{"_id":"66191f5b31e59818f906fe1c","slug":"register-with-asha-worker-at-the-time-of-pregnancy-vijay-bilaspur-news-c-92-1-bls1002-115807-2024-04-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"गर्भधारण के समय आशा वर्कर से कराएं पंजीकरण : विजय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गर्भधारण के समय आशा वर्कर से कराएं पंजीकरण : विजय
विज्ञापन
- चांदपुर में मनाया राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्व दिवस
संवाद न्यूज एजेंसी
जुखाला (बिलासपुर)। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्व दिवस चांदपुर में मनाया गया। स्वास्थ्य शिक्षक विजय कुमारी ने बताया कि यह दिवस 2003 से हर साल सुरक्षित राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्व दिवस के रूप में 11 अप्रैल को कस्तूरबा गांधी जयंती के रूप में मनाया जाता है।
उन्होंने बताया कि सुरक्षित मातृत्व को प्राप्त करने के लिए भारत सरकार ने प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान की शुरुआत की है। इसके तहत हर महीने 9 तारीख को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से लेकर उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में गर्भवती माता की निशुल्क जांच की जाती है। उन्होंने बताया कि जब गर्भधारण होता है तो महिला को अपना पंजीकरण आशा वर्कर के माध्यम से अपने स्वास्थ्य केंद्र में जाकर करवाना चाहिए। ताकि प्रारंभिक समय में ही सभी टेस्ट कराए जा सकें और स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा सकें। उन्होंने महिलाओं को पोषण संबंधी जानकारी दी। साथ ही दोपहर में दो घंटे का आराम करने की सलाह भी दी। गर्भावस्था काल में महिला को हल्का-फुल्का कार्य करना चाहिए और भारी वजन नहीं उठाना चाहिए। सुरक्षित प्रसव के लिए हर गर्भवती महिला को सरकारी संस्थानों में ही प्रसव करना चाहिए। उन्होंने जननी सुरक्षा शिशु कार्यक्रम की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम भी मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है। समारोह में प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी कराई गई, जिसमें महिलाओं को स्टील के टिफिन वितरित किए गए। इस अवसर पर महिला सुपरवाइजर रेखा, भारती, आशा वर्कर अंजना, सरोज और अन्य उपस्थित रहे।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
जुखाला (बिलासपुर)। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्व दिवस चांदपुर में मनाया गया। स्वास्थ्य शिक्षक विजय कुमारी ने बताया कि यह दिवस 2003 से हर साल सुरक्षित राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्व दिवस के रूप में 11 अप्रैल को कस्तूरबा गांधी जयंती के रूप में मनाया जाता है।
उन्होंने बताया कि सुरक्षित मातृत्व को प्राप्त करने के लिए भारत सरकार ने प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान की शुरुआत की है। इसके तहत हर महीने 9 तारीख को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से लेकर उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में गर्भवती माता की निशुल्क जांच की जाती है। उन्होंने बताया कि जब गर्भधारण होता है तो महिला को अपना पंजीकरण आशा वर्कर के माध्यम से अपने स्वास्थ्य केंद्र में जाकर करवाना चाहिए। ताकि प्रारंभिक समय में ही सभी टेस्ट कराए जा सकें और स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा सकें। उन्होंने महिलाओं को पोषण संबंधी जानकारी दी। साथ ही दोपहर में दो घंटे का आराम करने की सलाह भी दी। गर्भावस्था काल में महिला को हल्का-फुल्का कार्य करना चाहिए और भारी वजन नहीं उठाना चाहिए। सुरक्षित प्रसव के लिए हर गर्भवती महिला को सरकारी संस्थानों में ही प्रसव करना चाहिए। उन्होंने जननी सुरक्षा शिशु कार्यक्रम की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम भी मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है। समारोह में प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी कराई गई, जिसमें महिलाओं को स्टील के टिफिन वितरित किए गए। इस अवसर पर महिला सुपरवाइजर रेखा, भारती, आशा वर्कर अंजना, सरोज और अन्य उपस्थित रहे।
विज्ञापन