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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   Ramlila begins in Diara; scenes depicting Vishnu Lok and Mount Kailash staged on the first day.

Bilaspur News: डियारा में रामलीला का शुभारंभ, पहले दिन विष्णु लोक और कैलाश पर्वत के प्रसंगों का मंचन

Tue, 13 Oct 2026 12:15 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 13 Oct 2026 12:15 AM IST
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Ramlila begins in Diara; scenes depicting Vishnu Lok and Mount Kailash staged on the first day.
डियारा में आयोजित रामलीला मंचन में भगवान विष्णु के पास पहुंचे देवता। स्रोत: समिति
राम नाटक समिति ने पहले नवरात्र पर शुरू की रामलीला, श्रवण कुमार के प्रसंग ने भावुक किए दर्शक
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। शहर के डियारा सेक्टर में 136 साल पुरानी रामलीला की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए राम नाटक समिति की ओर से पहले नवरात्र पर रामलीला मंचन का शुभारंभ किया गया। समाजसेवी मनमोहन भंडारी ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। पहले दिन विष्णु लोक, कैलाश पर्वत और मातृ-पितृ भक्त श्रवण कुमार के प्रसंगों का मंचन किया गया। कलाकारों ने प्रभावशाली अभिनय के माध्यम से दर्शकों को रामायण के प्रमुख प्रसंगों से रूबरू करवाया।
रामलीला के पहले दृश्य में लंका के राजा रावण के अत्याचारों से परेशान देवी-देवता भगवान विष्णु के दरबार में पहुंचे। उन्होंने रावण के आतंक से मुक्ति दिलाने की प्रार्थना की। इस पर भगवान विष्णु ने उन्हें आश्वासन दिया कि वह अयोध्या के राजा दशरथ के घर श्रीराम के रूप में अवतार लेकर रावण का अंत करेंगे। इस दृश्य में नवीन सोनी ने राम और सुजल पाटिल ने लक्ष्मी की भूमिका निभाई। ध्रुव ने इंद्र, राजिंदर चंदेल ने ब्रह्मा, शिवम ने यम, अभिषेक डोगरा ने नारद, आयुष ने कुबेर, अनुभव ने वायु देव और वरुण देव तथा आर्यन ने अग्नि देव का किरदार निभायइसके बाद कैलाश पर्वत का दृश्य प्रस्तुत किया गया, जिसमें भगवान शिव और रावण से जुड़ा प्रसंग दिखाया गया। इसमें भगवान शिव ने रावण के अभिमान को चूर किया। वहीं, अंतिम दृश्य में मातृ-पितृ भक्त श्रवण कुमार की कथा का मंचन हुआ। इसमें राजा दशरथ के हाथों अनजाने में श्रवण कुमार की मृत्यु हो जाती है। पुत्र की मृत्यु से व्यथित उनके पिता शांतनु राजा दशरथ को श्राप देते हैं कि उन्हें भी पुत्र वियोग में अपने प्राण त्यागने पड़ेंगे। कलाकारों ने भावपूर्ण अभिनय से इस प्रसंग को जीवंत कर दिया।
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राम नाटक समिति के प्रधान अजय चंदेल ने बताया कि समिति वर्षों से रामलीला की परंपरा को आगे बढ़ा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को भगवान श्रीराम के जीवन, आदर्शों और रामायण के प्रमुख प्रसंगों से जोड़ना है।
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