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नन्हें वैज्ञानिकों ने बनाए स्मार्ट सिटी और स्मर्ट विलेज
ब्यूरो/अमर उजाला, बिलासपुर
Updated Fri, 23 Sep 2016 11:06 PM IST
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जिला बिलासपुर के नन्हे वैज्ञानिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने को साकार करने में जुट गए हैं। इन वैज्ञानिकों ने स्मार्ट सिटी मिशन की दिशा में कदम बढ़ाते हुए स्मार्ट सिटी व स्मार्ट विलेज के मॉडल तैयार कर दिए हैं।
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जिला मुख्यालय पर स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (छात्रा) बिलासपुर में आयोजित जिला स्तरीय इंस्पायर मॉडल प्रतियोगिता में करीब 520 मॉडल प्रदर्शित किए गए हैं। इनमें से अधिकतर नन्हे वैज्ञानिकों ने स्मार्ट सिटी व विलेज के मॉडल तैयार किए हैं।
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गांव के मॉडलों में सड़कें, स्कूल, अस्पताल, शौचालय, सोलर बायोगैस, वाटर टैंक, पवन चक्की, सीएनजी कार, आपातकालीन सुविधा, हैम रेडियो, पार्क, गौशाला व भूकंप रोधी सामुदायिक भवन आदि बनाए गए हैं। जबकि स्मार्ट सिटी में सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध दिखाई गई हैं। जिसमें सड़कें, शौैचालय, अस्पताल व स्कूल विशेष रूप से दिखाई गए हैं।
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स्मृति, संकेत, स्वास्तिका व कनिका का कहना है कि इंसान की सोच बड़ी होनी चाहिए। मशीनरी व वैज्ञानिक दौर में हर सुविधा एक ही जगह पर उपलब्ध हो, इसके लिए स्मार्ट होना जरूरी है। स्मार्ट सिटी से सुविधाएं आसानी से उपलब्ध होंगी।
इसके अलावा प्रदर्शनी में सौर मंडल, लैंड स्लाइड मैनेजमेंट इन हिमाचल प्रदेश, पर्यावरण प्रदर्शन, रैपिड कम्यूनिकेशनल सिस्टम, जल विद्युत संयंत्र, वायु प्रदूषण नियंत्रण, सोलर एनर्जी, स्वच्छ भारत, फोरेस्ट फायर, ठोस पदार्थों का निपटारा, क्लीन अस्पताल व लाइफ स्टाइल मैनेजमेंट सहित कई मॉडल प्रदर्शित किए गए हैं।
सिहड़ा स्कूल में पढ़ रहे नौवीं कक्षा के आदर्श ठाकुर का कहना है कि मैं खुद गांव से हूं, इसलिए स्मार्ट विलेज का मॉडल तैयार किया है। इसमें टीचर रीना भाटिया ने मदद की है। गांव में सुविधाओं की कमी के कारण लोग शहरों की ओर रुख कर लेते हैं, लेकिन यदि सभी सुविधाएं गांव में ही उपलब्ध हों, तो गांव के लोग गांव में ही रहकर विकास के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर सकते हैं।
प्रदर्शनी में सोलर ट्रक का मॉडल भी प्रदर्शित किया गया है, जिसे दयानंद मॉडल पब्लिक स्कूल बिलासपुर के 12 वर्षीय उत्कर्ष शर्मा ने तैयार किया है। इस नन्हे वैज्ञानिक का कहना है कि इस ट्रक के कई फायदे हैं। इससे पर्यावरण प्रदूषित नहीं होगा, पेट्रोल व डीजल की बचत होगी, सूरज की रोशनी पर टैक्स नहीं लगता।
स्वारघाट के आदर्श पब्लिक स्कूल के दसवीं के छात्र हितेश संधू ने ट्री शिफ्टिंग हाइड्रोलिक डिवाइस मॉडल तैयार किया है। जो बच्चों व अध्यापकों को काफी आकर्षित कर रहा है। इस डिवाइस को पर्यावरण संरक्षण के लिए तैयार किया गया है। यदि कहीं कोई प्रोजेक्ट बनाना हो, वहां पेड़ों को काटे बिना उन्हें इस डिवाइस के माध्यम से जड़ सहित उठाकर कहीं और लगाया जा सकता है।