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Bilaspur News: ग्रामीण भाखड़ा विस्थापितों ने सरकार के प्रति जताई नाराजगी
Sat, 09 May 2026 10:48 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Sat, 09 May 2026 10:48 PM IST
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मलराओं में आयोजित ग्रामीण भाखड़ा विस्थापित सुधार समिति की बैठक में मौजूद लोग।
कई दशक बीत जाने के बाद भी नहीं मिल पा रहा उचित मालिकाना हक
मलराओं में हुई जिला ग्रामीण भाखड़ा विस्थापित सुधार समिति की बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
झंडूता (बिलासपुर)। जिला ग्रामीण भाखड़ा विस्थापित सुधार समिति की बैठक शनिवार को ग्राम पंचायत मलराओं में हुई, जिसकी अध्यक्षता समिति के प्रधान ओंकार चंदेल ने की, जबकि जिला ग्रामीण भाखड़ा विस्थापित सुधार समिति के जिला प्रधान देशराज शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे।
बैठक में भाखड़ा परियोजना से प्रभावित विस्थापितों की लंबित मांगों और समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान सदस्यों ने सरकार और प्रशासन के प्रति अपनी गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि कई दशक बीत जाने के बाद भी भाखड़ा विस्थापित परिवारों को उनका उचित मालिकाना हक नहीं मिल रहा है। उन्हें अपने हकों को लेने के लिए आंदोलन करने पड़ रहे हैं। इसके बावजूद भी सरकार और प्रशासन मांगों के प्रति बेखबर बने हुए हैं। सरकार भाखड़ा विस्थापितों के प्रति सौतेला व्यवहार कर रही है। जो भाखड़ा विस्थापितों के प्रति असहनीय है। बैठक में हैरानी जताई कि देश की अन्य परियोजनाओं से प्रभावित लोगों को दिए जा रहे 39 प्रतिशत क्षतिपूर्ति मुआवजे की तर्ज पर भाखड़ा विस्थापितों को भी समान मुआवजा दिया जाए। बैठक में समिति के सदस्यों ने कहा कि सरकार को विस्थापित परिवारों के साथ समानता का व्यवहार करना चाहिए। इसके अलावा विस्थापित परिवारों को स्वीकृत प्लॉटों का शीघ्र आवंटन करने की मांग भी जोर-शोर से उठाई गई। समिति के सदस्यों ने आरोप लगाया कि कई परिवार आज भी अपने अधिकारों के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा।
उन्होंने हैरानी जताई कि 23 फरवरी को सरकार को भेजे गए मांग पत्र पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। समिति ने इसे प्रशासन और प्रदेश सरकार की अनदेखी बताते हुए कहा कि यदि जल्द मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। समिति ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि शीघ्र ही एक प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त बिलासपुर से मिलकर अपनी मांगों को दोहराएगा। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि इसके बावजूद भी सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो समिति अपनी मांगों को लेकर आंदोलन करने पर मजबूर होगी। शीघ्र ही आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी। इस अवसर पर कुंजू राम, राधे श्याम शर्मा, जय राम शर्मा, परसराम, शर्मा, श्रीराम चौहान, बालक राम, सुनीता देवी सहित अन्य मौजूद रहे।
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मलराओं में हुई जिला ग्रामीण भाखड़ा विस्थापित सुधार समिति की बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
झंडूता (बिलासपुर)। जिला ग्रामीण भाखड़ा विस्थापित सुधार समिति की बैठक शनिवार को ग्राम पंचायत मलराओं में हुई, जिसकी अध्यक्षता समिति के प्रधान ओंकार चंदेल ने की, जबकि जिला ग्रामीण भाखड़ा विस्थापित सुधार समिति के जिला प्रधान देशराज शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे।
बैठक में भाखड़ा परियोजना से प्रभावित विस्थापितों की लंबित मांगों और समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान सदस्यों ने सरकार और प्रशासन के प्रति अपनी गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि कई दशक बीत जाने के बाद भी भाखड़ा विस्थापित परिवारों को उनका उचित मालिकाना हक नहीं मिल रहा है। उन्हें अपने हकों को लेने के लिए आंदोलन करने पड़ रहे हैं। इसके बावजूद भी सरकार और प्रशासन मांगों के प्रति बेखबर बने हुए हैं। सरकार भाखड़ा विस्थापितों के प्रति सौतेला व्यवहार कर रही है। जो भाखड़ा विस्थापितों के प्रति असहनीय है। बैठक में हैरानी जताई कि देश की अन्य परियोजनाओं से प्रभावित लोगों को दिए जा रहे 39 प्रतिशत क्षतिपूर्ति मुआवजे की तर्ज पर भाखड़ा विस्थापितों को भी समान मुआवजा दिया जाए। बैठक में समिति के सदस्यों ने कहा कि सरकार को विस्थापित परिवारों के साथ समानता का व्यवहार करना चाहिए। इसके अलावा विस्थापित परिवारों को स्वीकृत प्लॉटों का शीघ्र आवंटन करने की मांग भी जोर-शोर से उठाई गई। समिति के सदस्यों ने आरोप लगाया कि कई परिवार आज भी अपने अधिकारों के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा।
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उन्होंने हैरानी जताई कि 23 फरवरी को सरकार को भेजे गए मांग पत्र पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। समिति ने इसे प्रशासन और प्रदेश सरकार की अनदेखी बताते हुए कहा कि यदि जल्द मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। समिति ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि शीघ्र ही एक प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त बिलासपुर से मिलकर अपनी मांगों को दोहराएगा। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि इसके बावजूद भी सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो समिति अपनी मांगों को लेकर आंदोलन करने पर मजबूर होगी। शीघ्र ही आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी। इस अवसर पर कुंजू राम, राधे श्याम शर्मा, जय राम शर्मा, परसराम, शर्मा, श्रीराम चौहान, बालक राम, सुनीता देवी सहित अन्य मौजूद रहे।
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