{"_id":"6989dd8984dbcbdc420f6aea","slug":"private-buses-are-running-with-open-doors-in-ghumarwin-bilaspur-news-c-92-1-ssml1001-153705-2026-02-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bilaspur News: घुमारवीं में निजी बसों की मनमानी, खुले दरवाजों के साथ दौड़ रहीं बसें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bilaspur News: घुमारवीं में निजी बसों की मनमानी, खुले दरवाजों के साथ दौड़ रहीं बसें
Mon, 09 Feb 2026 11:42 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Mon, 09 Feb 2026 11:42 PM IST
विज्ञापन
घुमारवीं में चलती बस की खुली खिड़की। संवाद
ग्राउंड रिपोर्ट
व्यस्त बाजार में यात्रियों और राहगीरों की जान खतरे में, नियमों की अनदेखी
यात्री अपने को कर रहे असहज महसूस
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। घुमारवीं शहर और इसके आसपास के क्षेत्रों में निजी बस चालकों और परिचालकों द्वारा यातायात नियमों की अनदेखी लगातार सामने आ रही है। चलती बसों में खुले दरवाजों के साथ सवारियां ढोने का सिलसिला आम हो गया है। यह स्थिति न केवल बस में सफर कर रहे यात्रियों के लिए खतरा बन रही है, बल्कि व्यस्त बाजार क्षेत्र में पैदल आवाजाही करने वाले राहगीरों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
ग्राउंड पर स्थिति यह है कि जैसे ही निजी बसें घुमारवीं बस स्टैंड से बाहर निकलती हैं, कई बसों में परिचालक दरवाजे पर खड़े होकर यात्रियों को आवाज लगाते नजर आते हैं। गांधी चौक से लेकर दकड़ी चौक तक का पूरा बाजार क्षेत्र इस लापरवाही की चपेट में है। सुबह और शाम के व्यस्त समय में जब बाजार में भीड़ रहती है, उस दौरान खुले दरवाजों के साथ तेज गति से गुजरती बसें किसी भी समय बड़े हादसे को न्योता देती दिखाई देती हैं। बसों के भीतर खड़े यात्रियों को यात्रा के दौरान भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। अचानक ब्रेक लगने या मोड़ पर बस के झटके से गिरने का खतरा बना रहता है। कई यात्रियों ने बताया कि खुले दरवाजों के कारण वे पूरी यात्रा के दौरान अपने आप को असुरक्षित महसूस करते हैं, लेकिन मजबूरी में सफर करना पड़ता है। खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और स्कूली बच्चों के लिए यह स्थिति और भी ज्यादा खतरनाक है। घुमारवीं का बाजार क्षेत्र पहले से ही संकरा और व्यस्त है। सड़क किनारे दुकानें, फुटपाथ पर खड़े लोग और सड़क पार करते राहगीर इन सबके बीच खुले दरवाजों वाली बसों का गुजरना खतरे को कई गुना बढ़ा देता है। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि कई बार बसों के खुले दरवाजे सड़क किनारे खड़े लोगों के बेहद करीब से गुजरते हैं, जिससे हमेशा अनहोनी की आशंका बनी रहती है।
यातायात नियमों के अनुसार सार्वजनिक परिवहन वाहनों के संचालन के दौरान बसों के दरवाजे बंद रखना अनिवार्य है। इसके बावजूद घुमारवीं क्षेत्र में निजी बस चालक परिचालक इस नियम का नियमित उल्लंघन कर रहे हैं। जिस पर यात्रियों और स्थानीय लोगों द्वारा कई बार आपत्ति भी जताई गई, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। यातायात पुलिस की ओर से नियमों के उल्लंघन को लेकर समय-समय पर कार्रवाई की जाती रही है। चालान काटे जाते हैं और चेतावनियां भी दी जाती हैं। कार्रवाई के बाद कुछ समय तक स्थिति में सुधार जरूर नजर आता है, लेकिन कुछ ही दिनों में फिर से वही लापरवाही देखने को मिलती है। इससे लोगों में यह धारणा बन रही है कि कार्रवाई केवल औपचारिकता बनकर रह गई है।
विज्ञापन
इनसेट
नियमित निगरानी की मांग
स्थानीय लोगों और यात्रियों ने परिवहन विभाग और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि निजी बसों की नियमित जांच की जाए और नियम तोड़ने वालों पर निरंतर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि घुमारवीं के बाजार क्षेत्र में यात्रियों और राहगीरों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
इनसेट
मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चलाने की शिकायतें भी
ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ मामलों में निजी बस चालक वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते नजर आए। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही किसी भी समय गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। लोगों ने मांग की है कि ऐसे चालकों के खिलाफ विशेष रूप से सख्त कार्रवाई की जाए।
कोट
नियम तोड़ने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई : एसपी
इस पूरे मामले पर पुलिस अधीक्षक संदीप धवल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यातायात नियमों का उल्लंघन किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। निजी बस चालकों और परिचालकों द्वारा लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यात्रियों की जान जोखिम में डालने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
विज्ञापन
व्यस्त बाजार में यात्रियों और राहगीरों की जान खतरे में, नियमों की अनदेखी
यात्री अपने को कर रहे असहज महसूस
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। घुमारवीं शहर और इसके आसपास के क्षेत्रों में निजी बस चालकों और परिचालकों द्वारा यातायात नियमों की अनदेखी लगातार सामने आ रही है। चलती बसों में खुले दरवाजों के साथ सवारियां ढोने का सिलसिला आम हो गया है। यह स्थिति न केवल बस में सफर कर रहे यात्रियों के लिए खतरा बन रही है, बल्कि व्यस्त बाजार क्षेत्र में पैदल आवाजाही करने वाले राहगीरों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
ग्राउंड पर स्थिति यह है कि जैसे ही निजी बसें घुमारवीं बस स्टैंड से बाहर निकलती हैं, कई बसों में परिचालक दरवाजे पर खड़े होकर यात्रियों को आवाज लगाते नजर आते हैं। गांधी चौक से लेकर दकड़ी चौक तक का पूरा बाजार क्षेत्र इस लापरवाही की चपेट में है। सुबह और शाम के व्यस्त समय में जब बाजार में भीड़ रहती है, उस दौरान खुले दरवाजों के साथ तेज गति से गुजरती बसें किसी भी समय बड़े हादसे को न्योता देती दिखाई देती हैं। बसों के भीतर खड़े यात्रियों को यात्रा के दौरान भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। अचानक ब्रेक लगने या मोड़ पर बस के झटके से गिरने का खतरा बना रहता है। कई यात्रियों ने बताया कि खुले दरवाजों के कारण वे पूरी यात्रा के दौरान अपने आप को असुरक्षित महसूस करते हैं, लेकिन मजबूरी में सफर करना पड़ता है। खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और स्कूली बच्चों के लिए यह स्थिति और भी ज्यादा खतरनाक है। घुमारवीं का बाजार क्षेत्र पहले से ही संकरा और व्यस्त है। सड़क किनारे दुकानें, फुटपाथ पर खड़े लोग और सड़क पार करते राहगीर इन सबके बीच खुले दरवाजों वाली बसों का गुजरना खतरे को कई गुना बढ़ा देता है। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि कई बार बसों के खुले दरवाजे सड़क किनारे खड़े लोगों के बेहद करीब से गुजरते हैं, जिससे हमेशा अनहोनी की आशंका बनी रहती है।
विज्ञापन
यातायात नियमों के अनुसार सार्वजनिक परिवहन वाहनों के संचालन के दौरान बसों के दरवाजे बंद रखना अनिवार्य है। इसके बावजूद घुमारवीं क्षेत्र में निजी बस चालक परिचालक इस नियम का नियमित उल्लंघन कर रहे हैं। जिस पर यात्रियों और स्थानीय लोगों द्वारा कई बार आपत्ति भी जताई गई, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। यातायात पुलिस की ओर से नियमों के उल्लंघन को लेकर समय-समय पर कार्रवाई की जाती रही है। चालान काटे जाते हैं और चेतावनियां भी दी जाती हैं। कार्रवाई के बाद कुछ समय तक स्थिति में सुधार जरूर नजर आता है, लेकिन कुछ ही दिनों में फिर से वही लापरवाही देखने को मिलती है। इससे लोगों में यह धारणा बन रही है कि कार्रवाई केवल औपचारिकता बनकर रह गई है।
विज्ञापन
इनसेट
नियमित निगरानी की मांग
स्थानीय लोगों और यात्रियों ने परिवहन विभाग और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि निजी बसों की नियमित जांच की जाए और नियम तोड़ने वालों पर निरंतर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि घुमारवीं के बाजार क्षेत्र में यात्रियों और राहगीरों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
इनसेट
मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चलाने की शिकायतें भी
ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ मामलों में निजी बस चालक वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते नजर आए। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही किसी भी समय गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। लोगों ने मांग की है कि ऐसे चालकों के खिलाफ विशेष रूप से सख्त कार्रवाई की जाए।
कोट
नियम तोड़ने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई : एसपी
इस पूरे मामले पर पुलिस अधीक्षक संदीप धवल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यातायात नियमों का उल्लंघन किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। निजी बस चालकों और परिचालकों द्वारा लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यात्रियों की जान जोखिम में डालने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

घुमारवीं में चलती बस की खुली खिड़की। संवाद