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Bilaspur News: दधोल रेशम पालन केंद्र में तैयार हो रहा बीज
Sun, 23 Mar 2025 11:36 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Sun, 23 Mar 2025 11:36 PM IST
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दधोल फार्म में पूरी देखभाल और प्रोसेसिंग के बाद तैयार हुआ रेशम कीट बीज। संवाद
-किसानों को घर-घर पहुंचाया जाएगा बीज
-रोजगार के साथ आर्थिकी के बेहतर साधन है रेशम पालन
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी (बिलासपुर)। उपमंडल घुमारवीं के तहत दधोल स्थित रेशम पालन केंद्र कार्यालय में आजकल रेशम बीज तैयार किया जा रहा है। इसे रेशम पालकों के घर पहुंचाया जाएगा, ताकि वो इसका पालन कर इससे रेशम प्राप्त कर आय प्राप्त कर सकें।
रेशम कीट पालन युवाओं को रोजगार की आसान राह के साथ-साथ आर्थिक तौर पर भी मजबूत करने का अच्छा साधन साबित हो रहा है। एक साल में दो बार रेशम पालन से एक अच्छा व्यवसाय प्राप्त कर सकते है। दधोल रेशम पालन कार्यालय के निरीक्षक बलवंत कुमार ने बताया कि दधोल केंद्र में बीज पहुंच चुका है और अब पालकों को वितरण के लिए पूरी तरह तैयार है। फार्म पर कर्मचारियों द्वारा बीज की प्रोसेसिंग करके उनकी देखभाल करते हुए रेशम पालकों को घर तक पहुंचाया जाएगा, ताकि रेशम पालन से वह अपनी आय के स्रोत बढ़ा सकें और अच्छी तरह देखभाल कर अच्छी और उत्तम किस्म का रेशम तैयार कर सके। उन्होंने बताया कि बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार का उत्तम साधन है और कम लागत से लाखों रुपये तक युवा रेशम पालन करके कमा सकते हैं। रेशम पालन को लघु उद्योग के रूप में शुरू किया जा सकता है।
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-रोजगार के साथ आर्थिकी के बेहतर साधन है रेशम पालन
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी (बिलासपुर)। उपमंडल घुमारवीं के तहत दधोल स्थित रेशम पालन केंद्र कार्यालय में आजकल रेशम बीज तैयार किया जा रहा है। इसे रेशम पालकों के घर पहुंचाया जाएगा, ताकि वो इसका पालन कर इससे रेशम प्राप्त कर आय प्राप्त कर सकें।
रेशम कीट पालन युवाओं को रोजगार की आसान राह के साथ-साथ आर्थिक तौर पर भी मजबूत करने का अच्छा साधन साबित हो रहा है। एक साल में दो बार रेशम पालन से एक अच्छा व्यवसाय प्राप्त कर सकते है। दधोल रेशम पालन कार्यालय के निरीक्षक बलवंत कुमार ने बताया कि दधोल केंद्र में बीज पहुंच चुका है और अब पालकों को वितरण के लिए पूरी तरह तैयार है। फार्म पर कर्मचारियों द्वारा बीज की प्रोसेसिंग करके उनकी देखभाल करते हुए रेशम पालकों को घर तक पहुंचाया जाएगा, ताकि रेशम पालन से वह अपनी आय के स्रोत बढ़ा सकें और अच्छी तरह देखभाल कर अच्छी और उत्तम किस्म का रेशम तैयार कर सके। उन्होंने बताया कि बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार का उत्तम साधन है और कम लागत से लाखों रुपये तक युवा रेशम पालन करके कमा सकते हैं। रेशम पालन को लघु उद्योग के रूप में शुरू किया जा सकता है।
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