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ग्राम पंचायत कंदरौर में साहित्य और कला का उत्सव का आयोजन
काले बाबा पुरस्कार से विभूतियों को किया गया सम्मान
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। कल्याण कला मंच, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश की मासिक संगोष्ठी ग्राम पंचायत कंदरौर में संपन्न हुई। मंच के मुख्य संयोजक अमरनाथ धीमान की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना और काले बाबा जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ मंगल ध्वनि से किया गया। साहित्यकार एवं पूर्व प्रधानाचार्य जीत राम सुमन ने पंडाल को भक्ति मय माहौल से भर दिया।
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण रहे गोदावरी ठाकुर और हमीद खान। गोदावरी ठाकुर को काले बाबा उत्कृष्ट समाज सेवा पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया गया। वहीं, हमीद खान को काले बाबा लोक गायक सम्मान 2026 से अलंकृत किया गया। मंच की सचिव पूजा देवी ने हमीद खान का जीवन परिचय पढ़ा। उन्होंने बताया कि हमीद खान ने 80 से अधिक लोकगीत स्वयं लिखे हैं। उनका प्रसिद्ध गीत छडया जिसरा गांव क्या लैणा तिसरा नांव कुल्लू जिले की रवि कांता कश्यप द्वारा दूरदर्शन पर प्रस्तुत किया गया। प्रोफेसर मीना वर्मा ने इस गीत पर 20 साल पहले तैयार वीडियो भी दिखाया।
सामाजिक क्षेत्र में योगदान के लिए सम्मानित गोदावरी ठाकुर का जीवन परिचय सुरेंद्र मिन्हास ने प्रस्तुत किया। दोनों विभूतियों को बैज, पुष्पहार, प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह देकर अलंकृत किया गया। विशिष्ट अतिथि डॉ. लेखराज शर्मा ने कहा कि आज कहलूरी भाषा के संरक्षण की आवश्यकता है और इसे बचाने का जिम्मा हम सबकी है। महिलाओं के योगदान पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर समाज की उन्नति में अग्रसर हैं। कार्यक्रम में कल्याण कला मंच के सलाहकार सुशील पुंडीर, मंच प्रधान तृप्ता कौर मुसाफिर, महासचिव बाबू राम धीमान, बृज लाल लखनपाल, भगत सिंह, कैप्टन सुरेंद्र शर्मा, रविंद्र कमल चंदेल, जगदीश सहोता, कर्मवीर कंडेरा, लश्करी राम, बुद्धि सिंह चंदेल, रविंद्र शर्मा, श्याम सुंदर सहगल, तेज राम तेजस, धर्म चंद धीमान, शिवनाथ सहगल, मनीष, डॉ. अनेक राम संख्यान, सुरेश ठाकुर, राकेश मिन्हास सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। मंच संचालन तृप्ता कौर मुसाफिर ने किया।
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काले बाबा पुरस्कार से विभूतियों को किया गया सम्मान
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। कल्याण कला मंच, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश की मासिक संगोष्ठी ग्राम पंचायत कंदरौर में संपन्न हुई। मंच के मुख्य संयोजक अमरनाथ धीमान की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना और काले बाबा जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ मंगल ध्वनि से किया गया। साहित्यकार एवं पूर्व प्रधानाचार्य जीत राम सुमन ने पंडाल को भक्ति मय माहौल से भर दिया।
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण रहे गोदावरी ठाकुर और हमीद खान। गोदावरी ठाकुर को काले बाबा उत्कृष्ट समाज सेवा पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया गया। वहीं, हमीद खान को काले बाबा लोक गायक सम्मान 2026 से अलंकृत किया गया। मंच की सचिव पूजा देवी ने हमीद खान का जीवन परिचय पढ़ा। उन्होंने बताया कि हमीद खान ने 80 से अधिक लोकगीत स्वयं लिखे हैं। उनका प्रसिद्ध गीत छडया जिसरा गांव क्या लैणा तिसरा नांव कुल्लू जिले की रवि कांता कश्यप द्वारा दूरदर्शन पर प्रस्तुत किया गया। प्रोफेसर मीना वर्मा ने इस गीत पर 20 साल पहले तैयार वीडियो भी दिखाया।
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सामाजिक क्षेत्र में योगदान के लिए सम्मानित गोदावरी ठाकुर का जीवन परिचय सुरेंद्र मिन्हास ने प्रस्तुत किया। दोनों विभूतियों को बैज, पुष्पहार, प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह देकर अलंकृत किया गया। विशिष्ट अतिथि डॉ. लेखराज शर्मा ने कहा कि आज कहलूरी भाषा के संरक्षण की आवश्यकता है और इसे बचाने का जिम्मा हम सबकी है। महिलाओं के योगदान पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर समाज की उन्नति में अग्रसर हैं। कार्यक्रम में कल्याण कला मंच के सलाहकार सुशील पुंडीर, मंच प्रधान तृप्ता कौर मुसाफिर, महासचिव बाबू राम धीमान, बृज लाल लखनपाल, भगत सिंह, कैप्टन सुरेंद्र शर्मा, रविंद्र कमल चंदेल, जगदीश सहोता, कर्मवीर कंडेरा, लश्करी राम, बुद्धि सिंह चंदेल, रविंद्र शर्मा, श्याम सुंदर सहगल, तेज राम तेजस, धर्म चंद धीमान, शिवनाथ सहगल, मनीष, डॉ. अनेक राम संख्यान, सुरेश ठाकुर, राकेश मिन्हास सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। मंच संचालन तृप्ता कौर मुसाफिर ने किया।
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