{"_id":"68b6ed8e19e7e888be08b10d","slug":"rain-effected-houses-and-roads-bilaspur-news-c-92-1-ssml1001-143592-2025-09-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bilaspur News: भारी बारिश से जिले में 24 घंटे में 33 पशुशालाएं, 28 मकानों, तीन दुकानों को क्षति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bilaspur News: भारी बारिश से जिले में 24 घंटे में 33 पशुशालाएं, 28 मकानों, तीन दुकानों को क्षति
विज्ञापन
सरकारी विभागों की संपत्तियों को भी करोड़ों रुपये का नुकसान
नौ मुख्य सड़कें बंद, कई संपर्क रोड भी बाधित
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले में लगातार हो रही बारिश से 24 घंटे में 33 पशुशालाओं, 28 मकानों, तीन दुकानों को नुकसान पहुंचा है। गांवों में जहां मकान और गोशालाएं ढह गई हैं, वहीं कई रसोईघर और दुकानें भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं। बारिश के कारण ग्रामीणों को पशुधन की हानि का सामना करना पड़ा है, जबकि सरकारी विभागों की संपत्तियों को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है।
सदर उपमंडल में 10 गोशालाएं क्षतिग्रस्त हुईं जिनसे 3.50 लाख रुपये का नुकसान हुआ। इसके अलावा आठ आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त रसोईघर को 5.90 लाख, पांच पूरी तरह क्षतिग्रस्त रसोईघर को 4.20 लाख, एक दुकान को 70 हजार रुपये का नुकसान आंका गया है। घुमारवीं उपमंडल में इस क्षेत्र में एक आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त रसोईघर को 70 हजार, आठ गोशालाओं को 3.15 लाख, पांच रसोईघरों को 1.05 लाख रुपये का नुकसान हुआ। झंडूता उपमंडल में दो गोशालाएं ढह गईं, जिनका नुकसान 60 हजार रुपये आंका गया है। श्री नयनादेवी जी उपमंडल में एक पूरी तरह क्षतिग्रस्त रसोईघर को 2.50 लाख, तीन आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त रसोईघर को 1.40 लाख और 5 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त पक्के मकान को चार लाख रुपये का नुकसान हुआ। इसके अतिरिक्त 13 गोशालाओं को 4.36 लाख, तीन रसोईघरों को 1.80 लाख और एक दुकान को 70 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। बारिश ने ग्रामीणों के पालतू पशुओं की जान भी ले ली। ग्राम पंचायत रानीकोटला के गोरी गांव में बंगाली राम पुत्र बूढ़ी राम की एक बछड़ी की मौत हो गई, जिससे उसे 20 हजार रुपये का नुकसान हुआ। ग्राम पंचायत मंडहली के मोदर गांव में मदन लाल पुत्र छोटे लाल की एक भैंस की मौत हो गई, जिससे 50 हजार रुपये का नुकसान हुआ। बारिश के कारण सरकारी विभागों को भी बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। लोक निर्माण विभाग बिलासपुर सर्किल को 6.36 करोड रुपये, हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड को 2.30 लाख रुपये, जल शक्ति विभाग को 119.05 लाख रुपये, स्वास्थ्य विभाग को 5 लाख रुपये और उच्च शिक्षा विभाग को 14.50 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं जिले में मंगलवार को नौ मुख्य सड़कों सहित करीब 40 छोटे बड़े संपर्क सड़कें बाधित हुए हैं, जिनकी देर रात तक मरम्मत करने में लोक निर्माण विभाग जुटा रहा। प्रशासन की टीम ने श्री नयनादेवी जी क्षेत्र के अंबुवाला और मंडयाली गांवों का निरीक्षण किया। वहीं, मझेड़ गांव निवासी रणजीत सिंह का मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त पाया गया। प्रशासन ने उन्हें तात्कालिक राहत के तौर पर 25 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की। तहसीलदार एवं मंदिर अधिकारी संजीव प्रभाकर ने बताया कि प्रभावित परिवारों की सूची तैयार की जा रही है। सभी प्रभावितों को नियमानुसार सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन लगातार बारिश से प्रभावित क्षेत्रों का जायजा ले रहा है और नुकसान की भरपाई के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन समलेटू से जकातखाना तक सिंगल लेन चल रहा है। वहीं मैहला में वन वे यातायात है।
उपतहसील भराड़ी के अंतर्गत आने पीएम श्री मुख्यमंत्री आदर्श राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भराड़ी के शौचालय खतरे की जद में आ गए हैं। भारी बारिश के चलते स्कूल की पिछली तरफ से भूस्खलन हो रहा है। मिट्टी का कटाव होने से अब शौचालय कभी भी ढह सकते हैं।
विज्ञापन
इनसेट
नंगल-भाखड़ा रेल लाइन के ट्रैक पर जगह-जगह भूस्खलन हुआ है। इस कारण रेल सेवा बंद है। इससे बीबीएमबी के कर्मचारियों को आवाजाही में परेशानी हो रही है। उन्हें रेल मार्ग छोड़कर वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
नौ मुख्य सड़कें बंद, कई संपर्क रोड भी बाधित
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले में लगातार हो रही बारिश से 24 घंटे में 33 पशुशालाओं, 28 मकानों, तीन दुकानों को नुकसान पहुंचा है। गांवों में जहां मकान और गोशालाएं ढह गई हैं, वहीं कई रसोईघर और दुकानें भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं। बारिश के कारण ग्रामीणों को पशुधन की हानि का सामना करना पड़ा है, जबकि सरकारी विभागों की संपत्तियों को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है।
सदर उपमंडल में 10 गोशालाएं क्षतिग्रस्त हुईं जिनसे 3.50 लाख रुपये का नुकसान हुआ। इसके अलावा आठ आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त रसोईघर को 5.90 लाख, पांच पूरी तरह क्षतिग्रस्त रसोईघर को 4.20 लाख, एक दुकान को 70 हजार रुपये का नुकसान आंका गया है। घुमारवीं उपमंडल में इस क्षेत्र में एक आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त रसोईघर को 70 हजार, आठ गोशालाओं को 3.15 लाख, पांच रसोईघरों को 1.05 लाख रुपये का नुकसान हुआ। झंडूता उपमंडल में दो गोशालाएं ढह गईं, जिनका नुकसान 60 हजार रुपये आंका गया है। श्री नयनादेवी जी उपमंडल में एक पूरी तरह क्षतिग्रस्त रसोईघर को 2.50 लाख, तीन आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त रसोईघर को 1.40 लाख और 5 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त पक्के मकान को चार लाख रुपये का नुकसान हुआ। इसके अतिरिक्त 13 गोशालाओं को 4.36 लाख, तीन रसोईघरों को 1.80 लाख और एक दुकान को 70 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। बारिश ने ग्रामीणों के पालतू पशुओं की जान भी ले ली। ग्राम पंचायत रानीकोटला के गोरी गांव में बंगाली राम पुत्र बूढ़ी राम की एक बछड़ी की मौत हो गई, जिससे उसे 20 हजार रुपये का नुकसान हुआ। ग्राम पंचायत मंडहली के मोदर गांव में मदन लाल पुत्र छोटे लाल की एक भैंस की मौत हो गई, जिससे 50 हजार रुपये का नुकसान हुआ। बारिश के कारण सरकारी विभागों को भी बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। लोक निर्माण विभाग बिलासपुर सर्किल को 6.36 करोड रुपये, हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड को 2.30 लाख रुपये, जल शक्ति विभाग को 119.05 लाख रुपये, स्वास्थ्य विभाग को 5 लाख रुपये और उच्च शिक्षा विभाग को 14.50 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं जिले में मंगलवार को नौ मुख्य सड़कों सहित करीब 40 छोटे बड़े संपर्क सड़कें बाधित हुए हैं, जिनकी देर रात तक मरम्मत करने में लोक निर्माण विभाग जुटा रहा। प्रशासन की टीम ने श्री नयनादेवी जी क्षेत्र के अंबुवाला और मंडयाली गांवों का निरीक्षण किया। वहीं, मझेड़ गांव निवासी रणजीत सिंह का मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त पाया गया। प्रशासन ने उन्हें तात्कालिक राहत के तौर पर 25 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की। तहसीलदार एवं मंदिर अधिकारी संजीव प्रभाकर ने बताया कि प्रभावित परिवारों की सूची तैयार की जा रही है। सभी प्रभावितों को नियमानुसार सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन लगातार बारिश से प्रभावित क्षेत्रों का जायजा ले रहा है और नुकसान की भरपाई के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन समलेटू से जकातखाना तक सिंगल लेन चल रहा है। वहीं मैहला में वन वे यातायात है।
विज्ञापन
उपतहसील भराड़ी के अंतर्गत आने पीएम श्री मुख्यमंत्री आदर्श राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भराड़ी के शौचालय खतरे की जद में आ गए हैं। भारी बारिश के चलते स्कूल की पिछली तरफ से भूस्खलन हो रहा है। मिट्टी का कटाव होने से अब शौचालय कभी भी ढह सकते हैं।
विज्ञापन
इनसेट
नंगल-भाखड़ा रेल लाइन के ट्रैक पर जगह-जगह भूस्खलन हुआ है। इस कारण रेल सेवा बंद है। इससे बीबीएमबी के कर्मचारियों को आवाजाही में परेशानी हो रही है। उन्हें रेल मार्ग छोड़कर वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करना पड़ रहा है।