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एसीसी खनन क्षेत्र के आसपास के कई घरों में दरारें

Thu, 19 Nov 2020 10:47 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 19 Nov 2020 10:47 PM IST
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Revealed in the report of the committee headed by ADM
बिलासपुर। एसीसी खनन क्षेत्र के आसपास के गांव का स्पॉट विजिट करने के लिए सात माह पूर्व एक कमेटी का गठन तत्कालीन एडीएम की अध्यक्षता में किया गया था। इसकी रिपोर्ट कमेटी ने उपायुक्त को सौंप दी है। रिपोर्ट में कमेटी ने माना है कि खनन क्षेत्र के आसपास के कई घरों में दरारें आई हैं। वहीं एसीसी के क्रशर से ध्वनि प्रदूषण होता है। कमेटी ने प्रशासन से सिफारिश की है कि भू-वैज्ञानिकों को मौके पर बुलाकर उनसे इसका निरीक्षण करवाया जाए।
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एसीसी खनन क्षेत्र के आसपास के गांव कुनणु, धौन कोठी, बलोह और बरयाही के लोगों की मांग पर प्रशासन ने कमेटी का गठन किया था। लोगों की शिकायत है कि एसीसी खनन क्षेत्र में गैर वैज्ञानिक तरीके से हो रही भारी ब्लास्टिंग से उनके घर गिरने की कगार पर हैं। मकानों में जगह-जगह दरारें आई हैं। इस पर सात माह पूर्व तत्कालीन उपायुक्त ने एमडीएम की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया था। इस कमेटी में खनन विभाग, पुलिस विभाग, एसीसी विस्थापित एवं प्रभावित सभा के सदस्य शामिल थे। कमेटी ने उक्त क्षेत्र में स्पॉट विजिट किया था। इसके बाद एक रिपोर्ट तैयार की गई। रिपोर्ट में कमेटी ने माना है कि उक्त क्षेत्रों के कई घरों में दरारें हैं। वहीं, क्रशर एरिया के आसपास ध्वनि प्रदूषण भी है। कमेटी की ओर से तैयार रिपोर्ट में प्रशासन से सिफारिश की गई है कि गहन जांच के लिए मौके पर भू वैज्ञानिकों की विशेष टीम बुलाई जाए, ताकि इसकी पूरी तकनीकी जांच की जाए।
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वहीं एसीसी विस्थापित एवं प्रभावित सभा के अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा और वार्ड सदस्य कुनणु सुनील गौतम ने कहा कि ऐसी ही रिपोर्ट साल 2018 में तत्कालीन एडीएम की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने भी बनाई थी। जिसमें साफ लिखा था कि एसीसी की ओर से की जा रही ब्लास्टिंग से आसपास के क्षेत्र के घरों में दरारें आ रही हैं। वहीं उस रिपोर्ट में कई और अहम खुलासे हुए थे, लेकिन हैरानी की बात है कि उस रिपोर्ट पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। वहीं, अब इस कमेटी की ओर से तैयार रिपोर्ट पर प्रशासन और सरकार कार्रवाई करेेंगे या पहले की रिपोर्ट की तरह इसे भी फाइलों में समेटा जाएगा। उन्होंने कहा कि लोगों की समस्याओं से ज्यादा सरकार और जिला प्रशासन उद्योगपतियों के हक में कार्य कर रहे हैं। जो कि जनता के हित में नहीं है। कहा कि उक्त गांव के लोग दशकों से समस्याओं के निपटारे की मांग कर रहे हैं, लेकिन किसी भी स्तर पर उनकी सुनवाई नहीं हो रही है।
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