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Bilaspur News: सेवा शर्तें बिल 2024 के खिलाफ काले बिल्ले लगाकर प्राध्यापकों ने जताया विरोध
Fri, 20 Dec 2024 11:52 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Fri, 20 Dec 2024 11:52 PM IST
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घुमारवीं कॉलेज में काले बिल्ले लगाकर विरोध करते प्राध्यापक । स्रोत: कॉलेज प्रबंधन
-बोले, वरिष्ठता सहित सभी लाभ देने का हाईकोर्ट ने सरकार को दिया था आदेश
- नियुक्ति तिथि से लाभ न मिलना न्यायालय के आदेश का सीधा उल्लंघन
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। प्रदेश राजकीय महाविद्यालय प्राध्यापक संघ के आह्वान पर शुक्रवार को राजकीय महाविद्यालय घुमारवीं की स्थानीय इकाई ने हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा लाए गए हिमाचल प्रदेश सरकारी कर्मचारी नियुक्ति, सेवा शर्तें बिल 2024 के खिलाफ काले बिल्ले लगाकर और गेट मीटिंग आयोजित कर अपना विरोध जताया।
अनुबंध आधार पर नियुक्त कॉलेज प्राध्यापकों ने आरोप लगाया कि 2009 से लंबी लड़ाई लड़ने के बाद उन्हें उच्च न्यायालय शिमला से वरिष्ठता सहित सभी लाभ देने का आदेश मिला था। हालांकि, कुछ प्राध्यापकों को यह लाभ मिला है, लेकिन बड़ी संख्या में प्राध्यापक अब भी वंचित हैं। प्राध्यापकों का कहना है कि प्रदेश सरकार ने हाल ही में एक कर्मचारी विरोधी बिल पारित किया है, जिसे 12 दिसंबर 2003 से प्रभावी माना जाएगा। इसके जरिए नियुक्ति तिथि से लाभ न दिए जाने की व्यवस्था की गई है, जो न्यायालय के आदेश का सीधा उल्लंघन है। कहा कि पुरानी पेंशन योजना लागू करने पर सरकार का स्वागत किया गया था। लेकिन इसके बाद सरकार ने ऐसे कई फैसले लिए हैं, जो कर्मचारी और शिक्षक विरोधी हैं। इनमें स्टडी लीव पर जाने वाले प्राध्यापकों को सिर्फ 40 प्रतिशत वेतन देने का फैसला, पीरियड आधार पर गेस्ट फैकल्टी की नियुक्ति, और अब यह नया बिल शामिल है।
एचजीसीटीए ने इस बिल को वापस लेने की मांग की है। संघ ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इसे वापस नहीं लिया, तो अन्य कर्मचारी संगठनों के साथ मिलकर संघर्ष का रास्ता अपनाया जाएगा, और इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी। गेट मीटिंग में एचजीसीटीए की स्थानीय इकाई के प्रधान डॉ. नित्तम चंदेल, सचिव प्रो. शक्ति सिंह, वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. प्रीतम लाल, प्रो. बचन सिंह, पूर्व इकाई प्रधान डॉ. सुरेश शर्मा, प्रो. विक्रम कपिल, प्रो. अनिल जम्बाल, प्रो. विनोद सहित अन्य मौजूद रहे।
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- नियुक्ति तिथि से लाभ न मिलना न्यायालय के आदेश का सीधा उल्लंघन
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। प्रदेश राजकीय महाविद्यालय प्राध्यापक संघ के आह्वान पर शुक्रवार को राजकीय महाविद्यालय घुमारवीं की स्थानीय इकाई ने हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा लाए गए हिमाचल प्रदेश सरकारी कर्मचारी नियुक्ति, सेवा शर्तें बिल 2024 के खिलाफ काले बिल्ले लगाकर और गेट मीटिंग आयोजित कर अपना विरोध जताया।
अनुबंध आधार पर नियुक्त कॉलेज प्राध्यापकों ने आरोप लगाया कि 2009 से लंबी लड़ाई लड़ने के बाद उन्हें उच्च न्यायालय शिमला से वरिष्ठता सहित सभी लाभ देने का आदेश मिला था। हालांकि, कुछ प्राध्यापकों को यह लाभ मिला है, लेकिन बड़ी संख्या में प्राध्यापक अब भी वंचित हैं। प्राध्यापकों का कहना है कि प्रदेश सरकार ने हाल ही में एक कर्मचारी विरोधी बिल पारित किया है, जिसे 12 दिसंबर 2003 से प्रभावी माना जाएगा। इसके जरिए नियुक्ति तिथि से लाभ न दिए जाने की व्यवस्था की गई है, जो न्यायालय के आदेश का सीधा उल्लंघन है। कहा कि पुरानी पेंशन योजना लागू करने पर सरकार का स्वागत किया गया था। लेकिन इसके बाद सरकार ने ऐसे कई फैसले लिए हैं, जो कर्मचारी और शिक्षक विरोधी हैं। इनमें स्टडी लीव पर जाने वाले प्राध्यापकों को सिर्फ 40 प्रतिशत वेतन देने का फैसला, पीरियड आधार पर गेस्ट फैकल्टी की नियुक्ति, और अब यह नया बिल शामिल है।
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एचजीसीटीए ने इस बिल को वापस लेने की मांग की है। संघ ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इसे वापस नहीं लिया, तो अन्य कर्मचारी संगठनों के साथ मिलकर संघर्ष का रास्ता अपनाया जाएगा, और इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी। गेट मीटिंग में एचजीसीटीए की स्थानीय इकाई के प्रधान डॉ. नित्तम चंदेल, सचिव प्रो. शक्ति सिंह, वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. प्रीतम लाल, प्रो. बचन सिंह, पूर्व इकाई प्रधान डॉ. सुरेश शर्मा, प्रो. विक्रम कपिल, प्रो. अनिल जम्बाल, प्रो. विनोद सहित अन्य मौजूद रहे।

घुमारवीं कॉलेज में काले बिल्ले लगाकर विरोध करते प्राध्यापक । स्रोत: कॉलेज प्रबंधन
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