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Bilaspur News: अल्ट्राटेक-साई खारसी-रानीकोटला सड़क पर भड़का जनाक्रोश
Sun, 09 Nov 2025 11:05 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Sun, 09 Nov 2025 11:05 PM IST
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लोक निर्माण विभाग से सड़क तुरंत वापस लेने की उठी मांग
कंपनी मुनाफा कमा रही, स्थानीय लोग धूल फांकने को मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी की ओर से साई-खारसी-रानीकोटला-जबल पुल सड़क के घटिया निर्माण और धूल मिट्टी की समस्या को लेकर लोगों ने कड़ा रोष जताया है। कहा कि यह सड़क पिछले कई वर्ष से बदहाल और जानलेवा बन चुकी है, जहां हर दिन सफर करना मौत को दावत देने जैसा है।
समाजसेवी रजनीश शर्मा ने मीडिया से कहा कि अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी भारी मुनाफा कमा रही है, जबकि स्थानीय लोग धूल-मिट्टी और हादसों की मार झेल रहे हैं। सड़क पर लगातार भारी ट्रकों की आवाजाही और घटिया निर्माण कार्य से किसानों की खेती, बागवानी और पशुओं का जीवन प्रभावित हो चुका है। कहा कि कंपनी और लोक निर्माण विभाग ने नियमों को ताक पर रखकर मनमर्जी से सीमेंट सड़क बनानी शुरू कर दी है, जो कि मुख्य सड़कों पर पूरी तरह से अवैध और खतरनाक है। कहा कि सड़क में सीमेंट बिछाने से यह ऊंची और असमान हो गई है, जिससे वाहन फिसलने और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। जुखाला क्षेत्र की यह मुख्य सड़क अब पैरापिट की ऊंचाई तक पहुंच चुकी है। सड़क की बदहाली के कारण करोट, कोटलु, मारकंडेश्वर धाम और जुखाला वैली में संतरा, अमरूद जैसी बागवानी को भी भारी नुकसान हुआ है। चमन लाल ठाकुर, बलवीर सिंह, देशराज ठाकुर, विक्रम ठाकुर, अखिल शर्मा और रविंद्र ठाकुर आदि ने बताया कि उड़ती धूल से खेती चौपट हो चुकी है और लाखों की फसल बर्बाद हो गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर कंपनी के अधीन यह अधूरी सड़क क्यों दी गई, जबकि विभाग के पास पहले से ही पुरानी जिला सड़क मौजूद थी। रजनीश शर्मा ने प्रदेश सरकार, सड़क मंत्री और जिला प्रशासन से मांग की है कि यह सड़क तुरंत प्रभाव से कंपनी से वापस लेकर लोक निर्माण विभाग के अधीन दी जाए और विभागीय नियमों के अनुसार इसपर चारकोल बिछाया जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मांगें पूरी नहीं हुईं तो स्थानीय लोग कंपनी, जिला प्रशासन और सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे। कहा कि दूध की रखवाली बिल्ली को नहीं दी जा सकती, लेकिन यहां कंपनी खुद अपने कार्य की निगरानी कर रही है, यह एक बड़े प्रशासनिक लापरवाही और संभावित घोटाले की ओर इशारा करता है। स्थानीय लोगों ने सड़क की पूरी जांच मजिस्ट्रेट से करवाने, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और क्षेत्र की अन्य सड़कों जब्बल पुल से ब्रह्मपुखर तक की भी मरम्मत करने की मांग उठाई है।
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कंपनी मुनाफा कमा रही, स्थानीय लोग धूल फांकने को मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी की ओर से साई-खारसी-रानीकोटला-जबल पुल सड़क के घटिया निर्माण और धूल मिट्टी की समस्या को लेकर लोगों ने कड़ा रोष जताया है। कहा कि यह सड़क पिछले कई वर्ष से बदहाल और जानलेवा बन चुकी है, जहां हर दिन सफर करना मौत को दावत देने जैसा है।
समाजसेवी रजनीश शर्मा ने मीडिया से कहा कि अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी भारी मुनाफा कमा रही है, जबकि स्थानीय लोग धूल-मिट्टी और हादसों की मार झेल रहे हैं। सड़क पर लगातार भारी ट्रकों की आवाजाही और घटिया निर्माण कार्य से किसानों की खेती, बागवानी और पशुओं का जीवन प्रभावित हो चुका है। कहा कि कंपनी और लोक निर्माण विभाग ने नियमों को ताक पर रखकर मनमर्जी से सीमेंट सड़क बनानी शुरू कर दी है, जो कि मुख्य सड़कों पर पूरी तरह से अवैध और खतरनाक है। कहा कि सड़क में सीमेंट बिछाने से यह ऊंची और असमान हो गई है, जिससे वाहन फिसलने और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। जुखाला क्षेत्र की यह मुख्य सड़क अब पैरापिट की ऊंचाई तक पहुंच चुकी है। सड़क की बदहाली के कारण करोट, कोटलु, मारकंडेश्वर धाम और जुखाला वैली में संतरा, अमरूद जैसी बागवानी को भी भारी नुकसान हुआ है। चमन लाल ठाकुर, बलवीर सिंह, देशराज ठाकुर, विक्रम ठाकुर, अखिल शर्मा और रविंद्र ठाकुर आदि ने बताया कि उड़ती धूल से खेती चौपट हो चुकी है और लाखों की फसल बर्बाद हो गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर कंपनी के अधीन यह अधूरी सड़क क्यों दी गई, जबकि विभाग के पास पहले से ही पुरानी जिला सड़क मौजूद थी। रजनीश शर्मा ने प्रदेश सरकार, सड़क मंत्री और जिला प्रशासन से मांग की है कि यह सड़क तुरंत प्रभाव से कंपनी से वापस लेकर लोक निर्माण विभाग के अधीन दी जाए और विभागीय नियमों के अनुसार इसपर चारकोल बिछाया जाए।
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उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मांगें पूरी नहीं हुईं तो स्थानीय लोग कंपनी, जिला प्रशासन और सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे। कहा कि दूध की रखवाली बिल्ली को नहीं दी जा सकती, लेकिन यहां कंपनी खुद अपने कार्य की निगरानी कर रही है, यह एक बड़े प्रशासनिक लापरवाही और संभावित घोटाले की ओर इशारा करता है। स्थानीय लोगों ने सड़क की पूरी जांच मजिस्ट्रेट से करवाने, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और क्षेत्र की अन्य सड़कों जब्बल पुल से ब्रह्मपुखर तक की भी मरम्मत करने की मांग उठाई है।
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