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Bilaspur News: घुमारवीं शहर की सीवरेज व्यवस्था बनी लोगों के लिए अभिशाप
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डिजिटल न चलाएं
- दिन रात चैंबर से खुले में बह रहा गंदा पानी
संजीव शामा
घुमारवीं (बिलासपुर)। घुमारवीं शहर की बदहाल सीवरेज व्यवस्था लोगों के लिए अभिशाप बन चुकी है। नगर परिषद के हर वार्ड में सीवरेज का गंदा पानी ओवरफ्लो होकर नालियों और सड़कों पर बहता रहता है। इससे लोगों की परेशानियां भी बढ़ती जा रही हैं। यही कारण है कि घुमारवीं का यह सीवरेज प्रोजेक्ट लोगों के लिए सुविधा कम समस्या अधिक बन गया है।
सीवरेज परियोजना साल 1999 में शुरू हुई थी। करीब 24 साल का एक लंबा वक्त बीत जाने के बाद भी यह योजना आज भी आधी अधूरी है। क्योंकि अब यह व्यवस्था शहर के विस्तारीकरण और जनसंख्या के आधार पर छोटी पड़ चुकी है। बीते 24 साल में शहर की जनसंख्या करीब 5 गुना बढ़ चुकी है, लेकिन इस सीवरेज व्यवस्था का आज तक विस्तारीकरण नहीं किया जा सका है। हर गली मोहल्ले के साथ राष्ट्रीय राजमार्ग के बीचो-बीच बनाए गए सीवरेज के चेंबर भी अब छोटे पड़ चुके हैं और आए दिन ओवरफ्लो होकर बहते रहते हैं। इन्हीं सड़कों से दिन-रात प्रशासनिक अधिकारियों का गुजरना होता है, लेकिन कोई भी इस और ध्यान देने को तैयार नहीं है। हर दूसरे तीसरे दिन सीवरेज के टैंक ओवरफ्लो होते हैं। बेशक संबंधित विभाग दावे कर रहा हो कि लोगों की समस्याओं को ध्यान में रखकर बेहतर सुविधा दी जा रही है पर धरातल पर सब दावे हवा हवाई हैं। दो दशक बीत जाने के बाद भी यह प्रोजेक्ट पूरा नहीं हो पाया है। नगर परिषद के तहत वार्ड नंबर 1 के साथ-साथ वार्ड नंबर 4 और 6 के झूंगी हारकुकार, टिक्करी और सिल्ह आदि क्षेत्र में रहने वाले परिवार अभी भी इस सुविधा से वंचित हैं।
2005 में शुरू की गई इस व्यवस्था में विभाग के पास 905 कनेक्शन हैं। इसमें से 872 परिवार ही इस व्यवस्था से जुड़ पाए हैं। क्योंकि जिन वार्डों में यह सुविधा उपलब्ध है। वहां भी विभाग अधिकतर परिवारों को इस सुविधा से नहीं जोड़ पाया है और दूसरी तरफ जिन लोगों को यह सुविधा मिल रही है वह भी आए दिन सीवरेज चैंबर के बंद होने तथा खुले में सड़कों पर बहने से खासे परेशान है।
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कोट
व्यवस्था का विस्तारीकरण किया जा रहा है। इसके लिए 13.52 करोड़ और रुपये की राशि मंजूर हुई है। इससे 604 नए कनेक्शन मंजूर हुए हैं। जिन क्षेत्रों में यह सुविधा उपलब्ध नहीं है वहां भी जल्द ही सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। साथ ही विभाग दो नई सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट भी तैयार करवाने जा रहा है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
- मस्तराम चौहान, सहायक अभियंता, जल शक्ति विभाग घुमारवीं
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- दिन रात चैंबर से खुले में बह रहा गंदा पानी
संजीव शामा
घुमारवीं (बिलासपुर)। घुमारवीं शहर की बदहाल सीवरेज व्यवस्था लोगों के लिए अभिशाप बन चुकी है। नगर परिषद के हर वार्ड में सीवरेज का गंदा पानी ओवरफ्लो होकर नालियों और सड़कों पर बहता रहता है। इससे लोगों की परेशानियां भी बढ़ती जा रही हैं। यही कारण है कि घुमारवीं का यह सीवरेज प्रोजेक्ट लोगों के लिए सुविधा कम समस्या अधिक बन गया है।
सीवरेज परियोजना साल 1999 में शुरू हुई थी। करीब 24 साल का एक लंबा वक्त बीत जाने के बाद भी यह योजना आज भी आधी अधूरी है। क्योंकि अब यह व्यवस्था शहर के विस्तारीकरण और जनसंख्या के आधार पर छोटी पड़ चुकी है। बीते 24 साल में शहर की जनसंख्या करीब 5 गुना बढ़ चुकी है, लेकिन इस सीवरेज व्यवस्था का आज तक विस्तारीकरण नहीं किया जा सका है। हर गली मोहल्ले के साथ राष्ट्रीय राजमार्ग के बीचो-बीच बनाए गए सीवरेज के चेंबर भी अब छोटे पड़ चुके हैं और आए दिन ओवरफ्लो होकर बहते रहते हैं। इन्हीं सड़कों से दिन-रात प्रशासनिक अधिकारियों का गुजरना होता है, लेकिन कोई भी इस और ध्यान देने को तैयार नहीं है। हर दूसरे तीसरे दिन सीवरेज के टैंक ओवरफ्लो होते हैं। बेशक संबंधित विभाग दावे कर रहा हो कि लोगों की समस्याओं को ध्यान में रखकर बेहतर सुविधा दी जा रही है पर धरातल पर सब दावे हवा हवाई हैं। दो दशक बीत जाने के बाद भी यह प्रोजेक्ट पूरा नहीं हो पाया है। नगर परिषद के तहत वार्ड नंबर 1 के साथ-साथ वार्ड नंबर 4 और 6 के झूंगी हारकुकार, टिक्करी और सिल्ह आदि क्षेत्र में रहने वाले परिवार अभी भी इस सुविधा से वंचित हैं।
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2005 में शुरू की गई इस व्यवस्था में विभाग के पास 905 कनेक्शन हैं। इसमें से 872 परिवार ही इस व्यवस्था से जुड़ पाए हैं। क्योंकि जिन वार्डों में यह सुविधा उपलब्ध है। वहां भी विभाग अधिकतर परिवारों को इस सुविधा से नहीं जोड़ पाया है और दूसरी तरफ जिन लोगों को यह सुविधा मिल रही है वह भी आए दिन सीवरेज चैंबर के बंद होने तथा खुले में सड़कों पर बहने से खासे परेशान है।
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व्यवस्था का विस्तारीकरण किया जा रहा है। इसके लिए 13.52 करोड़ और रुपये की राशि मंजूर हुई है। इससे 604 नए कनेक्शन मंजूर हुए हैं। जिन क्षेत्रों में यह सुविधा उपलब्ध नहीं है वहां भी जल्द ही सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। साथ ही विभाग दो नई सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट भी तैयार करवाने जा रहा है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
- मस्तराम चौहान, सहायक अभियंता, जल शक्ति विभाग घुमारवीं