{"_id":"6a88934d305199dab30a2297","slug":"six-houses-at-risk-due-to-landslide-demand-for-a-safety-wall-bilaspur-news-c-92-1-ssml1001-165984-2026-08-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bilaspur News: भूस्खलन से छह मकानों पर खतरा, सुरक्षा दीवार की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bilaspur News: भूस्खलन से छह मकानों पर खतरा, सुरक्षा दीवार की मांग
विज्ञापन
पुराना बस अड्डा घुमारवीं के पास बरसात के कारण बना भवनों को खतरा। संवाद
पुराना बस अड्डा घुमारवीं के लोगों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
मौके का निरीक्षण कर स्थायी समाधान की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। पुराना बस अड्डा घुमारवीं के स्थानीय निवासियों ने शुक्रवार को एसडीएम घुमारवीं अभिषेक बरवाल को ज्ञापन सौंपकर भूस्खलन की समस्या का स्थायी समाधान करने और प्रभावित मकानों की सुरक्षा के लिए सुरक्षा दीवारें बनाने की मांग की। लोगों का कहना है कि वर्ष 2025 में हुई भारी बारिश के दौरान मेला मैदान से सीर खड्ड पुल तक सड़क की कटिंग और सीवरेज व्यवस्था में अव्यवस्था के कारण भूस्खलन हुआ था। इससे करीब छह से सात रिहायशी मकानों पर खतरा पैदा हो गया था।
प्रभावित परिवारों ने बताया कि घटना के बाद से वे लगातार भय के माहौल में रह रहे हैं। बारिश का मौसम शुरू होते ही उनकी चिंता बढ़ जाती है। लोगों को आशंका है कि दोबारा भारी बारिश होने पर भूस्खलन से मकानों को नुकसान पहुंच सकता है और कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
लोगों के अनुसार पिछली बरसात के दौरान भूस्खलन के बाद स्थानीय मंत्री, तत्कालीन एसडीएम, नगर पंचायत अध्यक्ष और तहसीलदार समेत संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचे थे। उस समय बरसात खत्म होने के बाद सुरक्षा दीवारों का निर्माण करवाने का आश्वासन दिया गया था। लोगों का आरोप है कि कई बार अधिकारियों और विभागों के चक्कर लगाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ।
विज्ञापन
प्रभावित परिवारों ने एसडीएम से स्वयं मौके का निरीक्षण कर समस्या की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा दीवारों का निर्माण करवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि वे किसी विशेष सुविधा की मांग नहीं कर रहे, बल्कि अपने घर और परिवार की सुरक्षा चाहते हैं। लोगों ने प्रशासन से किसी बड़ी अनहोनी से पहले भूस्खलन की समस्या का स्थायी समाधान करने की गुहार लगाई।
दूसरी बरसात आई, समस्या जस की तस
स्थानीय लोगों ने कहा कि अब दूसरी बरसात शुरू हो चुकी है, लेकिन स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ। उन्हें बजट उपलब्ध न होने की बात कहकर टाला जा रहा है। लोगों ने सवाल उठाया कि जब घरों की सुरक्षा के लिए बजट नहीं है तो उसी क्षेत्र में करोड़ों रुपये के अन्य विकास कार्यों के लिए धन कैसे उपलब्ध हो रहा है।
विज्ञापन
मौके का निरीक्षण कर स्थायी समाधान की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। पुराना बस अड्डा घुमारवीं के स्थानीय निवासियों ने शुक्रवार को एसडीएम घुमारवीं अभिषेक बरवाल को ज्ञापन सौंपकर भूस्खलन की समस्या का स्थायी समाधान करने और प्रभावित मकानों की सुरक्षा के लिए सुरक्षा दीवारें बनाने की मांग की। लोगों का कहना है कि वर्ष 2025 में हुई भारी बारिश के दौरान मेला मैदान से सीर खड्ड पुल तक सड़क की कटिंग और सीवरेज व्यवस्था में अव्यवस्था के कारण भूस्खलन हुआ था। इससे करीब छह से सात रिहायशी मकानों पर खतरा पैदा हो गया था।
प्रभावित परिवारों ने बताया कि घटना के बाद से वे लगातार भय के माहौल में रह रहे हैं। बारिश का मौसम शुरू होते ही उनकी चिंता बढ़ जाती है। लोगों को आशंका है कि दोबारा भारी बारिश होने पर भूस्खलन से मकानों को नुकसान पहुंच सकता है और कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
विज्ञापन
लोगों के अनुसार पिछली बरसात के दौरान भूस्खलन के बाद स्थानीय मंत्री, तत्कालीन एसडीएम, नगर पंचायत अध्यक्ष और तहसीलदार समेत संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचे थे। उस समय बरसात खत्म होने के बाद सुरक्षा दीवारों का निर्माण करवाने का आश्वासन दिया गया था। लोगों का आरोप है कि कई बार अधिकारियों और विभागों के चक्कर लगाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ।
विज्ञापन
प्रभावित परिवारों ने एसडीएम से स्वयं मौके का निरीक्षण कर समस्या की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा दीवारों का निर्माण करवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि वे किसी विशेष सुविधा की मांग नहीं कर रहे, बल्कि अपने घर और परिवार की सुरक्षा चाहते हैं। लोगों ने प्रशासन से किसी बड़ी अनहोनी से पहले भूस्खलन की समस्या का स्थायी समाधान करने की गुहार लगाई।
दूसरी बरसात आई, समस्या जस की तस
स्थानीय लोगों ने कहा कि अब दूसरी बरसात शुरू हो चुकी है, लेकिन स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ। उन्हें बजट उपलब्ध न होने की बात कहकर टाला जा रहा है। लोगों ने सवाल उठाया कि जब घरों की सुरक्षा के लिए बजट नहीं है तो उसी क्षेत्र में करोड़ों रुपये के अन्य विकास कार्यों के लिए धन कैसे उपलब्ध हो रहा है।