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Bilaspur News: रेवाड़ी एम्स के प्रो. डॉ. दयानंद शर्मा होंगे एम्स बिलासपुर के कार्यवाहक निदेशक
Fri, 31 Jan 2025 11:34 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Fri, 31 Jan 2025 11:34 PM IST
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एम्स बिलासपुर के कार्यकारी निदेशक को स्थानांतरण होने पर सम्मानित करते एम्स प्रबंधन के अधिकारी।
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-एम्स बिलासपुर के कार्यकारी निदेशक डॉ. वीर सिंह नेगी हुए कार्य मुक्त
- जेआईपीएमईआर पुडुचेरी के निदेशक का संभालेंगे पद
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। एम्स बिलासपुर के कार्यकारी निदेशक प्रो. (डॉ.) वीर सिंह नेगी ने प्रतिष्ठित जवाहरलाल स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (जेआईपीएमईआर) पुडुचेरी के निदेशक पद पर नियुक्ति के बाद शुक्रवार को संस्थान से कार्यभार मुक्त हो गए। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने एम्स रेवाड़ी के कार्यकारी निदेशक प्रो. डॉ. दयानंद शर्मा को एम्स बिलासपुर का कार्यवाहक निदेशक नियुक्त किया है।
एम्स बिलासपुर प्रबंधन ने डॉ. वीर सिंह नेगी के विदाई समारोह में संस्थान के लिए उनके योगदान को सराहा। कहा कि 15 मई 2021 को एम्स बिलासपुर के संस्थापक निदेशक के रूप में कार्यभार संभाला था। उन्होंने कोविड महामारी जैसी विकट परिस्थितियों के बीच संस्थान की नींव रखी और अपने कुशल नेतृत्व में संस्थान का आधारभूत ढांचा विकसित किया। उनके नेतृत्व में एम्स बिलासपुर ने चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और स्वास्थ्य सेवाओं में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं। संस्थान की बुनियादी संरचना का विस्तार किया।
750 बिस्तरों वाले विशेष एवं अति-विशेष चिकित्सा सेवाओं वाले अस्पताल का संचालन किया, कार्डियक कैथ लैब, रेडियोथेरेपी सेवाएं और लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना की, 1.5 टेस्ला एमआरआई मशीन की स्थापना और पल्मोनरी इंटेंसिव केयर यूनिट की शुरुआत की, ब्रोंकोस्कोपी सुइट और स्लीप लैब सेवाओं की स्थापना की। इसके अलावा एमबीबीएस की 100 सीटों, नर्सिंग की 40 सीटों, और 250 बीएससी पैरा मेडिकल सीटों की शुरुआत की। लगभग सभी महत्वपूर्ण चिकित्सा विभागों में पीजी पाठ्यक्रमों की शुरुआत की।
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वर्तमान में संस्थान में 81 एमडी/एमएस और 10 डीएम/एमसीएच के छात्र अध्ययनरत हैं। कुल 620 छात्र वर्तमान में शिक्षा और प्रशिक्षण ग्रहण कर रहे हैं। रोगी देखभाल और सेवा के क्षेत्र में ब्लड बैंक की स्थापना और एफेरेसिस सुविधा की शुरुआत की, एंडोक्राइनोलॉजी, क्लिनिकल इम्यूनोलॉजी और रुमेटोलॉजी (ईसीआर) प्रयोगशाला की स्थापना, प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि योजना के तहत दो औषधि केंद्रों की स्थापना की। एम्स बिलासपुर ने डॉ. वीर सिंह नेगी के योगदान की सराहना करते हुए जेआईपीएमईआर, पुडुचेरी के निदेशक के रूप में उनकी नई भूमिका के लिए शुभकामनाएं दी हैं। संस्थान ने कहा कि उनके नेतृत्व में एम्स बिलासपुर ने उल्लेखनीय प्रगति की है और वह स्वास्थ्य सेवा प्रबंधन में एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व के रूप में जाने जाते हैं।
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- जेआईपीएमईआर पुडुचेरी के निदेशक का संभालेंगे पद
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। एम्स बिलासपुर के कार्यकारी निदेशक प्रो. (डॉ.) वीर सिंह नेगी ने प्रतिष्ठित जवाहरलाल स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (जेआईपीएमईआर) पुडुचेरी के निदेशक पद पर नियुक्ति के बाद शुक्रवार को संस्थान से कार्यभार मुक्त हो गए। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने एम्स रेवाड़ी के कार्यकारी निदेशक प्रो. डॉ. दयानंद शर्मा को एम्स बिलासपुर का कार्यवाहक निदेशक नियुक्त किया है।
एम्स बिलासपुर प्रबंधन ने डॉ. वीर सिंह नेगी के विदाई समारोह में संस्थान के लिए उनके योगदान को सराहा। कहा कि 15 मई 2021 को एम्स बिलासपुर के संस्थापक निदेशक के रूप में कार्यभार संभाला था। उन्होंने कोविड महामारी जैसी विकट परिस्थितियों के बीच संस्थान की नींव रखी और अपने कुशल नेतृत्व में संस्थान का आधारभूत ढांचा विकसित किया। उनके नेतृत्व में एम्स बिलासपुर ने चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और स्वास्थ्य सेवाओं में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं। संस्थान की बुनियादी संरचना का विस्तार किया।
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750 बिस्तरों वाले विशेष एवं अति-विशेष चिकित्सा सेवाओं वाले अस्पताल का संचालन किया, कार्डियक कैथ लैब, रेडियोथेरेपी सेवाएं और लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना की, 1.5 टेस्ला एमआरआई मशीन की स्थापना और पल्मोनरी इंटेंसिव केयर यूनिट की शुरुआत की, ब्रोंकोस्कोपी सुइट और स्लीप लैब सेवाओं की स्थापना की। इसके अलावा एमबीबीएस की 100 सीटों, नर्सिंग की 40 सीटों, और 250 बीएससी पैरा मेडिकल सीटों की शुरुआत की। लगभग सभी महत्वपूर्ण चिकित्सा विभागों में पीजी पाठ्यक्रमों की शुरुआत की।
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वर्तमान में संस्थान में 81 एमडी/एमएस और 10 डीएम/एमसीएच के छात्र अध्ययनरत हैं। कुल 620 छात्र वर्तमान में शिक्षा और प्रशिक्षण ग्रहण कर रहे हैं। रोगी देखभाल और सेवा के क्षेत्र में ब्लड बैंक की स्थापना और एफेरेसिस सुविधा की शुरुआत की, एंडोक्राइनोलॉजी, क्लिनिकल इम्यूनोलॉजी और रुमेटोलॉजी (ईसीआर) प्रयोगशाला की स्थापना, प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि योजना के तहत दो औषधि केंद्रों की स्थापना की। एम्स बिलासपुर ने डॉ. वीर सिंह नेगी के योगदान की सराहना करते हुए जेआईपीएमईआर, पुडुचेरी के निदेशक के रूप में उनकी नई भूमिका के लिए शुभकामनाएं दी हैं। संस्थान ने कहा कि उनके नेतृत्व में एम्स बिलासपुर ने उल्लेखनीय प्रगति की है और वह स्वास्थ्य सेवा प्रबंधन में एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व के रूप में जाने जाते हैं।