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श्रावण अष्टमी मेला : क्राउड एनालिटिक्स कैमरे रखेंगे श्रद्धालुओं पर नजर
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श्रावण अष्टमी मेले की तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक में मौजूद अधिकारी। स्रोत: संवाद
बस अड्डे पर एक समय में सिर्फ तीन बसों को खड़ा करने की है व्यवस्था
छाया और विश्राम के लिए जर्मन हैंगर, सफाई, शौचालयों की होगी विशेष व्यवस्था
रात में भी आवाजाही के लिए सुरक्षित रहेगा रास्ता, रोशनी के पुख्ता इंतजाम
-स्वास्थ्य सेवाएं चौबीसों घंटे उपलब्ध, एम्स और आनंदपुर साहिब तक रोड प्लान तैयार
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। शक्तिपीठ श्री नयनादेवी जी में इस वर्ष श्रावण अष्टमी मेले के दौरान मेला क्षेत्र में विशेष क्राउड एनालिटिक्स कैमरों की मदद से श्रद्धालुओं की भीड़ पर नजर रखी जाएगी। बस अड्डा पर एक समय में सिर्फ तीन बसों को खड़ा करने की व्यवस्था की गई है।
रात्रि समय श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए मंदिर तक आने वाले सभी रास्तों व संपर्क मार्गों पर स्ट्रीट लाइट्स की व्यवस्था पूरी कर ली गई है। 25 जुलाई से 5 अगस्त तक आस्था, श्रद्धा और उल्लास के साथ इस बार यह मेला आयोजित किया जाएगा। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। इस संबंध में शुक्रवार को अतिरिक्त उपायुक्त ओम कांत ठाकुर की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई, जिसमें सभी संबंधित विभागों ने अपनी तैयारियों की रिपोर्ट प्रस्तुत की। एडीसी ने बताया कि मेले को सफल, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए सभी विभागों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे 23 जुलाई तक शेष तैयारियां पूर्ण कर लें ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा न हो। मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इस बार जर्मन हैंगर लगाए जाएंगे, ताकि दर्शन के लिए लाइन में लगे लोगों को धूप और वर्षा से राहत मिल सके। साथ ही स्वच्छ और पर्याप्त संख्या में शौचालयों की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। श्रद्धालुओं के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करते हुए प्रशासन ने छह स्थायी और छह अस्थायी स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए हैं जो 24 घंटे कार्यरत रहेंगे। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एम्स बिलासपुर व आनंदपुर साहिब तक त्वरित एंबुलेंस रेस्क्यू के लिए रोड प्लान भी तैयार कर लिया गया है। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि श्रद्धालुओं को मेले के दौरान सुरक्षित, स्वच्छ और सुगम वातावरण प्रदान करना प्रशासन और मंदिर न्यास की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी विभागों को परस्पर समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
इनसेट
पॉलिथीन पर सख्त प्रतिबंध, पार्किंग दरें सार्वजनिक की जाएंगी
नगर परिषद को मेला क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखने और पॉलिथीन के पूर्ण प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। श्रद्धालुओं को उचित दरों पर पार्किंग सुविधा मिल सके, इसके लिए निर्धारित दरों को बड़े-बड़े डिस्प्ले बोर्डों पर सार्वजनिक किया जाएगा।
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छाया और विश्राम के लिए जर्मन हैंगर, सफाई, शौचालयों की होगी विशेष व्यवस्था
रात में भी आवाजाही के लिए सुरक्षित रहेगा रास्ता, रोशनी के पुख्ता इंतजाम
-स्वास्थ्य सेवाएं चौबीसों घंटे उपलब्ध, एम्स और आनंदपुर साहिब तक रोड प्लान तैयार
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। शक्तिपीठ श्री नयनादेवी जी में इस वर्ष श्रावण अष्टमी मेले के दौरान मेला क्षेत्र में विशेष क्राउड एनालिटिक्स कैमरों की मदद से श्रद्धालुओं की भीड़ पर नजर रखी जाएगी। बस अड्डा पर एक समय में सिर्फ तीन बसों को खड़ा करने की व्यवस्था की गई है।
रात्रि समय श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए मंदिर तक आने वाले सभी रास्तों व संपर्क मार्गों पर स्ट्रीट लाइट्स की व्यवस्था पूरी कर ली गई है। 25 जुलाई से 5 अगस्त तक आस्था, श्रद्धा और उल्लास के साथ इस बार यह मेला आयोजित किया जाएगा। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। इस संबंध में शुक्रवार को अतिरिक्त उपायुक्त ओम कांत ठाकुर की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई, जिसमें सभी संबंधित विभागों ने अपनी तैयारियों की रिपोर्ट प्रस्तुत की। एडीसी ने बताया कि मेले को सफल, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए सभी विभागों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे 23 जुलाई तक शेष तैयारियां पूर्ण कर लें ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा न हो। मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इस बार जर्मन हैंगर लगाए जाएंगे, ताकि दर्शन के लिए लाइन में लगे लोगों को धूप और वर्षा से राहत मिल सके। साथ ही स्वच्छ और पर्याप्त संख्या में शौचालयों की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। श्रद्धालुओं के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करते हुए प्रशासन ने छह स्थायी और छह अस्थायी स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए हैं जो 24 घंटे कार्यरत रहेंगे। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एम्स बिलासपुर व आनंदपुर साहिब तक त्वरित एंबुलेंस रेस्क्यू के लिए रोड प्लान भी तैयार कर लिया गया है। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि श्रद्धालुओं को मेले के दौरान सुरक्षित, स्वच्छ और सुगम वातावरण प्रदान करना प्रशासन और मंदिर न्यास की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी विभागों को परस्पर समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
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पॉलिथीन पर सख्त प्रतिबंध, पार्किंग दरें सार्वजनिक की जाएंगी
नगर परिषद को मेला क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखने और पॉलिथीन के पूर्ण प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। श्रद्धालुओं को उचित दरों पर पार्किंग सुविधा मिल सके, इसके लिए निर्धारित दरों को बड़े-बड़े डिस्प्ले बोर्डों पर सार्वजनिक किया जाएगा।
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