फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   Sanitation system fails in Ghumarwin Municipal Council amidst strict enforcement of house tax collection.

Bilaspur News: घुमारवीं नगर परिषद में हाउस टैक्स पर सख्ती पर सफाई व्यवस्था फेल

Wed, 29 Jul 2026 12:53 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 29 Jul 2026 12:53 AM IST
विज्ञापन
Sanitation system fails in Ghumarwin Municipal Council amidst strict enforcement of house tax collection.
घुमारवीं शहर में खुले में फेंका कूड़ा। संवाद
दो सप्ताह से सूखा और कई दिनों से गीला कूड़ा नहीं उठा,शहर में बढ़ी दुर्गंध
विज्ञापन

लोगों का आरोप मूलभूत सुविधाओं की हो रही अनदेखी

संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। नगर परिषद घुमारवीं की सफाई व्यवस्था इन दिनों सवालों के घेरे में है। एक ओर नगर परिषद हाउस टैक्स की वसूली को लेकर सख्ती बरतने की तैयारी कर रही है, वहीं दूसरी ओर शहर में कूड़ा उठाने की व्यवस्था पूरी तरह लड़खड़ाती नजर आ रही है।
पिछले करीब दो सप्ताह से अधिकांश वार्डों में सूखा कूड़ा नियमित रूप से नहीं उठाया जा रहा है, जबकि पिछले तीन-चार दिनों से गीले कूड़े का उठान भी प्रभावित हो गया है। इससे शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगने लगे हैं और लोगों में भारी नाराजगी है।
विज्ञापन


शहरवासियों का कहना है कि कुछ महीने पहले नगर परिषद ने कूड़ा संग्रहण शुल्क में बढ़ोतरी की थी। शुल्क बढ़ने के बावजूद सफाई व्यवस्था पहले से भी बदतर हो गई है। बरसात के मौसम में गीला कूड़ा कुछ ही घंटों में सड़ने लगता है, जिससे घरों के बाहर और गलियों में दुर्गंध फैल रही है। डस्टबिनों में कीड़ों का जमाव होने से संक्रमण का खतरा भी बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि अब गीला कूड़ा भी समय पर नहीं उठाया जा रहा, जिससे उसे घरों में रखना मुश्किल हो गया है। मजबूरी में कई लोग कूड़ा सड़क किनारे और खड्डों में फेंक रहे हैं। इससे शहर की स्वच्छता पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। नई कार्यकारिणी के गठन के बाद लोगों को उम्मीद थी कि सफाई व्यवस्था में सुधार होगा, लेकिन अभी तक हालात नहीं बदले हैं। लोगों का आरोप है कि नगर परिषद ने अपनी शुरुआती बैठकों में हाउस टैक्स वसूली को प्राथमिकता दी, जबकि मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी की जा रही है। शहर में कुछ वर्ष पहले गीले और सूखे कूड़े के अलग-अलग संग्रहण की व्यवस्था शुरू की गई थी, ताकि वैज्ञानिक तरीके से कचरे का निस्तारण हो सके। शुरुआती दौर में यह व्यवस्था सफल रही, लेकिन अब यह व्यवस्था लगभग ठप होती दिखाई दे रही है। शहरवासियों का कहना है कि यदि नगर परिषद हाउस टैक्स और कूड़ा संग्रहण शुल्क नियमित रूप से वसूल रही है तो लोगों को बेहतर सुविधाएं देना भी उसकी जिम्मेदारी है। उनका कहना है कि टैक्स वसूली के साथ-साथ मूलभूत सेवाओं को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


कोट
सीमेंट फैक्ट्री ने फिलहाल सूखा कूड़ा लेना बंद किया है, जिससे उसके भंडारण में दिक्कत आ रही है। वहीं, गीला कूड़ा जहां भेजा जाता है, वहां बारिश के कारण सड़क क्षतिग्रस्त होने से परिवहन प्रभावित हुआ है। नगर परिषद जल्द ही वैकल्पिक व्यवस्था कर समस्या का समाधान करेगी।
-खेमचंद वर्मा, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद, घुमारवीं
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed