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Bilaspur News: फोरलेन में अधिग्रहित भवनों पर फिर उठे सवाल, बिजली कनेक्शनों की होगी संयुक्त जांच

Mon, 08 Jun 2026 11:07 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Mon, 08 Jun 2026 11:07 PM IST
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Questions raised again on the buildings acquired in the four-lane, there will be a joint investigation of the electricity connections.
मुआवजा लेने के बाद भी जारी हैं कनेक्शन, बिजली बोर्ड ने मांगा संयुक्त सत्यापन
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कीरतपुर-नेरचौक परियोजना में अधिग्रहित भवनों में बिजली आपूर्ति पर प्रशासन करेगा संयुक्त निरीक्षण



बार-बार शिकायतों के बाद हरकत में बिजली बोर्ड,घुमारवीं एसडीएम से सहयोग का आग्रह



संवाद न्यूज एजेंसी



बिलासपुर। कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन परियोजना के तहत अधिग्रहित भवनों और संरचनाओं में कथित रूप से अब भी बिजली आपूर्ति जारी रहने के मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड ने उपमंडलाधिकारी (नागरिक) घुमारवीं से संयुक्त निरीक्षण करवाने का आग्रह किया है, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।




विद्युत उपमंडल कंदरौर के सहायक अभियंता द्वारा 30 मई 2026 को जारी पत्र में कहा गया है कि शिकायतकर्ता लगातार विभिन्न विभागों और वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष शिकायतें एवं अभ्यावेदन प्रस्तुत कर रहे हैं। शिकायतों में कहा गया है कि कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन परियोजना के लिए जिन भवनों, संरचनाओं और भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है तथा जिनके मालिकों को मुआवजा भी मिल चुका है, उनमें से कुछ स्थानों पर अभी भी पुराने बिजली कनेक्शनों के माध्यम से बिजली का उपयोग किया जा रहा है। पत्र के अनुसार, इस विषय पर पहले भी संयुक्त निरीक्षण किए जा चुके हैं। उन निरीक्षणों के दौरान जिन कनेक्शनों की पहचान हुई थी, उन्हें विद्युत बोर्ड द्वारा काट दिया गया था। इसके बावजूद मामले में लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, जिनमें आरोप लगाया जा रहा है कि कुछ अधिग्रहित भवनों में अब भी ऐसे बिजली कनेक्शन मौजूद हैं जो जांच के दौरान छूट गए थे अथवा बिना अनुमति संचालित किए जा रहे हैं ।मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिशासी अभियंता, विद्युत मंडल घुमारवीं के निर्देश पर विद्युत बोर्ड ने इस विषय को जिला राजस्व अधिकारी बिलासपुर के समक्ष भी उठाया था। इसके बाद जिला राजस्व अधिकारी कार्यालय द्वारा 14 मई 2026 को जारी पत्र में सुझाव दिया गया कि मामले को उपमंडलाधिकारी (नागरिक) घुमारवीं के माध्यम से आवश्यक संयुक्त निरीक्षण और सत्यापन के लिए आगे बढ़ाया जाए। विद्युत बोर्ड ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि किसी भी भवन या संरचना की बिजली आपूर्ति केवल उसी स्थिति में काटी जा सकती है जब राजस्व विभाग यह प्रमाणित कर दे कि संबंधित भवन फोरलेन परियोजना के लिए अधिग्रहित क्षेत्र में आता है तथा उसके लिए मुआवजा प्रदान किया जा चुका है। विभाग का कहना है कि बिना राजस्व विभाग की पुष्टि के बिजली आपूर्ति बंद करने पर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है और निर्दोष उपभोक्ताओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसी कारण बोर्ड ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि राजस्व विभाग, विद्युत बोर्ड और अन्य संबंधित विभागों की संयुक्त टीम गठित कर मौके पर निरीक्षण एवं सत्यापन करवाया जाए। निरीक्षण के दौरान यदि ऐसे भवनों की पहचान होती है जो अधिग्रहण और मुआवजा प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद बिजली का उपयोग कर रहे हैं, तो राजस्व विभाग की पुष्टि के बाद संबंधित बिजली कनेक्शनों को नियमानुसार विच्छेदित किया जाएगा। विद्युत बोर्ड का मानना है कि संयुक्त निरीक्षण से न केवल वास्तविक स्थिति सामने आएगी बल्कि लंबे समय से चल रही शिकायतों और विवादों का भी स्थायी समाधान निकल सकेगा। अब प्रशासन की ओर से संयुक्त निरीक्षण की तिथि तय किए जाने का इंतजार किया जा रहा है।
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