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Bilaspur News: नयना देवी मंदिर में 43 हजार श्रद्धालुओं ने टेका माथा
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सुबह 4:00 बजे श्रद्धालुओं के लिए खुले मंदिर के कपाट
पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, हिमाचल सहित कई राज्यों से पहुंचे श्रद्धालु
संवाद न्यूज एजेंसी
श्री नयना देवी जी (बिलासपुर)। विश्वविख्यात शक्तिपीठ श्री नयना देवी मंदिर में रविवार को आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। 43 हजार श्रद्धालुओं ने माता के दरबार में पहुंचकर दर्शन कर पूजा-अर्चना की। माता रानी का आशीर्वाद प्राप्त किया। रविवार होने के चलते सुबह से ही मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली। मंदिर के कपाट सुबह 4:00 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। इसके बावजूद तड़के से ही श्रद्धालु कतारों में लगने शुरू हो गए थे।
मंदिर अधिकारी चतर सिंह रनौत ने बताया कि दिन चढ़ने के साथ भीड़ और बढ़ती गई और दोपहर तक पूरा मंदिर परिसर जय माता दी के जयकारों से गूंज उठा। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन करने के लिए पहुंचे। कई श्रद्धालु रात के समय ही मंदिर पहुंच गए थे, ताकि सुबह सबसे पहले दर्शन कर सकें। परिवारों, बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों में माता के प्रति गहरी आस्था देखने को मिली। भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन पूरी तरह सतर्क और मुस्तैद रहा। मंदिर अधिकारी चतर सिंह रनौत और सुरक्षा इंचार्ज महेंद्र सिंह ने स्वयं व्यवस्थाओं की कमान संभाली और समय-समय पर सुरक्षा कर्मियों को दिशा-निर्देश देते रहे। पुलिस, होमगार्ड और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के जवानों को विभिन्न स्थानों पर तैनात किया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो। दोपहर की आरती के बाद जैसे ही श्रद्धालुओं की संख्या में और इजाफा हुआ, प्रशासन ने सूझबूझ का परिचय देते हुए श्रद्धालुओं को छोटे-छोटे समूहों में मंदिर में भेजना शुरू किया। इससे न केवल भीड़ पर नियंत्रण बना रहा, बल्कि श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन भी हो सके।
मंदिर परिसर के बाहर होमगार्ड के जवानों ने व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई। श्रद्धालुओं को लंबी कतारों में व्यवस्थित किया गया और धीरे-धीरे आगे बढ़ाया गया।
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मंदिर अधिकारी ने बताया कि नवरात्रों के समापन के बाद भी श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। विशेषकर रविवार को यह संख्या कई गुना बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि मंदिर प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए गए हैं। मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार और निकासी द्वार पर पंजाब की विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं की ओर से श्रद्धालुओं के लिए चाय, पानी और जलपान की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं ने भी मंदिर प्रशासन की ओर की गई व्यवस्था की सराहना की। उनका कहना था कि भारी भीड़ के बावजूद दर्शन व्यवस्था सुव्यवस्थित रही और किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।
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पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, हिमाचल सहित कई राज्यों से पहुंचे श्रद्धालु
संवाद न्यूज एजेंसी
श्री नयना देवी जी (बिलासपुर)। विश्वविख्यात शक्तिपीठ श्री नयना देवी मंदिर में रविवार को आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। 43 हजार श्रद्धालुओं ने माता के दरबार में पहुंचकर दर्शन कर पूजा-अर्चना की। माता रानी का आशीर्वाद प्राप्त किया। रविवार होने के चलते सुबह से ही मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली। मंदिर के कपाट सुबह 4:00 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। इसके बावजूद तड़के से ही श्रद्धालु कतारों में लगने शुरू हो गए थे।
मंदिर अधिकारी चतर सिंह रनौत ने बताया कि दिन चढ़ने के साथ भीड़ और बढ़ती गई और दोपहर तक पूरा मंदिर परिसर जय माता दी के जयकारों से गूंज उठा। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन करने के लिए पहुंचे। कई श्रद्धालु रात के समय ही मंदिर पहुंच गए थे, ताकि सुबह सबसे पहले दर्शन कर सकें। परिवारों, बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों में माता के प्रति गहरी आस्था देखने को मिली। भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन पूरी तरह सतर्क और मुस्तैद रहा। मंदिर अधिकारी चतर सिंह रनौत और सुरक्षा इंचार्ज महेंद्र सिंह ने स्वयं व्यवस्थाओं की कमान संभाली और समय-समय पर सुरक्षा कर्मियों को दिशा-निर्देश देते रहे। पुलिस, होमगार्ड और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के जवानों को विभिन्न स्थानों पर तैनात किया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो। दोपहर की आरती के बाद जैसे ही श्रद्धालुओं की संख्या में और इजाफा हुआ, प्रशासन ने सूझबूझ का परिचय देते हुए श्रद्धालुओं को छोटे-छोटे समूहों में मंदिर में भेजना शुरू किया। इससे न केवल भीड़ पर नियंत्रण बना रहा, बल्कि श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन भी हो सके।
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मंदिर परिसर के बाहर होमगार्ड के जवानों ने व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई। श्रद्धालुओं को लंबी कतारों में व्यवस्थित किया गया और धीरे-धीरे आगे बढ़ाया गया।
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मंदिर अधिकारी ने बताया कि नवरात्रों के समापन के बाद भी श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। विशेषकर रविवार को यह संख्या कई गुना बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि मंदिर प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए गए हैं। मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार और निकासी द्वार पर पंजाब की विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं की ओर से श्रद्धालुओं के लिए चाय, पानी और जलपान की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं ने भी मंदिर प्रशासन की ओर की गई व्यवस्था की सराहना की। उनका कहना था कि भारी भीड़ के बावजूद दर्शन व्यवस्था सुव्यवस्थित रही और किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।